Wednesday, April 15, 2026

मुख्यमंत्री ने दिए सिविल सर्विसिस अवॉर्ड, प्रेरणा सम्मान और गौरव पुरस्कार

HP Web on Wednesday 15th April 2026 at 14:46 Regarding Civil Services Award

9 लाभार्थियों को एक-एक लाख के चेक और 24 परिवारों को दिए पट्टे


शिमला
: 15 अप्रैल, 2026: (
मीडिया लिंक 32//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

मुख्यमंत्री ने आज के दिन को यादगारी बनाते हुए चुने हुए लोगों को दिए सिविल सर्विसिस अवॉर्ड, प्रेरणा स्रोत सम्मान और हिमाचल गौरव पुरस्कार। इस तरह आज का दिन बहुत से लोगों के लिए यादगारी दिन बन गया। इस सुअवसर पर 9 लाभार्थियों को एक-एक लाख के चेक और 24 परिवारों को दिए पट्टे। इन लोगों का मानना था कि आज तो उन पर भगवान जी की विशेष कृपा हुई है।  

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल दिवस के उपलक्ष्य पर हिमाचल की विभूतियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में हिमाचल का नाम रोशन करने एवं उल्लेखनीय सेवाओं तथा कार्यों के लिए सिविल सर्विसिस अवॉर्ड, प्रेरणा स्रोत सम्मान और हिमाचल गौरव पुरस्कार से नवाजा। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन को विभागीय/संस्थान श्रेणी में और डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग को विभागीय/संस्थान श्रेणी में एवं उप-मंडलाधिकारी (नागरिक) बल्ह, जिला मंडी की स्मृतिका नेगी को व्यक्तिगत श्रेणी में सिविल सर्विसिस अवार्ड से सम्मानित किया गया। 

ज़िला शिमला के भोंट की चारू शर्मा को और जिला किन्नौर की यंगथंग तहसील के चांगो गांव की छोनज़िन ऐंग्मो को व्यक्गित श्रेणी में प्रेरणा स्रोत सम्मान से नवाजा गया। भारतीय राष्ट्रीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य जिला सिरमौर की शिलाई तहसील के शरोग गांव की रितु नेगी, शिलाई तहसील के धकौली गांव की साक्षी शर्मा, शिलाई तहसील के मेलाह टेक गांव की पुष्पा, मंडी जिला के बेला गांव की भावन देवी और जिला चंबा की चुराह तहसील के बघाईगढ़ गांव की चंपा ठाकुर को ग्रुप श्रेणी में प्रेरणा स्रोत सम्मान से पुरस्कृत किया गया। चमियाणा अस्पताल के डिपार्टमेंट ऑफ यूरोलॉजी को भी प्रेरणा स्रोत सम्मान प्रदान किया गया। 

ज़िला बिलासपुर के बरठी के कंडयाणा गांव के पदम् श्री से अलंकृत प्रेम लाल गौतम, जिला हमीरपुर की नादौन तहसील के डांगरी गांव के डॉ. ओ.पी. शर्मा, अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाणा, जिला शिमला के प्रिंसिपल डॉ. ब्रिज शर्मा, शिमला निवासी हरलीन कौर और जिला बिलासपुर की घुमारवीं तहसील के बछरीन गांव की स्नेहलता को व्यक्तिगत श्रेणी में हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 

मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय पुरस्कार के लिए किन्नौर पुलिस के एएसआई विकास गुलेरिया, हेड कांस्टेबल ललित कुमार तथा मेहर चंद को उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता भीम सेन नेगी, कनिष्ठ अभियंता सुमित डोगरा और अशोक कुमार, टेक्नीशियन मेधर सिंह और संजीव कुमार को भी सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमोें के प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। 

कार्यक्रम के दौरान 24 परिवारों को मुख्यमंत्री ने एफ़आरए के तहत भूमि के पट्टे भी प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के 9 लाभार्थियों को पहली किश्त के रुप में एक-एक लाख रुपये के चेक भी प्रदान किए। यह राशि विधवाओं, निराश्रित और एकल महिलाओं को घर बनाने के लिए प्रदान की गई है, जिन्हें इस योजना के तहत तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

.0.संख्याः 409/2026

कांग्रेस की राज्य प्रभारी रजनी पाटिल शिमला पहुंची

HP Web on Wednesday 15th April 2026 at 16:42 Regarding in charge Himachal Congress Rajni Patel

 राजनैतिक सरगर्मियां भी तेज़: शख्सियत में है जादू जैसा असर


शिमला:15 अप्रैल 2026: (मीडिया लिंक 32//देवभूमि स्क्रीन डेस्क):: 

शिक्षा, कृषि और राजनीति में अपनी पूरी पकड़ रखने वाली सुश्री रजनी पाटिल हिमाचल में पहुँच चुकी हैं। शिमला में उनका गर्मजोशी से स्वागत भी किया गया। इसी बीच रजनी पाटिल ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट भी की। 

पूर्व राज्यसभा सांसद और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति की प्रभारी रजनी पाटिल ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से औपचारिक भेंट भी की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी।

गौरतलब है कि हिमाचल कांग्रेस की आम सभा वीरवार को शिमला में होगी। उन्होंने पहले ऊना जिला का दौरा किया और इसके बाद बुधवार को शिमला पहुंचीं। शिमला के रिज मैदान पर आयोजित जिलास्तरीय हिमाचल दिवस कार्यक्रम में भी उन्होंने भाग लिया। इसके बाद उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर फीडबैक लिया। जर्मन भाषा में भी उनको अच्छी मुहारत है। जन सभाओं में उनकी मौजूदगी जादूभरा असर छोड़ती है। 

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक हरीश जनारथा, सुदर्शन बबलू, विनोद सुल्तानपुरी तथा हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

.0.संख्याः 411/2026

Tuesday, March 17, 2026

चुनौतियों के बावजूद शिक्षा और स्वास्थ्य बजट में नहीं होगी कोई कटौती-मुख्यमंत्री

HP News on Tuesday 17th March 2026 at 16:25 Regarding Principal's Conference 

उच्च शिक्षा सुधारों पर प्रधानाचार्यों के सम्मेलन की अध्यक्षता 

न्यू एज पाठ्यक्रमों और भाषा कार्यक्रमों पर दिया बल


शिमला
:17 मार्च, 2026: (DIPR//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां उच्च शिक्षा में सुधारों पर आयोजित एक दिवसीय प्रधानाचार्य सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों के बजट में कोई कटौती नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दूरदराज क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का संचार करना अत्यंत आवश्यक है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का पूर्ण आत्मविश्वास और प्रभावी ढंग से सामना कर सकें। इस दिशा में शिक्षा और शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। शिक्षा क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए सरकार ने कई पहल की हैं। उन्होंने विज्ञान, वाणिज्य और ललित कला जैसे विशेष महाविद्यालय खोलने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में 50 बीघा भूमि पर एक विज्ञान कॉलेज स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए सरकार ने 20 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त राज्यभर में वाणिज्य और अन्य विशेष कॉलेज भी स्थापित किए जाएंगे।

इस सुअवसर पर ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में मौजूदा कमियों को दूर करने के लिए और इस दिशा में सार्थक सुधार लाने के दृष्टिगत प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहायक प्राध्यापकों के 400 और जूनियर सहायक प्राध्यापकों के भी 400 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कॉलेजों में न्यू एज के पाठ्यक्रम और अतिरिक्त भाषा कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों की रोजगार प्राप्त करने की क्षमता बढ़ सके। महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों की तर्ज पर कॉलेज रैंकिंग प्रणाली भी लागू की गई है।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि शिक्षा विभाग का पुनर्गठन करते हुए स्कूल शिक्षा निदेशालय और उच्च शिक्षा निदेशालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षक बहुत सक्षम हैं और ये सुधार उन्हें और बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि सीबीएसई स्कूलों की शुरुआत के बाद इनमें छात्रों के दाखिलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अगले दो महीनों में इन स्कूलों में आवश्यकतानुसार सभी शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र का सुदृढ़ीकरण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार के प्रयासों से मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक एमआरआई मशीनें स्थापित की गई हैं और स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी सुविधा की शुरूआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पुरानी पेंशन योजना के बहाली के निर्णय के फलस्वरूप केन्द्र सरकार ने राज्य को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया गया है और 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि ओपीएस कोई राजनीतिक निर्णय नहीं है, बल्कि सरकारी कर्मचारी सम्मानजनक तरीके से वृद्धावस्था में जीवन व्यतीत कर सकें इसलिए सामाजिक सुरक्षा देने के लिए लिया गया निर्णय है।

इस अवसर पर रैंकिंग भी सामने आई। मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालयों की इंटरनल रैंकिंग भी जारी की। समग्र रैंकिंग में राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर पहले स्थान पर रहा, राजकीय महाविद्यालय संजौली दूसरे और राजकीय कन्या महाविद्यालय, शिमला तीसरे स्थान पर रहा। टियर-1 में राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर पहले, संजौली कॉलेज दूसरे और राजकीय कन्या महाविद्यालय, शिमला तीसरे स्थान पर रहा। टियर-2 में राजकीय महाविद्यालय भोरंज पहले, राजकीय महाविद्यालय सरस्वतीनगर (शिमला) दूसरे और राजकीय महाविद्यालय सुन्नी तीसरे स्थान पर रहा। टियर-3 में राजकीय महाविद्यालय कफोटा पहले, राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट दूसरे और राजकीय महाविद्यालय चैलकोटी तीसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री ने सभी शीर्ष रैंकिंग वाले कॉलेजों को सम्मानित किया और प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया।

आयोजन के इस यादगारी अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश संस्कृत अकादमी का विक्रमी संवत कैलेंडर भी जारी किया और बिलासपुर, धर्मशाला तथा चौड़ा मैदान के राजकीय महाविद्यालयों की डिजिटल पहलों का वर्चुअल शुभारम्भ किया।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. सर्बजोत सिंह बहल, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह और विभिन्न कॉलेजों के प्रधानाचार्य उपस्थित थे।

Friday, March 6, 2026

धारा 118 के बाद अब हिमाचल के होटलों से हिमाचल ऑन सेल मुहिम

Jairam Thakur on 6th March 2026 at 5:09 PM Regarding Alleged Sale of Himachal

इस अभियान को ही आगे बढ़ा रही सुक्खू सरकार:जयराम ठाकुर

​एचपीटीडीसी के होटलों को निजी हाथों में सौंपने के निर्णय पर भड़के जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री सुक्खू पर लगाया राज्य की संपदा को कौड़ियों के भाव लुटाने का गंभीर आरोप

शिमला: 6 मार्च 2026: (मीडिया लिंक रविंद्र//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के आठ प्रमुख होटलों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से निजी ऑपरेटरों को सौंपने के आधिकारिक पत्र के सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है, जिसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे 'हिमाचल ऑन सेल' की नीति करार दिया है। जयराम ठाकुर ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार राज्य के बहुमूल्य संसाधनों की खुली लूट कर रही है और जनसंपदा को अपने खास 'मित्रों' की झोली भरने के लिए निजी हाथों में परोस रही है। देवभूमि हिमाचल प्रदेश की भूमि, पहचान और  संसाधनों की रक्षा के लिए बनाए गए हिमाचल प्रदेश भू सुधार एवं किराएदारी अधिनियम 1972 की धारा 118 में छूट दिलाने के नाम पर सरकार पहले से हिमाचल ऑन सेल की मुहिम चला रही है। उसमें अब प्रदेश के होटल भी शामिल कर लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले ही इस बात की आशंका जता चुका था कि सरकार राज्य के सुचारू रूप से चल रहे और लाभप्रद होटलों को जानबूझकर बर्बाद कर उन्हें प्राइवेट सेक्टर को सौंपने की साजिश रच रही है, लेकिन उस समय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि वह ऐसा कभी नहीं होने देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री की कथनी और करनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पर्यटन विभाग के पत्र संख्या OP/O&M/TDC/26 (ओपी/ओ एंड एम/ टीडीसी/ 26) से यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री ने जनता से झूठ बोला और अब आधिकारिक तौर पर प्रदेश की संपदा को बेचा जा रहा है।

उन्होंने दावा किया है कि विभाग द्वारा जारी सूची में बिलासपुर का होटल लेक-व्यू, चिंडी का होटल ममलेश्वर, फागू का होटल एप्पल ब्लॉसम, रोहड़ू का होटल चांशल, कुल्लू का होटल सर्वरी, कसौली का होटल ओल्ड रॉसकॉमन, परवाणू का होटल शिवालिक और खड़ापत्थर का होटल गिरिगंगा शामिल हैं, जिन्हें ऑपरेशन और मेंटेनेंस के आधार पर निजी कंपनियों को आउटसोर्स करने की मंजूरी मुख्यमंत्री द्वारा दे दी गई है।

जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का नारा देने वाली सरकार अब 'हिमाचल को बेचने' की राह पर निकल पड़ी है और इन होटलों के निजीकरण से न केवल राज्य के राजस्व को स्थायी नुकसान होगा, बल्कि सरकारी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों का भविष्य भी अधर में लटक जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घाटे का बहाना बनाकर राज्य की प्राइम लोकेशन पर स्थित इन संपत्तियों को अपने चहेतों को लाभ पहुँचाने के लिए कौड़ियों के भाव लीज पर दे रही है, जो कि हिमाचल की जनता के साथ बड़ा विश्वासघात है।

विपक्ष ने सरकार को चेतावनी दी है कि वे हिमाचल की अस्मिता और संसाधनों के साथ इस तरह का खिलवाड़ नहीं होने देंगे और सदन से लेकर सड़क तक इस 'लूट की नीति' का पुरजोर विरोध किया जाएगा, क्योंकि यह केवल पर्यटन निगम का निजीकरण नहीं बल्कि हिमाचल की आर्थिक संप्रभुता को गिरवी रखने जैसा कदम है।

Thursday, February 5, 2026

केंद्रीय विवि के संस्कृत विभाग की दस दिवसीय कार्यशाला

शिक्षा मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//Posted on 05th February 2026 at 10:10 AM by PIB Shimla

भारतीय ज्ञान परम्परा का सम्यक बोध कराने के लिए प्रशिक्षण

धर्मशाला: 05 फरवरी 2026: (पीआईबी शिमला//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::


भारतीय ज्ञान परम्परा का सम्यक बोध कराने के लिए धर्मशाला में एक विशेष कार्यशाला का आयोजनकराया गया जो बहुत ही उत्साह पूर्ण रहा।
हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परम्परा का सम्यक बोध कराने के लिए अपने सभी विभागों के दो अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इसके तहत सभी विभाग दो अध्यापकों को संस्कृत बोध हेतु नामित करेंगे और हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय का संस्कृत विभाग इन नामित अध्यापकों में संस्कृत बोध पैदा करने के लिए एक वर्ष का पाठ्यक्रम डिजाइन करेगा। यह बातें हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने दस दिवसीय आवासीय संस्कृत संभाषण कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कहीं।

यह कार्यशाला हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय,नई दिल्ली और संस्कृत भारती, हिमाचल प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। प्रो.बंसल ने कहा कि परिसर में सांस्कृतिक बोध को सशक्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय और केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के मध्य जल्द ही एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया जाएगा।


इस अवसर पर केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने
आवासीय सम्भाषण कार्यशाला में सहभाग कर रहे सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और यह आशा जताई कि कार्यशाला भारतीय ज्ञान परम्परा के सातत्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

आवासीय सम्भाषण कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में अतिथियों का स्वागत संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. योगेन्द्र कुमार ने, विषय-प्रवर्तन कार्यशाला के मुख्य-संयाजक प्रो. बृहस्पति मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रणजीत कुमार ने किया। मंच का संचालन डॉ. नरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. नरेन्द्र सांख्यायन, संस्कृत भारती के हिमाचल प्रांत के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त डॉ. कुलदीप कुमार, डॉ अर्चना कुमारी, डॉ. भजहरि दास, डॉ. मुकेश कुमार सहित आवासीय संस्कृत सम्भाषण कार्यशाला में सहभागिता करने वाले विद्यार्थी-शोधार्थी उपस्थित रहे।

SS/RK/NK//(रिलीज़ आईडी: 2224228) 


Saturday, December 20, 2025

HIM MSME FEST 2026, 3-5 जनवरी 2026 तक शिमला में

From Himachal on Saturday 20th Dec 20, 2025 at 8:50 PM Regarding HIM MSME FEST 2026.

नए सहयोग तलाशने वालों को जीवंत मंच प्रदान करना भी है उद्देश्य 


शिमला
: 20 दिसंबर 2025: (मीडिया लिंक टीम//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

उद्योग विभाग 3 से 5 जनवरी 2026 तक शिमला में HIM MSME FEST 2026 का आयोजन करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य MSMEs को एक तरफ ई-कॉमर्स कंपनियों तक पहुंच प्रदान करना और दूसरी तरफ स्थानीय रूप से निर्मित पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित करना है।

इस फेस्ट का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के इच्छुक/मौजूदा उद्यमियों और स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने, खरीदारों, निवेशकों और MSME इकोसिस्टम भागीदारों के साथ बातचीत करने और व्यापार वृद्धि के लिए नए सहयोग तलाशने के लिए एक जीवंत मंच प्रदान करना भी है।

यह माननीय मुख्यमंत्री की एक प्राथमिकता वाली पहल है, जिसका उद्देश्य निवेश सुविधा, महिला उद्यमिता और उद्यम प्रोत्साहन पर केंद्रित प्रयासों के माध्यम से राज्य में समावेशी औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। इस फेस्ट में हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में, माननीय उद्योग मंत्री, भारत सरकार (MoMSME, NITI Aayog, DPIIT) के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और राज्य और केंद्र सरकारों के अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ शामिल होंगे।

03 जनवरी 2026 को फेस्ट का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री द्वारा माननीय उद्योग मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया जाएगा। समारोह में स्टार्टअप पुरस्कार और सम्मान समारोह भी होगा, जिसके बाद एक सांस्कृतिक संध्या होगी जो राज्य भर के कलाकारों को हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।

पहले दिन के प्रमुख आकर्षणों में से एक विभिन्न जिलों की पारंपरिक शिल्प और बुनाई विरासत का प्रतिनिधित्व करने वाली हस्तनिर्मित शॉल का प्रदर्शन होगा। इसके अलावा, तीन दिवसीय फेस्ट की पूरी अवधि के लिए हिमाचल प्रदेश भर के अद्वितीय उत्पादों वाले फैक्ट्री आउटलेट और प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे।

माननीय उद्योग मंत्री ने बताया कि राज्य में औद्योगीकरण की गति को तेज करने के लिए, विभाग ने कुछ केंद्रित संभावित क्षेत्रों जैसे ग्रीन मोबिलिटी, रक्षा, फार्मा, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, AI और इलेक्ट्रॉनिक चिप, डेटा सेंटर और अन्य उभरते क्षेत्रों की पहचान की है। हिमाचल में नए इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट को ट्रैक करने के लिए चर्चा और विचार-विमर्श के लिए प्रमुख इंडस्ट्रियल सेक्टर के कैप्टन्स को बुलाया जा रहा है। इसके अलावा, माननीय मंत्री ने यह भी बताया कि आने वाली नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी के संदर्भ में इंडस्ट्री के कैप्टन्स के साथ भी चर्चा की जाएगी।

इंडस्ट्रीज़ के डायरेक्टर ने यह भी बताया कि स्टार्टअप प्रमोशन, महिला उद्यमिता, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल पर फोकस करते हुए बायर-सेलर मीट और वॉलमार्ट, अमेज़न, GI टैग्ड और ONDC जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ संबंध बनाने जैसे मुख्य विषयों पर थीमेटिक नॉलेज एक्सचेंज सेशन और नेटवर्किंग विचार-विमर्श आयोजित किए जाएंगे। BRICS चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक प्रतिनिधिमंडल के भी CEO इंटरेक्शन में भाग लेने की उम्मीद है।

श्री आर.डी. नज़ीम (IAS) अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) और डॉ. यूनुस (IAS), निदेशक उद्योग, श्री तिलक राज शर्मा, अतिरिक्त निदेशक उद्योग, सुश्री दीपिका खत्री, संयुक्त निदेशक, श्री अनिल ठाकुर, संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया। फेस्ट को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए नियमित बैठकें और ज़मीनी स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

यह कार्यक्रम अर्न्स्ट एंड यंग, ​​CII और BRICS चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ मिलकर आयोजित किया जा रहा है।

Friday, December 12, 2025

एम. डी. इलेवन की टीम ने चेयरमैन इलेवन को पराजित किया

From Rahul Lodta on Friday 12th Dec 2025 at 6:04 PM Regarding Sports Meet

हिमाचल प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के उन्नीसवें स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष 


शिमला
: 12 दिसंबर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

हिमाचल प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के उन्नीसवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित की जा रही क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश  पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड  के प्रबंध निदेशक श्री आबिद हुसैन सादिक ने बी. सी.एस. स्कूल के खेल मैदान में किया । 

इस क्रिकेट प्रतियोगिता के पहले मैच में एम. डी. इलेवन   की टीम ने चेयरमैन इलेवन  की टीम को 5  रनों से  पराजित किया। एम. डी. इलेवन   की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 18 ओवर्स में 108 रनों  का लक्ष्य दिया। एम. डी. इलेवन  की ओर से उप कप्तान हेमंत भारद्वाज ने सर्वाधिक 25 रनों का योगदान दिया। चेयरमैन इलेवन की ओर से योगेश  ओर लवेश लैटका ने तीन-तीन  विकेटस लिए।  चेयरमैन इलेवन की टीम 102 रन बनाकर 18 ओवर्स में आल आउट हो गई। एम. डी. इलेवन   की ओर से हरीश ने 22 रन देकर चार विकेटस, विनोद चौहान ने 8 रन देकर 3 विकेटस  लिए और हेमंत भारद्वाज ने एक विकेट हासिल किया। हेमंत भारद्वाज को मैन ऑफ़ दी मैच चुना गया।

इस अवसर पर श्री नरेश ठाकुर, निदेशक कार्मिक और मनीष महाजन, निदेशक इलेक्ट्रिकल भी उपस्थित रहे।

Saturday, December 6, 2025

मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी में 'स्टिमुलस' कार्यक्रम की अध्यक्षता की

WhatsApp on 06th December 2025:HP Website News Regarding 'Stimulus' at IGMC

चिकित्सकों के लिए इन्सेंटिव पॉलिसी लाने की घोषणा


शिमला
: 06 दिसम्बर, 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय छात्र संघ आईजीएमसी के वार्षिक समारोह ‘स्टीमुल्स’ की अध्यक्षता की

*प्रदेश के पांच चिकित्सा महाविद्यालय होंगे विश्व स्तरीय चिकित्सा तकनीक से लैस 

*आईजीएमसी में लेप्रोस्कोप के लिए पांच करोड़ तथा की घोषणा की 

*इसी तरह एनेस्थीसिया विभाग के लिए छह करोड़ रुपये की घोषणा 

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला (आईजीएमसी) के सभागार में केन्द्रीय छात्र संघ आईजीएमसी द्वारा आयोजित वार्षिक समारोह स्टीमुल्स-2025-26 की अध्यक्षता की।

मुख्यमंत्री ने आकर्षक एवं भावपूर्ण कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि आईजीएमसी के छात्र हर क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन करते हैं। इस चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रों ने देश-विदेश में प्रदेश का नाम रोशन किया है। राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र का विकास इस तरह कर रही है कि प्रदेश के युवा हर वैश्विक चुनौती और प्रतिस्पर्धा का सामना कर सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों के लिए इन्सेंटिव पॉलिसी लाने की घोषणा की। यह इन्संेटिव विभिन्न मानकों पर आधारित होंगे। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में पीजी रेजिडेंट छात्रों को प्रथम वर्ष में 50 हजार रुपये, द्वितीय वर्ष में 60 हजार रुपये और तृतीय वर्ष में 65 हजार रुपये प्रतिमाह करने का प्रावधान किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी में लेप्रोस्कोप के लिए पांच करोड़ रुपये प्रदान करने और एनेस्थीसिया विभाग के लिए छह करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने आईजीएमसी के छात्रावास निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों को भूमि हस्तांतरण शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईजीएमसी प्रधानाचार्य को केएनएच से स्त्री रोग विभाग को आईजीएमसी स्थानांतरित करने के लिए प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने को भी कहा। 

मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी, एआईएमएसएस चमियाणा, आरपीजीएमसी टांडा, नेरचौक और हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालयों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट अधोसंरचना विकास के लिए पांच-पांच करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार डायग्नोस्टिक सेवाओं में विश्वस्तरीय गुणवत्ता लाना चाहती है ताकि मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सके। उन्होंने प्रदेश के पांच चिकित्सा महाविद्यालयों को विश्व स्तरीय चिकित्सा तकनीक से लैस करने की घोषणा की। 

उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए केन्द्रीय छात्र संघ को पांच लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि चमियाणा संस्थान, आईजीएमसी और टांडा चिकित्सा महाविद्याल में स्मार्ट लैब स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। 

प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ तथा आधुनिक बनाने के लिए विशेष रूप से प्रयास कर रही है। हिमाचल के इतिहास में महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा आरम्भ की है। हाल ही में जिला शिमला के चमियाणा स्थित अटल इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज और जिला कांगड़ा के टांडा अस्पताल में रोबोटिक मशीनें स्थापित कर इस सुविधा की शुरूआत की गई है। यह सुविधा राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के इतिहास में एक नए युग का आगाज़ है। 

राज्य सरकार ने प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास और विस्तार पर तीन हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि व्यय करने का फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों में दो दशकों से  इस्तेमाल हो रहे पुराने चिकित्सा उपकरणों को नए और अत्याधुनिक उपकरणों से बदलने का निर्णय लिया है। राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में चिकित्सा उपकरण गुणवत्ता और आधुनिकता के मानकों में एम्ज दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ के समान होंगे। प्रदेश सरकार ने बीएससी मेडिकल लेबोरेटरी, रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग तथा एनेस्थीसिया एवं ओटी तकनीक में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आईजीएमसी शिमला में सीटों की संख्या 10 से बढ़ाकर 50 की हैं तथा मेडिकल कॉलेज टांडा में सीटों की संख्या 18 से बढ़ाकर 50 की हैं। 

प्रदेश सरकार ने रेजिडेंट डाक्टरों के कार्य समय रेगुलेट किए, पहले इन्हें 36 घंटे ड्यूटी देनी पड़ती थी, अब सिर्फ 12 घंटे अधिकतम लगातार ड्यूटी निर्धारित की गई है। हम मानवीय मूल्यों को विशेष अधिमान दे रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीनियर रेजिडेंट का स्टाइफंड 60 हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया है। सुपर स्पेशियलिटी में स्टाइफंड को एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक लाख तीस हजार रुपये किया है। पिछले तीन वर्षों में वर्तमान सरकार ने मेडिकल एजुकेशन में आधारभूत संरचना और आधुनिक उपकरणों पर 1,207 करोड़ रुपये व्यय किए हैं, यह भी प्रदेश सरकार की पहल है। चम्बा, हमीरपुर, नेरचौक मेडिकल कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रम आरम्भ करवाए गए हैं।

इसके साथ-साथ सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में डिपार्टमेंट ऑफ एमरजेंसी मेडिसिन आरम्भ किया है। प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा में निरंतर गुणवत्ता ला रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों में 57 कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न महाविद्यालयों में आपात सेवाओं के लिए विशेषज्ञों के 32 पद सृजित किए गए हैं, यह देश भर में पहली बार हुआ है। यह भी प्रदेश सरकार की अनूठी पहल है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा तथा आईजीएमसी में ट्रॉमा और नया ओपीडी ब्लॉक आरम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को न केवल सुदृढ़ कर रही है, बल्कि इस क्षेत्र में आदर्श राज्य बनने के लिए कार्य कर रही है। 

प्रदेश सरकार सकारात्मक सोच के साथ व्यवस्था को बदल रही है ताकि आने वाले समय में प्रदेश आत्मनिर्भर बन सके। हम हर क्षेत्र में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कर रहे छात्रों और चिकित्सकों को सम्मानित किया।  

इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्रों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। 

प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर ने मुख्यमंत्री को चिकित्सा महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों, सुविधाओं और मांगों के बारे अवगत करवाया। 

केंद्रीय छात्र संघ के मुख्य सलाहकार डॉ. पुनीत महाजन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और विविध गतिविधियों से अवगत करवाया। 

फॉेेरेंसिक चिकित्सा विभाग के प्रो. पीयूष कपिला ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। 

कार्यक्रम में नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, पार्षदगण, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा,  वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव, प्रधानाचार्य और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

.0. संख्याः 1377/2025            

Friday, October 31, 2025

सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर विशेष व्याख्यान

 शिक्षा मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 31 OCT 2025 at 5:41PM by PIB Shimla

याद दिलाई गई सरदार पटेल की दृढ़ता और खूबियां 

शिमला: 31 अक्टूबर 2025: (पीआईबी//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, राष्ट्रपति निवास, शिमला में आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. मुक्तिकांत मोहंती, फेलो, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान ने “सरदार पटेल और राष्ट्रीय एकता का विचार (Sardar Patel and the Idea of National Integration)” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का व्यक्तित्व भारत की राजनीतिक एकता, प्रशासनिक निष्ठा और राष्ट्रीय दृढ़ता का सर्वोत्तम प्रतीक है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश की 562 रियासतों को एक सूत्र में बाँधना उनकी दूरदर्शिता और संगठनात्मक कौशल का अनुपम उदाहरण था।

“पटेल ने केवल भूगोल का नहीं, बल्कि भारत के आत्मा का एकीकरण किया — उन्होंने ‘राष्ट्र’ को प्रशासनिक ढाँचे के रूप में नहीं, बल्कि नैतिक एकता के रूप में परिभाषित किया,” डॉ. मोहंती ने कहा।

सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर एस. रंगनाथ द्वारा की गई, जिन्होंने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि सरदार पटेल भारतीय प्रशासनिक परंपरा के ऐसे स्तंभ हैं जिनके विचार आज भी सुशासन, नैतिकता और एकता के लिए दिशासूचक हैं।


इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता की शपथ भी ली गई।  कार्यक्रमों में संस्थान के फेलो, टैगोर फेलो, अध्येता, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। 



(रिलीज़ आईडी: 2184737)

Tuesday, October 7, 2025

अतीत का बहुत कुछ याद दिलाते हैं डाक और डाकिया

संचार मंत्रालय//Aazadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 07 October 2025 at 12:56 PM by PIB Shimla

हिमाचल प्रदेश में भी राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन


शिमला:07 अक्टूबर 2025: (PIB शिमला//कार्तिका कल्याणी सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

दूरियां वास्तव में जितनी हुआ करती थीं महसूस उससे ज़्यादा हुआ करती थी। दशकों पहले यात्रा आसान नहीं होती थी। सफर की सुविधाएं भी बेहद पिछड़ी हुई हुई हुआ करती थी। इन कठिनाईओं को पहाड़ी क्षेत्र हिमाचल के लोगों से अधिक और कौन समझ सकता है। बहुत मुश्किल था मिलना मिलान और आना जाना। उस समय भी चिट्ठी के मिलने को आधा मिलन माना जाता था।  डाकिया जब आता  इंतज़ार हो रहा होता। उसकी मुश्किलों का अंदाजा किसी को हो या न हो लेकिन उस हाथ या झोले में थमें पत्रों की इंतज़ार सभी को रहती। इन पत्रों में खुश खबरियां भी होतीं और गम की खबरें भी। किसी दैवी आत्मा की तरह छवि बनी होती थे डाकिये की। सत्ता में डाकिया ही एक ऐसा सरकारी मुलज़म हुआ करता जिसे इलाके के घर घर परिवार का पूरा पता हुआ करता। उस की ज़िम्मेदारी और गवाही को महत्वपूर्ण माना जाता था। 

इस दौरान एक बहुत अच्छी फिल्म भी आई थी। इस फिल्म का नाम था पलकों की छांव में और यह फिल्म रिलीज़ हुई थी सन  1977 में। इसमें एक गीत भी था जो लोकप्रिय भी बहुत हुआ। इस गीत के बोल थे:

डाकिया डाक लाया

डाकिया डाक लाया

डाकिया डाक लाया

डाकिया डाक लाया

डाक लाया

डाक लाया

ख़ुशी का पयाम कहीं--

कही दर्दनाक लाया

डाकिया डाक लाया

ज़िंदगी के ख़ास यादगारी पलों की दास्तान डाक और डाकिये से जुडी रहती। इस गीत को पूरा पढ़ें या सुनें तो आपको ज़िंदगी के कितने ही सच इस गीत के साथ जुड़े मिलेंगे। 

इसी तरह एक गीत लोकप्रिय हुआ था:

चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आयी है

चिट्ठी है वतन से चिट्ठी आयी है

बड़े दिनों के बाद

हम बेवतनो को याद

बड़े दिनों के बाद

हम बेवतनो

को याद वतन की मिटटी आई है

चिट्ठी आई है आई है चिट्ठी आयी है

ऊपर मेरा नाम लिखा है

अंदर ये पैगाम लिखा है

ओ परदेस को जाने वाले

लौट के फिर न आने वाले

सात समुंदर पार गया तू

हमको ज़िदा मार गया तू

खून के रिश्ते तोड़ गया तू

आँख में आंसू छोड़ गया तू

कम खाते है कम सोते है

बहुत ज़्यादा हम रोते है चिट्ठी आयी है

यह सब याद आया राष्ट्रीय डाक सप्ताह के आयोजन को देख कर।  गौरतलब है कि भारतीय डाक विभाग की तरफ से 6 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। हम इस पोस्ट के ज़रिये अगर डाक सिस्टम और डाकिये के तकलीफों  तरफ  ध्यान दिला सकें तो हमारी कोशिश सफल होगी। 

भारतीय डाक विभाग विभाग द्वारा कल 6 अक्टूबर को प्रौद्योगिकी दिवस मनाया गया जबकि आज 7 अक्टूबर को वित्तीय समावेशन दिवस मनाया जा रहा है। इसी तरह कल 8 अक्टूबर को डाक टिकट संग्रह और नागरिक केंद्रित सेवाएं, 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस और 10 अक्टूबर को ग्राहक दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 

राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान डाक सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के कार्य एवं राजस्व अर्जन की वृद्धि पर जोर दिया जाएगा। इन प्रयासों के साथ ही डाक विभाग की पुराणी शान भी बहाल होगी। 

हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल अपने 2808 डाकघरों के माध्यम से पूरे प्रदेश में डाक सेवाएँ प्रदान कर रहा है। सामाजिक सुरक्षा कल्याण पेंशन के अंतर्गत प्रदेश के लगभग चार लाख पेंशन धारकों को डाकघर के माध्यम से हर तिमाही में पेंशन वितरित की जा रही है। इस तरह डाक विभाग का नेटवर्क अभी भी बहुत बड़ा है। 

हिमाचल प्रदेश के सभी डाकघरों में वर्तमान में लगभग 61.40 लाख विभिन्न प्रकार के बचत खाते हैं। इसके साथ ही डाक विभाग के नए उपक्रम इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के पास हिमाचल प्रदेश में लगभग 8 लाख खाते खुल चुके हैं। वैसे दुसरे राज्यों में इन खातों की संख्या बाहय बढ़ रही है। 

बीमा के क्षेत्र में भी डाक विभाग पीछे नहीं है।  भाग  हिमाचल प्रदेश में इस समय डाक जीवन बीमा की 1.45 लाख पॉलिसियाँ हैं जबकि ग्रामीण डाक जीवन बीमा की 3.42 लाख पॉलिसियाँ चल रही हैं। डाक बांटने के अपने परंपरागत कार्य के साथ साथ हिमाचल प्रदेश डाक परिमंडल अपने 6 डाकघरों में डाक पासपोर्ट सेवा केंद्र, 250 डाकघरों में आधार सेंटर एवं सभी डाकघरों में कॉमन सेवा केन्द्रों के माध्यम से प्रदेश की जनता को अपनी सेवाएँ दे रहा है। लोगों में इसकी लोकप्रियता भी बढ़ रही है। 

अब कुछ चर्चा इस अयिजन के इतिहास ओर भी डालें! गौरतलब है कि सन 1874 ई. में स्विट्जलैंड की राजधानी बर्न में स्थापित 'यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की वर्षगांठ तिथि 9 अक्टूबर को प्रतिवर्ष विश्व डाक दिवस के रूप में मनाया जाता है। सन 1969 में टोक्यो, जापान में हुई यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन कांग्रेस में इस दिन को विश्व डाक दिवस घोषित करने का निर्णय लिया गया था।

तब से लेकर डाक और डाक विभाग का संदेश इंटरनेट के युग में तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। चिठ्ठी की इंतज़ार गली मोहल्लों में भी रहती है और कंप्यूटर नेट व्रज पर भी, मोबाईल पर भी। 


(रिलीज़ आईडी: 2175697) 

Thursday, October 2, 2025

नेता प्रतिपक्ष ने महात्मा गांधी और शास्त्री जयंती पर किया नमन

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर// 2nd Oct 2025 at 4:45 PM

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने याद दिलाए गाँधी जी और शास्त्री के आदर्श 


शिमला
: 2 अक्टूबर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//देवभूमि स्क्रीन)::
पूर्व मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज रिज मैदान जाकर महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए नमन किया। साथी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जन्म तिथि उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी द्वारा दिखाया गया सत्य अहिंसा का मार्ग ही चिर शांति और और विकास का मार्ग है। पूर्व प्रधानमंत्री के नारे जय जवान जय किसान ने देश को एक नई ऊर्जा और आत्मनिर्भरता की तरफ प्रेरित किया था। उन्हीं के दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जय विज्ञान और जय अनुसंधान को न सिर्फ शास्त्री जी के नारे के साथ जोड़ा बल्कि उसी को  ध्येय बनाकर संपूर्ण आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। 

क़ानून व्यवस्था ध्वस्त, प्रदेश की छवि धूमिल कर रही सरकार का निकम्मापन

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर// 2nd Oct 2025 at 4:45 PM

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार को अड़े हाथों लिया 
*रोहड़ू, ऊना, कुल्लू, बंजार, चंबा, शिमला समेत हर जगह से आ रही वीभत्स ख़बरें, सरकार मौन
*पुलिस प्रशासन बीजेपी के कार्यकर्ताओं और नेताओं की निगरानी में लगा
*प्रदेश में अपराध और अपराधी का बोलबाला, प्रदेश का कोई कोना नहीं सुरक्षित
*जो घटनाएँ हो रही हैं उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती

शिमला: 2 अक्टूबर 2025: (मीडिया लिंक रविंद्र/ /देवभूमि स्क्रीन)::
शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुख की सरकार में अपराधी इतने बेलगाम हो गए हैं कि वह प्रदेश की छवि को धूमिल कर रहे हैं। प्रदेश के कोने-कोने से लेकर राजधानी में जो घटनाएं घट रही हैं, वह बताती हैं कि प्रदेश में कोई सुरक्षित नहीं हैं। न तो बच्चे और युवा न ही बुजुर्ग महिलाएं कोई भी सुरक्षित नहीं है। लोग न अपने परिवार में सुरक्षित हैं और न ही बाजार में। प्रशासनिक अधिकारी भी महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में फरारी काट रहे हैं। यह प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण हैं। ऐसी घटनाएं इसलिए घट रही हैं क्योंकि पुलिस अपने राजनैतिक आकाओं को खुश करने का टूल बन कर रह गई हैं। सिर्फ भाजपा के नेताओं और पदाधिकारियों की जासूसी और निगरानी में व्यस्त हैं और प्रदेश के लोगों की जान पर बन आई है। सरकार के निकम्मेपन की कीमत प्रदेशवासियों को चुकानी पड़ रही है।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछले कुछ दिनों की ख़बरों की कुछ हेडलाइन पर नज़र डालें तो पढ़कर भी डर लगने लगा है। हजारों हेडलाइन्स हैं। ऊना में गर्भवती युवती की अधजली लाश मिली, भतीजे ने चाचा का गला काटा। उप प्रधान की गाला रेतकर बेरहमी से हत्या की। शिमला के संजौली में नाबालिग से छेड़छाड़, विरोध करने पर पीड़िता और माँ को जान से मारने की धमकी। चंबा के चुवाड़ी के 63 वर्षीय महिला का मिला शव, हैवानियत के बाद की हत्या। नेशनल खिलाड़ी के साथ एसडीएम ने किया बलात्कार, एसडीएम पर महिला ने लगाए यौन शोषण के आरोप। आठ दिन से फरार एसडीएम। रेप के आरोपी एसडीएम तक नहीं पहुंची पुलिस। बंजार में गैंगरेप के बाद हुई थी महिला की हत्या, एक महीनें तक घटना को छुपाती रही पुलिस। गग्गी हत्याकांड में इंटर नेशनल साज़िश,हत्या के अंडर वर्ल्ड से जुड़ रहे तार। रोहड़ू में प्रताड़ना से बच्चे ने खाया जहर, बिलासपुर में घर में चल रही थी शादी की तैयारी-संदिग्ध हालत में मिला शव। चंबा में शिकार खेलने गए युवक की हत्या। शिक्षक ने किया नाबालिग के साथ गलत व्यवहार। शिमला से अगवा हुए तीन छात्र। जगह कम पड़ जाएगी, कहते-कहते दिल भर जाएगा। डर लगने लगेगा लेकिन यह सिलसिला खत्म नहीं होगा। अवैध खनन और वन कटान पर तो सुप्रीम कोर्ट के नोटिस का कोई ढंग से जवाब ही सरकार को नहीं सूझ रहा है। नशे से जान गवां रहे युवाओं का सही आंकड़ा तक सरकार के पास नहीं हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि दु:ख इस बात का है कि सरकार इस पूरे मामले में मौन हैं। संरक्षण दे रही है। हिमाचल की पुलिस चर्चा में अंतिम बार तब आई थी, जब एचपीपीसीएल के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत की जांच को सीबीआई को न सौंपने के लिए सिर के बल खड़ी हो गई थी। डीजीपी, एसपी, एजी, सीएस, सबने एक दूसरे के दामन पर कीचड़ उछाले। अनुशासन के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हिमाचल पुलिस और प्रदेश की खूब किरकिरी हुई। दशकों में हासिल की गई साख मिट्टी में मिल गईं लेकिन सरकार ने ऐसी चुप्पी साधी जैसे सरकार की पूंछ इन अधिकारियों के पैर के नीचे दबी हो। अनुशासन हीनता की सीमाएं लांघी गई। कोर्ट ने भी सवाल उठाया लेकिन मुख्यमंत्री एक चुप हज़ार चुप। जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिन्होंने ग़लत के ख़िलाफ़ आवाज उठाई, उन्हें ही दंडित किया गया। डीजीपी द्वारा सीबीआई जाँच का समर्थन करने पर उनकी रिटायरमेंट पार्टी नहीं की गई। यह भी प्रदेश का इतिहास ही है। बाकियों को बचा लिया गया, आरोपियों को सम्मानित किया गया। यह सरकार का पुलिस प्रशासन को साफ़ संकेत दिया गया कि सरकार की प्राथमिकता क्या है? जो भी मामले ऊपर बताए गए हैं उनमें पुलिस और तंत्र की नाकामी सामने आई है। लेकिन जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सरकार की इसी चुप्पी को सत्ता का संरक्षण कहते हैं।

इस मौके पर जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि यह घटनाएँ प्रदेश में क्यों बढ़ रही हैं। इसका कारण सरकार हैं। अपराधियों के प्रति उनका सॉफ्ट कॉर्नर हैं। चंबा में तो एक नाबालिग स्टेट चाइल्ड के साथ बलात्कार हुआ, वह गर्भवती हुई तो अन्य प्रदेश में प्रसव करवा कर बच्चा बेच दिया गया और उस नाबालिग की शादी करवा दी गई। एक गुनाह को छुपाने के लिए दूसरा गुनाह होता रहा, सीएम से लेकर गांव के चौकीदार तक को यह घटना पता थी लेकिन कागज़ी कार्रवाई तब हुई। जब भाजपा विधायक ने यह मुद्दा सदन में उठाया। इतनी बड़ी घटना, जिसमें पीड़ित स्टेट चाइल्ड है, जिसका कस्टोडियन ख़ुद सीएम हैं, स्थानीय अभिभावक जिलाधीश हैं। उस बिटिया के साथ इतनी बड़ी घटना हो जाती है और सब जानते हुए आँखे मूँद कर बैठे रहते हैं? अपराध को जानते हुए चुप रहने से बड़ा कोई पाप नहीं हो सकता है। लेकिन सरकार में ऊपर से नीचे तक सबको इस अपराध की जानकारी होने के बाद भी सरकार की चुप्पी बहुत पीड़ादायक है। अधिकारियों ने सरकार की नब्ज़ पकड़ ली है। चंबा में मनोहर हत्या काण्ड सीएम का हिंदुत्व को हराने को लेकर दिया गए बयान की ही परिणति है। सरकार लोगों को कुछ देने से रही, जो लोगों के पास रह गया है वही रहने दे तो बड़ी मेहरबानी होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी कमजोरी छोड़ें और प्रदेश के लोगों की जान-माल की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी निभाएँ और ग़ैरज़िम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करें तो बेहतर रहेगा।

Sunday, August 31, 2025

लगभग 6000 मणिमहेश यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

  बसों व टैक्सियों के माध्यम से पूरा हुआ सुरक्षित निकालने के काम  

शिमला:30 अगस्त 2025: (मीडिया लिंक रविंद्र/ /देवभूमि स्क्रीन)::

जल प्रकोप ने हिमाचल प्रदेश पर बहुत बड़े कहर बरपाए हैं। दुःख की इस कड़वी हकीकत के बावजूद एक बहुत बड़ा तथ्य यह भी है कि सत्ता, समाज और आम लोगों ने इस मुश्किल घड़ी में बहुत हिम्मत से इन सभी कठिनाईयों का सामना किया है। इसी हिम्मत के चलते बहुत से लोगों को बचाने में भी सफलता मिली है। 

लगभग 6000 मणिमहेश यात्रियों को बसों व टैक्सियों के माध्यम से सुरक्षित निकाला गया है। इस सफलता से बहुत से चिंतित घरों में राहत की लहर पहुंची है। इसके साथ ही अन्य कठिन स्थानों पर भी बहुत से प्रयास किए जा रहे हैं। इनका परिणाम भी बहुत अच्छा होगा। देवभूमि के लोगों पर देव अपनी कृपा अवश्य करेंगे। 

मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आज यहां उच्च अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जानकारी दी कि चंबा में फंसे लगभग 6 हजार यात्रियों को निजी और एचआरटीसी बसों तथा टैक्सियों के माध्यम से सुरक्षित निकालकर नूरपुर और पठानकोट भेज दिया गया है। 

उन्होंने कहा कि शुक्रवार को चंबा के कलसंुई क्षेत्र से यात्रियों को निगम की बसों के माध्यम से पठानकोट भेजा गया। शनिवार को 20 बसें चलाई गईं जिनमें 17 पठानकोट और शेष बसें कांगड़ा व देहरा भेजी गईं। चम्बा में 60 अतिरिक्त बसें तैनात की गई हैं, जिन्हें आवश्यकतानुसार उपयोग में लाया जा रहा है। 

मुख्य सचिव ने कहा कि भरमौर में लगभग 5000 जबकि चम्बा चौगान में 500 यात्री बचे हैं जो जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं। इन यात्रियों को भी लंगेरा सड़क के बहाल होने पर शीघ्र ही उनके गंतव्यों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लंगेरा सड़क को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। 

उन्होंने कहा कि चम्बा-भरमौर सड़क को कलसुंई और राजेरा तक बहाल कर दिया गया है। इसके अलावा, जोत सड़क को भी गेट तक यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। 

मुख्य सचिव ने बताया कि लाहौल-स्पीति में पागल नाला को भी वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है जिसके बाद यहां से काजा की ओर भारी वाहन चलना शुरू हो गए हैं। पागल नाला खुलने के बाद अटल टनल से चार तेल टैंकरों को केलंग के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि रोहतांग दर्रे से होकर अलेओ सड़क को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है।

निदेशक एवं विशेष सचिव आपदा प्रबन्धन डी.सी राणा ने जानकारी दी कि कुल्लू-मनाली सड़क को यातायात के लिए बहाल करने का कार्य भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। मनाली के लिए बांये किनारे से सड़क खोल दी गई है। बंजार के लिए सड़क व क्षेत्र में संचार सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। 

उन्होंने कहा कि रविवार से लाहौल से ट्रकों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। 

Friday, July 25, 2025

ग्रीनिंग ऑफ एमएसएमईज़’ के तहत स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन कार्यशाला का आयोजन

 Received From AT//PR on 26th July 2025 at 1:05 PM Regarding Industrial Growth Workshop 

कार्यशाला में  बद्दी और नालागढ़ के उद्योग प्रतिनिधियों ने लिया भाग

*2500 से अधिक उद्यमों को ऊर्जा दक्षता 

*अपशिष्ट प्रबंधन और हरित वित्तपोषण  पर विशेष प्रशिक्षण की योजना

*शिमला से एक नई औद्योगिक तेज़ी की शुरुआत 


शिमला
: 25 जुलाई 2025: (कार्तिका कल्याणी सिंह/ / देवभूमि स्क्रीन डेस्क):: 

प्रयवरण को सुरक्षित रखते हुए उद्योग को विकास की राह पर तेज़ रफ्तारी देना आसान नहीं होता। इस कोशिश में बहुत सी चुनौतियां भी रहती हैं। इन चुनौतियों से निपटने और इन पर चर्चा करने के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन करवाया गया जो पूरी तरह से सफल भी रहा। 

पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और एमएसएमई इकाइयों को टिकाऊ एवं संसाधन दक्ष बनाने की दिशा में ‘ग्रीनिंग ऑफ एमएसएमईज़’ योजना के अंतर्गत  सोलन में एक स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सोलन जिला के बद्दी, नालागढ़ जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लेकर सक्रिय सहभागिता निभाई।

इस कार्यशाला का आयोजन फ्रॉस्ट एंड सुलिवन एवं टिंज कंसल्टेंसी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को ऊर्जा संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, हरित वित्तपोषण, जल संरक्षण एवं पुनर्चक्रण, तथा रिसोर्स एफिशिएंसी जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने ‘रिसोर्स एफिशिएंट क्लीनर प्रोडक्शन (RECP)’ की अवधारणा को रेखांकित करते हुए बताया कि किस प्रकार एमएसएमई इकाइयां कम संसाधनों के साथ अधिक उत्पादन कर सकती हैं और साथ ही पर्यावरणीय दायित्व भी निभा सकती हैं।

‘ग्रीनिंग ऑफ एमएसएमईज़’ योजना भारत सरकार के RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यक्रम के तहत चलाई जा रही है, जिसे विश्व बैंक का सहयोग प्राप्त है। इसका उद्देश्य देश के एमएसएमई सेक्टर को तकनीकी और वित्तीय रूप से सशक्त बनाकर उन्हें अधिक प्रतिस्पर्धी एवं पर्यावरण हितैषी बनाना है। इस परियोजना के तहत राज्य में लगभग 1900 एमएसएमई इकाइयों को ग्रीनिंग प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को, नेट जीरो, ईसजी, सर्कुलर   इकोनॉमी, डिकार्बनाइजेशन जैसे आधुनिक औद्योगिक अवधारणाओं से भी अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त, ग्रीन फाइनेंसिंग हेतु उपलब्ध योजनाओं, तकनीकी समाधान प्रदाताओं से संपर्क और डिजिटल पोर्टल के माध्यम से रियल टाइम निगरानी व्यवस्था पर भी जानकारी साझा की गई।

इसमें जानकारी दी गई कि आने वाले समय में राज्य के 2500 से अधिक उद्यमों को ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन और हरित वित्तपोषण जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल हिमाचल प्रदेश सरकार की 2026 तक राज्य को ‘ग्रीन एनर्जी स्टेट’ बनाने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है और भारत सरकार के वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य को साकार करने में राज्य के योगदान को दर्शाती है। यह कार्यशाला न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि इसमें भाग लेने वाले उद्यमियों को अपनी इकाइयों के लिए व्यावहारिक समाधान और वित्तीय संसाधनों की दिशा में मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ। 

उद्योग विभाग के अतिरिक्त निदेशक तिलकराज शर्मा ने कहा कि ‘ग्रीनिंग ऑफ एमएसएमईज़’ केवल पर्यावरणीय पहल नहीं, बल्कि यह औद्योगिक मानसिकता में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पर्यावरण को संरक्षण मिलेगा, बल्कि एमएसएमई इकाइयां अधिक आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी और लाभकारी बनेंगी।

Monday, June 2, 2025

हिमाचल के युवा वन अधिकारी देवेन्द्र चौहान की पुस्तक का विमोचन

Emailed on Monday 2nd June 2025 at 7:03 PM Regarding Book Release By Chief Minister 

पुस्तक का विमोचन किया मुख्यमंत्री ने


शिमला
: 2 जून 2025: (देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

हिमाचल सचमुच देवभूमि की तरह ही तो है। इस पावन पवित्र स्थान के दर्शन सभी को तो नहीं होते। इस राज्य के शुद्ध जल और शुद्ध हवा के लिए अच्छे नसीबों की ज़रूरत होती है। यहाँ के प्रकृति दृश्य देखें तो इंसान देखता ही रह जाता है। जब उसके हाथ में कलम या पेंटिंग वाला बी रश हो तो एक नया जादू सा छा  जाता है। जब जानेमाने लेखक देवेंद्र सिंह चौहान यहांलाहौल स्पीति में रहे तो उनकी कलम ने बहुत कुछ रचा। उन्हीं रचनाओं का संकलन है यह पुस्तक।  

हिमाचल प्रदेश के युवा अधिकारी दवेंद्र सिंह चौहान की पुस्तक ‘ The Mountainous wilderness of Spiti a Hidden world“  का आज हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विमोचन किया।  आयोजन यादगारी रहा।  देवेन्द्र चौहान ने लाहुल स्पीती में अपने स्वाकाल के दौरान लाहुल के जीवन के हर पहलू को इस पुस्तक में समेटा है। महामहिम दलाई लामा ने इस पुस्तक की प्रशंसा करते हुए इसे एक बेहतरीन पुस्तक बताया है। 

एक बात और 326 पृष्ठों की इस पुस्तक में लाहुल स्पीती के अनेक मनमोहक चित्रों के साथ वहां के जन-जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को उकेरा गया है। स्पीती में रहने वाले पशु-पक्षियों सहित वहां की शान कहे जाने वाले बर्फानी तेंदुए तक के उल्लेखों से पुस्तक एक महत्वपूर्ण दसतावेज़ बन गयी है। यह किताब इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इसका लेखक एक युवा वन अधिकारी है और इस अधिकारी ने लाहुल स्पीती के ऊंचे-ऊचे पहाड़ों तक स्वयं पहुच कर वहां की कठिनायों को खुद जिया है। देवेन्द्र सिंह चौहान हिमाचल प्रदेश के चौपाल से समब्ध रखने वाले वन अधिकारी हैं और वर्तमान में वन विभाग के पब्लिसिटी वन मंडल में कार्यरत हैं |


Friday, May 16, 2025

उप मुख्यमंत्री ने एचपीयू में आयोजित अभ्युदय 2025 में की शिरकत

 क्रमांक 32/05// शिमला> 16 मई, 2025//07:48 PM from DPRO//Shimla//HP University//Event//

युनिवर्सिटी के साथ जुड़े रहे लोगों की चर्चा भी बहुत सम्मान से हुई            

शिमला: 16 मई 2025: (इनपुट कार्तिका कल्याणी सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

आज भी हिमाचल प्रदेश युनिवेर्सिटी में बहुत ही भावुकता भरी चहल पहल रही। आज दो दिवसीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक उत्सव "अभ्युदय 2025" के समापन समारोह में अतीत से जुड़ी यादों के सिलसिला सभी के ज़हन में बहता हुआ महसूस हुआ। 

आयोजन का विशेष आकर्षण रहे उप मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश मुकेश अग्निहोत्री ने आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सभागार में विवि विधिक अध्ययन संस्थान (यूआईएलएस) एवालॉज द्वारा आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक उत्सव "अभ्युदय 2025" के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यूआईएलएस एक ऐसा संस्थान है जहां से हमारे भविष्य के अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी एवं राजनेता निकलेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा में लगभग 12 से 14 विधायक इसी विश्वविद्यालय से निकले हैं। इस संस्थान से निकले छात्र आज हर क्षेत्र में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं जो सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यहां के अध्यापकों की देश तथा प्रदेश में अपनी अलग पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों से सभी अध्यापकों का सम्मान एवं कड़ी मेहनत कर इस देश तथा प्रदेश को आगे ले जाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय से हमारा गहरा संबंध रहा है। हमारी धर्मपत्नी स्वर्गीय प्रो सिम्मी अग्निहोत्री ने लगभग 28 वर्ष तक इस विश्वविद्यालय में सेवाएं दी है और अब बेटी डॉ आस्था अग्निहोत्री इस संस्थान में सेवाएं दे रही है।

यूआईएलएस कैंपस भवन के जीर्णोद्धार के लिए अधिकारियों के टीम करेगी विजिट

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यूआईएलएस संस्थान का कैंपस मुख्यमंत्री का आवास भी रह चुका है। आज यहां बात सामने आई है कि कैंपस के भवन के हालात ठीक नहीं है जिसकी मरम्मत करने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति ने भवन के लिए लगभग 5 करोड़ रुपए जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही यूआईएलएस संस्थान कैंपस भवन के जीर्णोद्धार के लिए अधिकारियों के टीम विजिट करेगी ताकि संस्थान के भवन की मरम्मत हो सके। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि संस्थान की हालत ठीक हो और इस संस्थान से छात्र आगे जाकर देश तथा प्रदेश का नाम रोशन करे।

प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता गरीब लोगों का विकास एवं कल्याण 

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता गरीब लोगों का विकास एवं कल्याण है और इस दिशा में यह सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में हर क्षेत्र में शिक्षण संस्थान मौजूद हैं। प्रदेश में हर क्षेत्र में बहुत विकास हुआ है जिसके लिए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हिमाचल निर्माता यशवंत सिंह परमार एवं वीरभद्र सिंह को याद किया।

इस दौरान विश्वविद्यालय के छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। 

न्यूजलेटर विधि वॉल्यूम 2 का किया विमोचन, विभिन्न गतिविधियों में विजेता रहे छात्रों को किया सम्मानित

उप मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों में विजेता रहे छात्रों को सम्मानित भी किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यूआईएलएस संस्थान के न्यूजलेटर विधि वॉल्यूम 2 का विमोचन भी किया।

विवि के प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र वर्मा ने विश्वविद्यालय के बारे में अपनी बात रखी तथा मुख्यातिथि का स्वागत किया।

निदेशक प्रो. शिव कुमार डोगरा ने यूआईएलएस संस्थान की गतिविधियों की जानकारी दी।

डॉ रितिका राणा ने 2 दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा रखी।

यह भी रहे उपस्थित

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के वरिष्ठ नेता महेश्वर सिंह चौहान, विनोद जिंटा, विवि की अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो ममता मोक्टा, कुलसचिव ज्ञान सागर नेगी, परीक्षा नियंत्रक प्रो श्याम लाल कौशल, प्रो. सुनील देष्टा सहित विवि के अधिष्ठाता और संस्थानों के निदेशकों और विभागाध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर यह एक यादगारी आयोजन रहा जिसने बहुत से लोगों के दिलों अतीत के तर झंकृत कर दिए। अतीत की यादों के साथ जब आज की चुनौतियों को रख कर देखा गया तो नै रहें और नई मंज़िलों की रंगीन तस्वीरें भी सामने आईं।  -०-

Sunday, January 19, 2025

हिमाचल के वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफर प्रकाश बादल को मानद उपाधि

Emailed On 19th January 2025 at 5:22 PM

यूएस ए की यूनिवर्सिटी ने दिया मानद उपाधि का विशेष सम्मान 


शिमला:  19 जनवरी 2025: (मीडीया लिंक रविंद्र/ /देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

हिमाचल प्रदेश के वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफर प्रकाश बादल को पत्रकारिता और वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफी में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए यू एस ए की सीडारब्रुक यूनिवर्सिटी ने पीएचडी की मानद उपाधि दे कर सम्मानित किया है | यह सम्मान समारोह दिल्ली में 18 जनवरी को प्रदान किया गया। 

प्रकाश बादल को  यह सम्मान पिछले लगभग 20 वर्षो से भी अधिक समय से निरंतर वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफी और पत्रकारिता में अहम योगदान के आकलन के बाद मिला है। सीडारब्रुक यूनिवर्सिटी, द्वारा प्रकाश बादल को इस पुरस्कार के लिए चुने जाने हेतु लिखित पत्र के माध्यम से सूचित किया गया  और दिल्ली के होटल तिवोली में एक भव्य दीक्षांत समारोह में यह सम्मान दिया गया। 

गौरतलब है कि प्रकाश बादल हिमाचल प्रदेश के एकमात्र ऐसे फोटोग्राफर हैं, जिनकी तस्वीरों ने भारत ही नहीं, पूरे देश में अपने निजी संसाधनों से विभिन्न क्षेत्रों में जा जाकर पक्षियों के अद्भुत तस्वीरें खींचते हैं। बादल के द्वारा खींची गयी तस्वीरों ने विदेशों के मीडिया का भी ध्यान खींचा है, जिसके चलते पिछले वर्षों के दौरान अलग-अलग अंतरालों में प्रकाश बादल की तस्वीरें, ग्रेट ब्रिटेन के प्रमुख अखबार द सन, सहित देश विदेश के  अनेक प्रमुख समाचार पत्रों में उनकी तस्वीरें प्रकाशित होती आई हैं। 

इसके अतिरिक्त प्रकाश बादल की तस्वीरों को नेटजीयो ने अपने सोशल मीडिया हेंडल पर भी फीचर किया है। सूत्रों के अनुसार प्रकाश बादल अब तक भारत में विद्यमान लगभग 600 पक्षियों की बेहतरीन तस्वीरें खींच चुके हैं।  बादल हिमाचल प्रदेश के इकलौते ऐसे वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफर है जो पक्षियों की तलाश में पूरे भारत में भ्रमण करते हैं और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की बेहतरीन तस्वीरों को अपने कैमरे में कैद कर चुके हैं। 

कलकत्ता और बँगलादेश के अनेक चर्चित संगठनों ने प्रकाश की तस्वीरों को न केवल प्रदर्शनियों में स्थान दिया है, बल्कि उन्हें अनेक सम्मानों से सम्मानित भी किया गया है | पंजाब साहित्य कला अदाद्मी भी बादल को सम्मानित कर चुकी है। 

उत्तराखंड वन विभाग और स्ट्रेबो पिक्सल क्लब के संयुक्त तत्वाधान में नैनीताल में भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल महामहिम बंडारू दत्तात्रेय ने बादल की कार्यों की प्रशंसा करते हुए एक प्रशस्ति पत्र भी जारी किया है, जिसमें उनकी खींची गयी तस्वीरों की प्रशंसा की गयी है। 

प्रकाश बादल हिमाचल प्रदेश वन विभाग में शिमला में कार्यरत हैं और ऊपरी शिमला के छोटे से गांव जुब्बल से सम्बन्ध रखते हैं। बादल को मिली मानद उपाधि से प्रदेश का नाम रौशन हुआ है। यह उपाधि 18’ जनवरी को देश विदेश के अनेक विद्वानों को, विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व योगदान के लिए विभिन्न नामी  हस्तियों की उपस्थिति में प्रदान की गयी। इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे जिसमें मुख्य रूप से योगेन्द्र चंदोलिया सांसद, स्वामी चक्रपाणी जी महाराज, अध्यक्ष हिन्दू महासभा बिरला मंदिर दिल्ली, स्वामी चन्द्र देव जी महाराज संस्थापक एवं अध्यक्ष ग्लोबल संत समाज कलयाण फाउंडेशन, श्री मति पुष्पा जिंदल, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं शिक्षाविद, डॉ. हरिंद्र गर्ग निर्माता निदेशक दिल्ली दूरदर्शन, मरियम जन्नत, प्रसिद्ध युद्यमी, वाधवान ग्रुप के संस्थापक कमल बाधवान और निदेशक मनीष गुप्ता सहित अनेक गणमाननीय व्यक्ति उपस्तिथ थे।

Friday, September 20, 2024

मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा अजय पराशर द्वारा लिखित दो पुस्तकों का विमोचन

No. 640/2024-PUB19th September 2024

एक पुस्तक में है पीठ का इतिहास और दूसरी में है साहित्य संकलन 


शिमला
: 19 सितंबर 2024: (मीडिया लिंक//कार्तिका कल्याणी सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां सूचना एवं जन सम्पर्क, उत्तर पूर्व परिषद्, के निदेशक अजय पराशर द्वारा लिखित दो पुस्तकों ‘जालंधर पीठ का रहस्य’ और ‘मुश्तरका खाता’ का विमोचन किया।

जालंधर पीठ का रहस्य इस पीठ  रहस्यों को  बहुत अदभुत  जानकारी उपलब्ध होती है। इस पीठ पर इस तरह के साहित्य की आवश्यकता बहुत  महसूस भी की जा रही थी। धार्मिक साहित्य लिखा भी बहुत गया है लेकिन खोज पूर्ण धार्मिक साहित्य की कमी अभी अभी अखरती है। इस तरह यह पुस्तक इस संबंध में काफी योगदान देती है।  

मुख्यमंत्री ने इन पुस्तकों के संकलन में लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ‘जालंधर पीठ का रहस्य’ पाठकों का हिमाचल प्रदेश की विभिन्न पीठों के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्त्व के बारे में ज्ञानवर्धन करेगी। 

अजय प्रेशर साहिब की दूसरी पुस्तक ‘मुश्तरका खाता’  काफी योगदान देती है। वास्तव में यह पुस्तक रोजमर्रा की जिन्दगी के विभिन्न आयामों को दर्शाती 16 लघु कहानियों का संग्रह है, जो स्थानीय संस्कृति एवं इतिहास की समझ बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण साबित होगी। यह कहानियां ज़िंदगी के विभिन्न रंगों और आयामों को दर्शाती हुई कलम के ज़रिए हमें ज़िन्दगी के रूबरू करती हैं। 

खोजी लेखक अजय पराशर ने विमोचन एवं उत्साहवर्धन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।  क्षेत्रों ने भी इन पुस्तकों  का स्वागत। .0.

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Thursday, September 5, 2024

HP: शिक्षक दिवस पर राज्यपाल ने दिए 27 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार

एक शिक्षक को राष्ट्रीय पुरस्कार से किया सम्मानित 


शिमला: 5 सितम्बर 2024: (कार्तिका सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

शिक्षक दिवस पर इस बार भी देश भर में विशेष आयोजन हुए। हिमाचल प्रदेश में भी इसी आश्य के कार्यक्रम अलग अलग स्थानों पर हुए। राज्य स्तरीय आयोजन शिमला में हुआ जिसमें शिक्षकों का सम्मान विशेष आकर्षण था। इस मौके पर राष्ट्र निर्माण में अध्यापकों, अभिभावकों व विद्यार्थियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। 

शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में 27 अध्यापकों को राज्य पुरस्कार और एक अध्यापक को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार वर्ष 2023 के लिए शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किए गए। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला ने सभी पुरस्कृत अध्यापकों को पौधें भी भेंट किए।

भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें श्रद्धांजलि  देते हुए कहा कि डॉ. राधाकृष्णन एक कुशल प्रशासक, कर्मठ राजनेता, महान शिक्षक और सत्यनिष्ठ व्यक्तित्व के धनी थे।

इस अवसर पर शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित अध्यापकों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अध्यापकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। अध्यापकों को समाज के सभी वर्गों के प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है जिससे शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य करने की आवश्यकता है और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से इसे साकार किया जा सकता है।

राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी) में भी राष्ट्र निर्माता के रूप में अध्यापकों के महत्त्व के बारे में बताया गया है। इस नीति में शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ाने के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल ने सदैव ही शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सुझाए गए सुधारों के अनुरूप हिमाचल इस दिशा में बेहतर कार्य करेगा।

श्री शुक्ल ने कहा कि भारत सरकार ने ‘पीएमश्री’ योजना को भी स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के अंतर्गत पहले से स्थापित विद्यालयों को सुदृढ़ीकरण कर ‘पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इण्डिया’ के रूप में स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय एनईपी का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित कर, अन्य स्कूलों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 180 विद्यालय विकसित किए जाएंगे। भारत सरकार ने 6 राज्यों में से हिमाचल को चुनकर स्टार परियोजना के अंतर्गत लाया है। इस योजना के अंतर्गत हिमाचल को 3 राज्यों सहित लाईट हाऊस के रूप में चुना गया है जोकि अन्य राज्यों के लिए मार्गदर्शक बनेंगे।

उन्होंने एक भारत-श्रेष्ठ भारत पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों और अध्यापकों को विभिन्न राज्यों में शैक्षणिक भ्रमण करवाया जाता है और प्रदेश सरकार ने पहली बार प्रदेश के शिक्षकों का ज्ञानवर्धन करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन भी करवाया है।

नशे के प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में बहुत से युवा नशे के चुंगल में फंसे हुए हैं जो देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध एक जन आन्दोलन शुरू करने की आवश्यकता है जिसके माध्यम से स्कूलों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। अध्यापकों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए ताकि युवा समाज के समग्र विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जिला स्तर पर जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सशक्त जागरूकता अभियान शुरू करेगा।

इस अवसर पर राज्यपाल ने एक स्मारिका का भी विमोचन भी किया।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्यपाल और लेडी गर्वनर का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने के उद्देश्य से अनेक महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक पुरस्कारों के लिए पारदर्शी नीति को अपनाया गया है जिसमें साक्षात्कार के साथ-साथ मूल्यांकन को भी शामिल किया गया ताकि योग्य शिक्षक को ही पुरस्कृत किया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं की शक्ति को सही दिशा देने की आवश्यकता है और शिक्षक इसमें महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार ने शिक्षा क्षेत्र को विशेष अहमियत दी थी जिसे सभी सरकारों ने अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों का कम दाखिला चिंता का विषय है।

मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। बच्चों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित कर रही है।

इससे पहले शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल और मुख्य संसदीय सचिव ने लेडी गवर्नर को सम्मानित किया।

शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में अनुुकरणीय कार्य किए हैं।

प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर और राजकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, राज्यपाल के सचिव सी.पी.वर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक अमरजीत शर्मा, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर यह एक यादगारी आयोजन रहा। जिसकी संगीतमय सुरेन देर  देती रहेंगी। इस बार के रंगारंग सचमुच यादगारी था। 

Saturday, August 3, 2024

राजकीय महाविद्यालय के छात्र/छात्राओं की निबन्ध तथा भाषण प्रतियोगिता

Saturday 3rd August 2024 at 4:05 PM

हिमाचल कला, संस्कृति भाषा अकादमी की पहल से हुआ आयोजन 


शिमला
: 03 अगस्त 2024: (के के सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क):: 

हिमाचल निर्माता डाॅ. यशवन्त सिंह परमार की राज्य स्तरीय जयंती के अवसर पर हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी द्वारा 3 अगस्त, 2024 को गेयटी थिएटर शिमला में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों की निबन्ध प्रतियोगिता तथा राजकीय महाविद्यालय के छात्र/छात्राओं की भाषण प्रतियोगिता करवाई गई। निबन्ध लेखन में 18 विद्यालयों के 36 विद्यार्थियों ने और भाषण प्रतियोगिता में 13 महाविद्यालयों के 25 छात्र/छात्राओं ने भाग लिया। दोनों प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए प्रदेश के छः जाने-माने विद्वान डाॅ. अशोेक गौतम, डाॅ. सत्यनारायण स्नेही, डाॅ. कुंवर दिनेश सिंह, डाॅ. आत्मा रंजन, डाॅ. दिनेश शर्मा और डाॅ. वीरेन्द्र शर्मा निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे।

भाषण प्रतियोगिता में राजकीय महाविद्यालय तुंगेश की छात्रा कुमारी गुंजन शर्मा ने प्रथम स्थान, राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला की छात्रा कुमारी मीनाक्षी ने द्वितीय और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के छात्र अजय शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया तथा निबन्ध लेखन प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भौंट की छात्रा कुमारी मन्नत ठाकुर ने प्रथम स्थान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मैहली की छात्रा स्नेहा ने द्वितीय और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चियोग की छात्रा आस्था ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 

 सचिव अकादमी एवं निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग, डाॅ. पंकज ललित ने इस अवसर पर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले राजकीय महाविद्यालयों तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों में से प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न भेंट कर पुरस्कृत किया। कार्यक्रम का संचालन हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी की सहायक सचिव डाॅ. श्यामा वर्मा ने किया। 

डाॅ. पंकज ललित ने अपने प्रभावशाली भाषण से विद्यार्थियों को ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए बच्चों का उत्साहवर्द्धन किया। कार्यक्रम में भाषा एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त निदेशक श्री मनजीत शर्मा, विभाग की उपनिदेशक कुसुम संघाईक, गेयटी प्रबंधक श्री सुदर्शन शर्मा, ज़िला भाषा अधिकारी अनिल हारटा और श्री संतोष पटियाल, दीपा शर्मा, अकादमी के अनुसंधान अधिकारी स्वतंत्र कौशल, श्री राकेश कुमार, श्रीमती दिव्या सूद और समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।

डाॅ. ललित ने बताया कि दिनांक 4 अगस्त, 2024 को गेयटी थिएटर शिमला में डाॅ. परमार जयंती के अवसर पर साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा जिसमें वरिष्ठ साहित्यकार श्री पी. सी. लोहमी अपना विषयपत्र प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश के साहित्यकार अपने संस्मरण प्रस्तुत करेंगे और ज़िला सिरमौर के सांस्कृतिक दलों द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे।