Tuesday, March 17, 2026

चुनौतियों के बावजूद शिक्षा और स्वास्थ्य बजट में नहीं होगी कोई कटौती-मुख्यमंत्री

HP News on Tuesday 17th March 2026 at 16:25 Regarding Principal's Conference 

उच्च शिक्षा सुधारों पर प्रधानाचार्यों के सम्मेलन की अध्यक्षता 

न्यू एज पाठ्यक्रमों और भाषा कार्यक्रमों पर दिया बल


शिमला
:17 मार्च, 2026: (DIPR//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां उच्च शिक्षा में सुधारों पर आयोजित एक दिवसीय प्रधानाचार्य सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों के बजट में कोई कटौती नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दूरदराज क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का संचार करना अत्यंत आवश्यक है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का पूर्ण आत्मविश्वास और प्रभावी ढंग से सामना कर सकें। इस दिशा में शिक्षा और शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। शिक्षा क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए सरकार ने कई पहल की हैं। उन्होंने विज्ञान, वाणिज्य और ललित कला जैसे विशेष महाविद्यालय खोलने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में 50 बीघा भूमि पर एक विज्ञान कॉलेज स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए सरकार ने 20 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त राज्यभर में वाणिज्य और अन्य विशेष कॉलेज भी स्थापित किए जाएंगे।

इस सुअवसर पर ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में मौजूदा कमियों को दूर करने के लिए और इस दिशा में सार्थक सुधार लाने के दृष्टिगत प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहायक प्राध्यापकों के 400 और जूनियर सहायक प्राध्यापकों के भी 400 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कॉलेजों में न्यू एज के पाठ्यक्रम और अतिरिक्त भाषा कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों की रोजगार प्राप्त करने की क्षमता बढ़ सके। महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों की तर्ज पर कॉलेज रैंकिंग प्रणाली भी लागू की गई है।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि शिक्षा विभाग का पुनर्गठन करते हुए स्कूल शिक्षा निदेशालय और उच्च शिक्षा निदेशालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षक बहुत सक्षम हैं और ये सुधार उन्हें और बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि सीबीएसई स्कूलों की शुरुआत के बाद इनमें छात्रों के दाखिलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अगले दो महीनों में इन स्कूलों में आवश्यकतानुसार सभी शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र का सुदृढ़ीकरण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार के प्रयासों से मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक एमआरआई मशीनें स्थापित की गई हैं और स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी सुविधा की शुरूआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पुरानी पेंशन योजना के बहाली के निर्णय के फलस्वरूप केन्द्र सरकार ने राज्य को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया गया है और 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि ओपीएस कोई राजनीतिक निर्णय नहीं है, बल्कि सरकारी कर्मचारी सम्मानजनक तरीके से वृद्धावस्था में जीवन व्यतीत कर सकें इसलिए सामाजिक सुरक्षा देने के लिए लिया गया निर्णय है।

इस अवसर पर रैंकिंग भी सामने आई। मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालयों की इंटरनल रैंकिंग भी जारी की। समग्र रैंकिंग में राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर पहले स्थान पर रहा, राजकीय महाविद्यालय संजौली दूसरे और राजकीय कन्या महाविद्यालय, शिमला तीसरे स्थान पर रहा। टियर-1 में राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर पहले, संजौली कॉलेज दूसरे और राजकीय कन्या महाविद्यालय, शिमला तीसरे स्थान पर रहा। टियर-2 में राजकीय महाविद्यालय भोरंज पहले, राजकीय महाविद्यालय सरस्वतीनगर (शिमला) दूसरे और राजकीय महाविद्यालय सुन्नी तीसरे स्थान पर रहा। टियर-3 में राजकीय महाविद्यालय कफोटा पहले, राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट दूसरे और राजकीय महाविद्यालय चैलकोटी तीसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री ने सभी शीर्ष रैंकिंग वाले कॉलेजों को सम्मानित किया और प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया।

आयोजन के इस यादगारी अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश संस्कृत अकादमी का विक्रमी संवत कैलेंडर भी जारी किया और बिलासपुर, धर्मशाला तथा चौड़ा मैदान के राजकीय महाविद्यालयों की डिजिटल पहलों का वर्चुअल शुभारम्भ किया।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. सर्बजोत सिंह बहल, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह और विभिन्न कॉलेजों के प्रधानाचार्य उपस्थित थे।

Friday, March 6, 2026

धारा 118 के बाद अब हिमाचल के होटलों से हिमाचल ऑन सेल मुहिम

Jairam Thakur on 6th March 2026 at 5:09 PM Regarding Alleged Sale of Himachal

इस अभियान को ही आगे बढ़ा रही सुक्खू सरकार:जयराम ठाकुर

एचपीटीडीसी के होटलों को निजी हाथों में सौंपने के निर्णय पर भड़के जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री सुक्खू पर लगाया राज्य की संपदा को कौड़ियों के भाव लुटाने का गंभीर आरोप

शिमला: 6 मार्च 2026: (मीडिया लिंक रविंद्र//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के आठ प्रमुख होटलों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से निजी ऑपरेटरों को सौंपने के आधिकारिक पत्र के सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है, जिसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे 'हिमाचल ऑन सेल' की नीति करार दिया है। जयराम ठाकुर ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार राज्य के बहुमूल्य संसाधनों की खुली लूट कर रही है और जनसंपदा को अपने खास 'मित्रों' की झोली भरने के लिए निजी हाथों में परोस रही है। देवभूमि हिमाचल प्रदेश की भूमि, पहचान और  संसाधनों की रक्षा के लिए बनाए गए हिमाचल प्रदेश भू सुधार एवं किराएदारी अधिनियम 1972 की धारा 118 में छूट दिलाने के नाम पर सरकार पहले से हिमाचल ऑन सेल की मुहिम चला रही है। उसमें अब प्रदेश के होटल भी शामिल कर लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले ही इस बात की आशंका जता चुका था कि सरकार राज्य के सुचारू रूप से चल रहे और लाभप्रद होटलों को जानबूझकर बर्बाद कर उन्हें प्राइवेट सेक्टर को सौंपने की साजिश रच रही है, लेकिन उस समय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि वह ऐसा कभी नहीं होने देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री की कथनी और करनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पर्यटन विभाग के पत्र संख्या OP/O&M/TDC/26 (ओपी/ओ एंड एम/ टीडीसी/ 26) से यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री ने जनता से झूठ बोला और अब आधिकारिक तौर पर प्रदेश की संपदा को बेचा जा रहा है।

उन्होंने दावा किया है कि विभाग द्वारा जारी सूची में बिलासपुर का होटल लेक-व्यू, चिंडी का होटल ममलेश्वर, फागू का होटल एप्पल ब्लॉसम, रोहड़ू का होटल चांशल, कुल्लू का होटल सर्वरी, कसौली का होटल ओल्ड रॉसकॉमन, परवाणू का होटल शिवालिक और खड़ापत्थर का होटल गिरिगंगा शामिल हैं, जिन्हें ऑपरेशन और मेंटेनेंस के आधार पर निजी कंपनियों को आउटसोर्स करने की मंजूरी मुख्यमंत्री द्वारा दे दी गई है।

जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का नारा देने वाली सरकार अब 'हिमाचल को बेचने' की राह पर निकल पड़ी है और इन होटलों के निजीकरण से न केवल राज्य के राजस्व को स्थायी नुकसान होगा, बल्कि सरकारी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों का भविष्य भी अधर में लटक जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घाटे का बहाना बनाकर राज्य की प्राइम लोकेशन पर स्थित इन संपत्तियों को अपने चहेतों को लाभ पहुँचाने के लिए कौड़ियों के भाव लीज पर दे रही है, जो कि हिमाचल की जनता के साथ बड़ा विश्वासघात है।

विपक्ष ने सरकार को चेतावनी दी है कि वे हिमाचल की अस्मिता और संसाधनों के साथ इस तरह का खिलवाड़ नहीं होने देंगे और सदन से लेकर सड़क तक इस 'लूट की नीति' का पुरजोर विरोध किया जाएगा, क्योंकि यह केवल पर्यटन निगम का निजीकरण नहीं बल्कि हिमाचल की आर्थिक संप्रभुता को गिरवी रखने जैसा कदम है।

Thursday, February 5, 2026

केंद्रीय विवि के संस्कृत विभाग की दस दिवसीय कार्यशाला

शिक्षा मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//Posted on 05th February 2026 at 10:10 AM by PIB Shimla

भारतीय ज्ञान परम्परा का सम्यक बोध कराने के लिए प्रशिक्षण

धर्मशाला: 05 फरवरी 2026: (पीआईबी शिमला//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::


भारतीय ज्ञान परम्परा का सम्यक बोध कराने के लिए धर्मशाला में एक विशेष कार्यशाला का आयोजनकराया गया जो बहुत ही उत्साह पूर्ण रहा।
हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परम्परा का सम्यक बोध कराने के लिए अपने सभी विभागों के दो अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इसके तहत सभी विभाग दो अध्यापकों को संस्कृत बोध हेतु नामित करेंगे और हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय का संस्कृत विभाग इन नामित अध्यापकों में संस्कृत बोध पैदा करने के लिए एक वर्ष का पाठ्यक्रम डिजाइन करेगा। यह बातें हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने दस दिवसीय आवासीय संस्कृत संभाषण कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कहीं।

यह कार्यशाला हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय,नई दिल्ली और संस्कृत भारती, हिमाचल प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। प्रो.बंसल ने कहा कि परिसर में सांस्कृतिक बोध को सशक्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय और केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के मध्य जल्द ही एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया जाएगा।


इस अवसर पर केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने
आवासीय सम्भाषण कार्यशाला में सहभाग कर रहे सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और यह आशा जताई कि कार्यशाला भारतीय ज्ञान परम्परा के सातत्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

आवासीय सम्भाषण कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में अतिथियों का स्वागत संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. योगेन्द्र कुमार ने, विषय-प्रवर्तन कार्यशाला के मुख्य-संयाजक प्रो. बृहस्पति मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रणजीत कुमार ने किया। मंच का संचालन डॉ. नरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. नरेन्द्र सांख्यायन, संस्कृत भारती के हिमाचल प्रांत के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त डॉ. कुलदीप कुमार, डॉ अर्चना कुमारी, डॉ. भजहरि दास, डॉ. मुकेश कुमार सहित आवासीय संस्कृत सम्भाषण कार्यशाला में सहभागिता करने वाले विद्यार्थी-शोधार्थी उपस्थित रहे।

SS/RK/NK//(रिलीज़ आईडी: 2224228) 


Saturday, December 20, 2025

HIM MSME FEST 2026, 3-5 जनवरी 2026 तक शिमला में

From Himachal on Saturday 20th Dec 20, 2025 at 8:50 PM Regarding HIM MSME FEST 2026.

नए सहयोग तलाशने वालों को जीवंत मंच प्रदान करना भी है उद्देश्य 


शिमला
: 20 दिसंबर 2025: (मीडिया लिंक टीम//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

उद्योग विभाग 3 से 5 जनवरी 2026 तक शिमला में HIM MSME FEST 2026 का आयोजन करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य MSMEs को एक तरफ ई-कॉमर्स कंपनियों तक पहुंच प्रदान करना और दूसरी तरफ स्थानीय रूप से निर्मित पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित करना है।

इस फेस्ट का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के इच्छुक/मौजूदा उद्यमियों और स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने, खरीदारों, निवेशकों और MSME इकोसिस्टम भागीदारों के साथ बातचीत करने और व्यापार वृद्धि के लिए नए सहयोग तलाशने के लिए एक जीवंत मंच प्रदान करना भी है।

यह माननीय मुख्यमंत्री की एक प्राथमिकता वाली पहल है, जिसका उद्देश्य निवेश सुविधा, महिला उद्यमिता और उद्यम प्रोत्साहन पर केंद्रित प्रयासों के माध्यम से राज्य में समावेशी औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। इस फेस्ट में हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में, माननीय उद्योग मंत्री, भारत सरकार (MoMSME, NITI Aayog, DPIIT) के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और राज्य और केंद्र सरकारों के अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ शामिल होंगे।

03 जनवरी 2026 को फेस्ट का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री द्वारा माननीय उद्योग मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया जाएगा। समारोह में स्टार्टअप पुरस्कार और सम्मान समारोह भी होगा, जिसके बाद एक सांस्कृतिक संध्या होगी जो राज्य भर के कलाकारों को हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी।

पहले दिन के प्रमुख आकर्षणों में से एक विभिन्न जिलों की पारंपरिक शिल्प और बुनाई विरासत का प्रतिनिधित्व करने वाली हस्तनिर्मित शॉल का प्रदर्शन होगा। इसके अलावा, तीन दिवसीय फेस्ट की पूरी अवधि के लिए हिमाचल प्रदेश भर के अद्वितीय उत्पादों वाले फैक्ट्री आउटलेट और प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे।

माननीय उद्योग मंत्री ने बताया कि राज्य में औद्योगीकरण की गति को तेज करने के लिए, विभाग ने कुछ केंद्रित संभावित क्षेत्रों जैसे ग्रीन मोबिलिटी, रक्षा, फार्मा, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, AI और इलेक्ट्रॉनिक चिप, डेटा सेंटर और अन्य उभरते क्षेत्रों की पहचान की है। हिमाचल में नए इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट को ट्रैक करने के लिए चर्चा और विचार-विमर्श के लिए प्रमुख इंडस्ट्रियल सेक्टर के कैप्टन्स को बुलाया जा रहा है। इसके अलावा, माननीय मंत्री ने यह भी बताया कि आने वाली नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी के संदर्भ में इंडस्ट्री के कैप्टन्स के साथ भी चर्चा की जाएगी।

इंडस्ट्रीज़ के डायरेक्टर ने यह भी बताया कि स्टार्टअप प्रमोशन, महिला उद्यमिता, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) पहल पर फोकस करते हुए बायर-सेलर मीट और वॉलमार्ट, अमेज़न, GI टैग्ड और ONDC जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ संबंध बनाने जैसे मुख्य विषयों पर थीमेटिक नॉलेज एक्सचेंज सेशन और नेटवर्किंग विचार-विमर्श आयोजित किए जाएंगे। BRICS चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक प्रतिनिधिमंडल के भी CEO इंटरेक्शन में भाग लेने की उम्मीद है।

श्री आर.डी. नज़ीम (IAS) अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) और डॉ. यूनुस (IAS), निदेशक उद्योग, श्री तिलक राज शर्मा, अतिरिक्त निदेशक उद्योग, सुश्री दीपिका खत्री, संयुक्त निदेशक, श्री अनिल ठाकुर, संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया। फेस्ट को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए नियमित बैठकें और ज़मीनी स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

यह कार्यक्रम अर्न्स्ट एंड यंग, ​​CII और BRICS चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ मिलकर आयोजित किया जा रहा है।

Friday, December 12, 2025

एम. डी. इलेवन की टीम ने चेयरमैन इलेवन को पराजित किया

From Rahul Lodta on Friday 12th Dec 2025 at 6:04 PM Regarding Sports Meet

हिमाचल प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के उन्नीसवें स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष 


शिमला
: 12 दिसंबर 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

हिमाचल प्रदेश पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के उन्नीसवें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित की जा रही क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश  पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड  के प्रबंध निदेशक श्री आबिद हुसैन सादिक ने बी. सी.एस. स्कूल के खेल मैदान में किया । 

इस क्रिकेट प्रतियोगिता के पहले मैच में एम. डी. इलेवन   की टीम ने चेयरमैन इलेवन  की टीम को 5  रनों से  पराजित किया। एम. डी. इलेवन   की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 18 ओवर्स में 108 रनों  का लक्ष्य दिया। एम. डी. इलेवन  की ओर से उप कप्तान हेमंत भारद्वाज ने सर्वाधिक 25 रनों का योगदान दिया। चेयरमैन इलेवन की ओर से योगेश  ओर लवेश लैटका ने तीन-तीन  विकेटस लिए।  चेयरमैन इलेवन की टीम 102 रन बनाकर 18 ओवर्स में आल आउट हो गई। एम. डी. इलेवन   की ओर से हरीश ने 22 रन देकर चार विकेटस, विनोद चौहान ने 8 रन देकर 3 विकेटस  लिए और हेमंत भारद्वाज ने एक विकेट हासिल किया। हेमंत भारद्वाज को मैन ऑफ़ दी मैच चुना गया।

इस अवसर पर श्री नरेश ठाकुर, निदेशक कार्मिक और मनीष महाजन, निदेशक इलेक्ट्रिकल भी उपस्थित रहे।

Saturday, December 6, 2025

मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी में 'स्टिमुलस' कार्यक्रम की अध्यक्षता की

WhatsApp on 06th December 2025:HP Website News Regarding 'Stimulus' at IGMC

चिकित्सकों के लिए इन्सेंटिव पॉलिसी लाने की घोषणा


शिमला
: 06 दिसम्बर, 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय छात्र संघ आईजीएमसी के वार्षिक समारोह ‘स्टीमुल्स’ की अध्यक्षता की

*प्रदेश के पांच चिकित्सा महाविद्यालय होंगे विश्व स्तरीय चिकित्सा तकनीक से लैस 

*आईजीएमसी में लेप्रोस्कोप के लिए पांच करोड़ तथा की घोषणा की 

*इसी तरह एनेस्थीसिया विभाग के लिए छह करोड़ रुपये की घोषणा 

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय शिमला (आईजीएमसी) के सभागार में केन्द्रीय छात्र संघ आईजीएमसी द्वारा आयोजित वार्षिक समारोह स्टीमुल्स-2025-26 की अध्यक्षता की।

मुख्यमंत्री ने आकर्षक एवं भावपूर्ण कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि आईजीएमसी के छात्र हर क्षेत्र में सराहनीय प्रदर्शन करते हैं। इस चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रों ने देश-विदेश में प्रदेश का नाम रोशन किया है। राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र का विकास इस तरह कर रही है कि प्रदेश के युवा हर वैश्विक चुनौती और प्रतिस्पर्धा का सामना कर सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों के लिए इन्सेंटिव पॉलिसी लाने की घोषणा की। यह इन्संेटिव विभिन्न मानकों पर आधारित होंगे। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में पीजी रेजिडेंट छात्रों को प्रथम वर्ष में 50 हजार रुपये, द्वितीय वर्ष में 60 हजार रुपये और तृतीय वर्ष में 65 हजार रुपये प्रतिमाह करने का प्रावधान किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी में लेप्रोस्कोप के लिए पांच करोड़ रुपये प्रदान करने और एनेस्थीसिया विभाग के लिए छह करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने आईजीएमसी के छात्रावास निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों को भूमि हस्तांतरण शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईजीएमसी प्रधानाचार्य को केएनएच से स्त्री रोग विभाग को आईजीएमसी स्थानांतरित करने के लिए प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने को भी कहा। 

मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी, एआईएमएसएस चमियाणा, आरपीजीएमसी टांडा, नेरचौक और हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालयों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट अधोसंरचना विकास के लिए पांच-पांच करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार डायग्नोस्टिक सेवाओं में विश्वस्तरीय गुणवत्ता लाना चाहती है ताकि मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सके। उन्होंने प्रदेश के पांच चिकित्सा महाविद्यालयों को विश्व स्तरीय चिकित्सा तकनीक से लैस करने की घोषणा की। 

उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए केन्द्रीय छात्र संघ को पांच लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि चमियाणा संस्थान, आईजीएमसी और टांडा चिकित्सा महाविद्याल में स्मार्ट लैब स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। 

प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ तथा आधुनिक बनाने के लिए विशेष रूप से प्रयास कर रही है। हिमाचल के इतिहास में महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा आरम्भ की है। हाल ही में जिला शिमला के चमियाणा स्थित अटल इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज और जिला कांगड़ा के टांडा अस्पताल में रोबोटिक मशीनें स्थापित कर इस सुविधा की शुरूआत की गई है। यह सुविधा राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के इतिहास में एक नए युग का आगाज़ है। 

राज्य सरकार ने प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तथा स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास और विस्तार पर तीन हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि व्यय करने का फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों में दो दशकों से  इस्तेमाल हो रहे पुराने चिकित्सा उपकरणों को नए और अत्याधुनिक उपकरणों से बदलने का निर्णय लिया है। राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में चिकित्सा उपकरण गुणवत्ता और आधुनिकता के मानकों में एम्ज दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ के समान होंगे। प्रदेश सरकार ने बीएससी मेडिकल लेबोरेटरी, रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग तथा एनेस्थीसिया एवं ओटी तकनीक में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आईजीएमसी शिमला में सीटों की संख्या 10 से बढ़ाकर 50 की हैं तथा मेडिकल कॉलेज टांडा में सीटों की संख्या 18 से बढ़ाकर 50 की हैं। 

प्रदेश सरकार ने रेजिडेंट डाक्टरों के कार्य समय रेगुलेट किए, पहले इन्हें 36 घंटे ड्यूटी देनी पड़ती थी, अब सिर्फ 12 घंटे अधिकतम लगातार ड्यूटी निर्धारित की गई है। हम मानवीय मूल्यों को विशेष अधिमान दे रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीनियर रेजिडेंट का स्टाइफंड 60 हजार रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया है। सुपर स्पेशियलिटी में स्टाइफंड को एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक लाख तीस हजार रुपये किया है। पिछले तीन वर्षों में वर्तमान सरकार ने मेडिकल एजुकेशन में आधारभूत संरचना और आधुनिक उपकरणों पर 1,207 करोड़ रुपये व्यय किए हैं, यह भी प्रदेश सरकार की पहल है। चम्बा, हमीरपुर, नेरचौक मेडिकल कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रम आरम्भ करवाए गए हैं।

इसके साथ-साथ सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में डिपार्टमेंट ऑफ एमरजेंसी मेडिसिन आरम्भ किया है। प्रदेश सरकार चिकित्सा शिक्षा में निरंतर गुणवत्ता ला रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों में 57 कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न महाविद्यालयों में आपात सेवाओं के लिए विशेषज्ञों के 32 पद सृजित किए गए हैं, यह देश भर में पहली बार हुआ है। यह भी प्रदेश सरकार की अनूठी पहल है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाणा तथा आईजीएमसी में ट्रॉमा और नया ओपीडी ब्लॉक आरम्भ किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को न केवल सुदृढ़ कर रही है, बल्कि इस क्षेत्र में आदर्श राज्य बनने के लिए कार्य कर रही है। 

प्रदेश सरकार सकारात्मक सोच के साथ व्यवस्था को बदल रही है ताकि आने वाले समय में प्रदेश आत्मनिर्भर बन सके। हम हर क्षेत्र में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कर रहे छात्रों और चिकित्सकों को सम्मानित किया।  

इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्रों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। 

प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर ने मुख्यमंत्री को चिकित्सा महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों, सुविधाओं और मांगों के बारे अवगत करवाया। 

केंद्रीय छात्र संघ के मुख्य सलाहकार डॉ. पुनीत महाजन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और विविध गतिविधियों से अवगत करवाया। 

फॉेेरेंसिक चिकित्सा विभाग के प्रो. पीयूष कपिला ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। 

कार्यक्रम में नगर निगम शिमला के महापौर सुरेन्द्र चौहान, पार्षदगण, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा,  वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव, प्रधानाचार्य और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

.0. संख्याः 1377/2025            

Friday, October 31, 2025

सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर विशेष व्याख्यान

 शिक्षा मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 31 OCT 2025 at 5:41PM by PIB Shimla

याद दिलाई गई सरदार पटेल की दृढ़ता और खूबियां 

शिमला31 अक्टूबर 2025: (पीआईबी//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, राष्ट्रपति निवास, शिमला में आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. मुक्तिकांत मोहंती, फेलो, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान ने “सरदार पटेल और राष्ट्रीय एकता का विचार (Sardar Patel and the Idea of National Integration)” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का व्यक्तित्व भारत की राजनीतिक एकता, प्रशासनिक निष्ठा और राष्ट्रीय दृढ़ता का सर्वोत्तम प्रतीक है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश की 562 रियासतों को एक सूत्र में बाँधना उनकी दूरदर्शिता और संगठनात्मक कौशल का अनुपम उदाहरण था।

“पटेल ने केवल भूगोल का नहीं, बल्कि भारत के आत्मा का एकीकरण किया — उन्होंने ‘राष्ट्र’ को प्रशासनिक ढाँचे के रूप में नहीं, बल्कि नैतिक एकता के रूप में परिभाषित किया,” डॉ. मोहंती ने कहा।

सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर एस. रंगनाथ द्वारा की गई, जिन्होंने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि सरदार पटेल भारतीय प्रशासनिक परंपरा के ऐसे स्तंभ हैं जिनके विचार आज भी सुशासन, नैतिकता और एकता के लिए दिशासूचक हैं।


इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता की शपथ भी ली गई।  कार्यक्रमों में संस्थान के फेलो, टैगोर फेलो, अध्येता, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। 



(रिलीज़ आईडी: 2184737)