Sunday, February 26, 2017

देवभूमि हिमाचल में भी जारी था सेक्स रैकेट

शिमला:कुछ घण्टों के 2 हज़ार और पूरी रात के 15 हज़ार रूपये
शिमला:: 25 फरवरी 2017: (देवभूमि स्क्रीन ब्यूरो):: साहिर साहिब की एक यादगारी रचना
बहुत पहले जंग के वीभत्स चेरे को दिखाते हुए लोगों के शायर जनाब साहिर लुधियानवी साहिब ने एक लम्बी रचना लिखी थी जिसमें एक जगह उन्होंने कहा--
कुछ भी न रहा जब बिकने को जिस्मों की तिजारत होने लगी
ख़लवत में भी जो ममनूअ थी वह जलवत में जसारत होने लगी
और यह सब अब भी दिखता है। विकास के दावों और दिखावों को झुठलाता हुआ बड़े  से ले कर छोटे छोटे कस्बों तक यह सब आम हो गया है शायद। जिसे हम देवभूमि कहते हैं वहां भी इस की चर्चा आम है।शिमला पुलिस ने राजधानी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इसमें मुख्य सरगना और ग्राहक के रूप में पेश की गई दो युवतियों को हिरासत में लिया है। युवतियों को पूछताछ और मेडिकल के बाद छोड़ दिया जबकि महिला सरगना को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने ग्राहक बन कर सारा मामला बेनक़ाब किया। गौरतलब है कि शिमला पुलिस को शनिवार सुबह इस महिला सरगना के दो युवतियों के साथ ओल्ड बस अड्डे के पास ग्राहक तलाशने की गुप्त सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने अपना जाल बिछाया। महिला के मोबाइल नंबर पर डील करने को एक कर्मी को तैयार किया गया और पुलिस का यह जाल पुलिस के काम भी आया। पुलिया की तरफ से भेजे व्यक्ति ने एक ग्राहक बनकर सबंधित महिला से बात की। महिला ने पूरी गंभीरता के जिस्मफरोशी के लिए खूबसूरत जवान युवतियों के उपलब्ध होने की बात बताई और बाकायदा उनका रेट भी बताया। पूरी रात के 15 हजार जबकि दिन में कुछ घंटे के लिए 2000 का रेट बताया। यह सब उस ज़मीन पर हो रहा था जिसे हम सब देवभूमि कहते नहीं थकते। 
सारा जाल बिछाया जा चुका था। अब था उस महिला के फोन का इंतज़ार जो इस मामले में बहुत अनुभवी भी लगती है और शातिर भी। उसे इस मामले के सभी खतरों की जानकारी भी थी उसे सभी सबवधानियाँ भी मालूम थीं लेकिन फिर भी पुलिस का जाल मज़बूत निकल। ग्राहक बने व्यक्ति को महिला ने एक होटल में बुलाया। ऐन मौके पर जाल को और कसते हुए ग्राहक बने पुलिस कर्मी ने पुलिस टीम के साथ सभी को पकड़ लिया। युवतियों में एक हिमाचली है, जबकि दूसरी नेपाली मूल की है। दोनों की आयु 26 से 28 साल के बीच बताई जा रही है। यह दोनी इस धंधे में कबसे हैं इसका तुरन्त पता नहीं चला। 
आखिर पुलिस इन तीनों को थाने लेकर आई। युवतियों से पूछताछ करने और मेडिकल करवाने के बाद छोड़ दिया गया, जबकि सरगना महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर दिया गया है। पुलिस को इस बड़े मामले के पकड़े जाने के बाद कई और ऐसे सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश और पकड़े जाने की उम्मीद जगी है।
दूसरी तरफ शिमला पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी का कहना है कि जिस्मफरोशी का धंधा चलाने वाली एक महिला को होटल से गिरफ्तार किया गया है। महिला सरगना के साथ दो युवतियों को भी पकड़ा गया था लेकिन पूछताछ करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।साहिर साहिब की एक यादगारी रचना

Thursday, September 24, 2015

कुल्लू में आनंदमार्ग धर्म महासम्मेलन की तैयारियां मुक़्क़मल

श्रद्धेय पुरोधा प्रमुख का हुआ हवाई अडडे पर ज़बरदस्त स्वागत 
कुल्लू से विशेष रिपोर्ट: 
प्रेरणा: आचार्य दीदी रत्न ज्योति                                                      तस्वीरें और सहयोग आचार्य वैशाली दीदी
(देवभूमि स्क्रीन के लिए आलेख कार्तिका और दिलजोत)
आनन्द मार्ग भुक्तिं कमेटी लुधियाना के प्रधान श्री अशोक चावला अक्सर सुनाया करते हैं जनाब कृष्ण बिहारी नूर साहिब का कलाम जिसमें नूर साहिब ज़िन्दगी की निराशा को बहुत ही खूबसूरत ढंग से बयान करते हुए कहते हैं-

ज़िन्दगी से बड़ी सज़ा ही नहीं, 
और क्या जुर्म है पता ही नहीं।


इतने हिस्सों में बट गया हूँ मैं, 
मेरे हिस्से में कुछ बचा ही नहीं| 

ज़िन्दगी! मौत तेरी मंज़िल है 
दूसरा कोई रास्ता ही नहीं।

ज़िन्दगी! अब बता कहाँ जाएँ 
ज़हर बाज़ार में मिला ही नहीं।

धन के हाथों बिके हैं सब क़ानून 
अब किसी जुर्म की सज़ा ही नहीं।

कैसे अवतार कैसे पैग़म्बर 
ऐसा लगता है अब ख़ुदा ही नहीं।

श्री चावला इस लोकप्रिय ग़ज़ल को सुनाते हुए जवाब देते हैं कि आज जब इन्सान की ज़िंदगी ऐसी दयनीय और तरसयोग्य हो गयी है तो उसे रास्ता दिखा रहा है केवल आनंद मार्ग।  केवल बाबा ही हैं आज के तारणहार। 
श्री चावला के शब्दों में केवल अंधी श्रद्धा नहीं होती बल्कि वह अनुभव होता है जो उन्होंने अपने साथियों सहित लम्बे समय में देखा है। उनके विशवास की वजह केवल धार्मिकता नहीं बल्कि आनंद मार्ग की वह शिक्षा है जो जीवन की चुनौतियों को भगवान शेयर छोड़ने या फिर उनसे खुद भाग जाने की बजाए उनका सामना करने की शक्ति देती है। एक ऐसी शिक्षा जो जीवन से भरपूर है और मौत को मज़्ज़ाक़ करती महसूस होती है। तांड़व का डांस कुछ यही कहता है। जीवन में आने वाली मुसीबतों को कंकर पत्थरों की तरह रौंदते हुए आगे बढ़ते चलो। बाबा ने जो जो कहा बाबा के शिष्यों ने वह सब करके भी दिखाया।  इससे साबित होता है की यह पथ कितना प्रेक्टिकल है। इस पथ पर चलने वाले मार्गियों का एक सम्मेलन हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में होने जा रहा है।  तारीखें हैं 26 और 27 सितम्बर 2015 अर्थात कुल दो दिन का महासम्मेलन। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। ढालपुर प्रदर्शनी मैदान सज चूका है। वहां दूर दराज से आये साधक-साधिकाएं एकत्र हो रहे हैं। जिनकी साधना का तपोबल इस देवभूमि को और भी पावन और शक्तिशाली बना देगा। साधना की महक और सुंदरता इसे और भी मनोरम बना देगी। कुल मिलकर यह रमणीय स्थल और भी आकर्षक बन जायेगा। अगर आप अभी तक वहां नहीं पहुंचे तो अभी रवाना होने का कार्यक्रम बनाएं।

Friday, July 26, 2013

श्री अकाल तख्त साहिब के सामने नतमस्तक सरना बन्धु

Fri, Jul 26, 2013 at 8:51 PM
दायर केस को वापस लें सरना बंधु-जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब 
कहा-अपनी भूलों की क्षमा याचना के लिए गुरुद्वारा रकाबगंज में करवाए श्री अखंड पाठ 
यथा शक्ति मुताबिक लंगर लगाने का भी आदेश 
श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का इन-बिन करेंगे पालन-सरना बंधु
अमृतसर (गजिंदर सिंह किंग) नवंबर 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों की यादगार के खिलाफ हाईकोर्ट में पटिशन दायर करने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किए गए सरना बंधुओं को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने श्री अकाल तख्त साहिब से आदेश दिया है, कि वह उक्त केस को तुरंत वापस लें। इसके अलावा सरना बंधुओं को यह भी आदेश दिया गया है कि वे क्षमा याचना के लिए गुरुद्वारा रकाबगंज में श्री अखंड पाठ के साथ-साथ यथा शक्ति मुताबिक लंर लगाए। उधर, इस मौके पर सरना बंधुओं ने कहा, कि हम श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले को मंजूर करते हैं। 
         नवंबर 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों की यादगार को गुरुद्वारा रकाब गंज में बनाए जाने के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर करने पर श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किए गए परमजीत सिंह सरना अपने भाई के साथ आज पांच सिंह साहिबानों के समक्ष पेश हुए। इस दौरान उन्होंने पांच सिंह साहिबानों को अपना लिखित स्पष्टीकरण पेश किया। पांच सिंह साहिबानों ने विचार करने के बाद परमजीत सिंह सरना और उनके भाई मंजीत सिंह सरना पर अपना फैसला ले लिया। पांच सिंह साहिबानों के इस फैसले को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब से सुनाया। जिसमें आदेश दिया गया कि सरना बंधु तुरंत कोर्ट में दायर किए गए केस को वापस लें। इसके साथ वे दोनों सिख दंगों के पीड़ित परिवारों के साथ गुरुद्वारा रकाबगंज में श्री अखंड पाठ रखवाएं और यथा शक्ति मुताबिक लंगर भी लगाएं और अपनी भूलों की क्षमा याचना करें।
      इससे पूर्व सिंह साहिबानों से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए परमजीत सिंह सरना और हरविंदर सिंह सरना ने स्पष्ट किया, कि वे श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित हैं और श्री अकाल तख्त साहिब के प्रत्येक आदेश की इन-बिन पालना करेंगे। उन्होंने कहा, कि सिंह साहिबानों ने उनसे यही वादा लिखित में भी लिया है। परमजीत सिंह सरना ने यहां फिर स्पष्ट किया, कि वह सिख विरोधी दंगों में मारे गए लोगों की यादगार के खिलाफ नहीं है। बल्कि वह यह नहीं चाहते हैं, कि गुरुओं के शहीदी स्थल में किसी अन्य की शहीदी यादगार की स्थापना हो। सजा सुनने के बाद भावुक हुए परमजीत सिंह सरना ने कहा, कि वह हमेशा से ही श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित रहें हैं। उन्होंने कहा, कि उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब से जो भी हुकुम हुआ है, वह उन्हें मंजूर है।  

सरना बन्धु श्री अकाल तख्त साहिब के सामने नतमस्तक

Thursday, July 4, 2013

उत्‍तराखण्‍ड में राजीव आवास योजना

04-जुलाई-2013 20:39 IST
दस हजार मकान पुनर्निमित किए जाएंगे
आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय उत्‍तराखण्‍ड में ध्‍वस्‍त हुए मकानों को फिर से बनाने के लिए के लिए इसकी योजना, डिजाइनिंग और पुनर्निमाण में मदद करेगा इसके लिए वह आवास एवं शहरी विकास निगम लिमिटेड- हुडको, भवन सामग्री और प्रौद्योगिकी संवर्धन परिषद- बीएमटीपीसी और हिंदुस्‍तान प्रिफैब लिमिटेड-एचपीएल की एक त‍कनीकी टीम को वहां तैनात करेगा। आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्री डॅा. गिरिजा व्‍यास ने आज मीडिया के साथ बातचीत में यह बात कही कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान रूडकी के विशेषज्ञों को भी टीम में शामिल कर इसे और सशक्‍त बनाया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि यह टीम शनिवार और रविवार को प्राकृतिक आपदा ग्रस्‍त उत्‍तराखण्‍ड का दौरा कर नुकसान का जायजा लेगी। 

उत्‍तराखण्‍ड सरकार को अपने मंत्रालय द्वारा पूर्ण सहायता के प्रति आश्‍वस्‍त करते हुए डॅा. गिरिजा व्‍यास ने कहा कि सभी प्रभावित नगर पालिकाओं/ अधिसूचित क्षेत्रीय परिषदों को विशेष मामले के तहत राजीव आवास योजना के अधीन लाकर गरीबों के नष्‍ट हुए मकानों को फिर से बनाने में मदद की जा सकती है और इन आपदा ग्रस्‍त क्षेत्रों को फिर से विकसित किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि राजीव आवास योजना के अंतर्गत मंत्रालय द्वारा दस हजार मकान पुनर्निमित किए जाएंगे। उत्‍तराखण्‍ड के मुख्‍यमंत्री से आज टेलिफोन पर हुई बातचीत का हवाला देते हुए उन्‍होंने कहा कि हुडको को मकानों के निर्माण और ढांचागत सुविधाओं को फिर से बनाने के वास्‍ते 18 से 20 वर्षों के लिए तीन हजार करोड़ रूपये का दीर्घकालीन सुलभ ऋण मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा स्‍वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना/ राष्‍ट्रीय शहरी आजीविका मिशन-एनयूएलएम भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के माध्‍यम से शहरी क्षेत्रों में आजीविका के लिए प्रशिक्षण और स्‍व रोजगार के लिए मदद देगा। उन्‍होंने कहा उनके मंत्रालय ने भारत सरकार के विभिन्‍न योजनाओं तथा फंडों के माध्‍यम से आवासों के निर्माण के काम के समन्‍वय का भी प्रस्‍ताव रखा है तथा बाढ़ और चट्टान खिसकने से प्रभावितों के लिए पुनर्वास कार्यों के लिए 1.25 करोड़ रूपये प्रदान किए हैं। उन्‍होंने कहा कि उनके मंत्रालय तथा संबंधित कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाईयों के सभी कर्मचारियों ने उत्‍तराखण्‍ड में राहत के लिए अपने एक दिन का वेतन सौंपा है। 

डॅा. व्‍यास ने जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनिकरण मिशन के तहत हुई प्र‍गति का भी उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि उसके तहत शहरी गरीबों को मूलभूत सेवाएं- बीएसयूपी और एकीकृ‍त आवास एवं मलीन बस्‍ती विकास कार्यक्रम-आईएचएसडीपी के अंर्तगत 31.05.2013 तक शहरी गरीबों के लिए आवास एवं मूलभूत सुविधाओं की 1608 परियोजनाओं के तहत 1.56 मिलियन आवासों को मंजूरी दी गई है जिसमें 41, 685 करोड़ रूपये से अधिक की लागत आएगी। इसके अलावा 22, 323 करोड़ रूपये की अतिरिक्‍त केन्‍द्रीय सहायता की प्रतिबद्धता पहले ही व्‍यक्‍त की जा चुकी है और अतिरिक्‍त 15, 733 करोड़ रूपये जारी किए गए हैं। उन्‍होंने कहा कि बीएसयूपी के तहत सभी 65 मिशन शहरों को इसके अंर्तगत लाया गया है और 927 छोटे और मध्‍यम शहरों को आईएसएचडीपी के तहत रखा गया है। लगभग 7, 13, 371 लाख मकान पूर्ण हो चुके हैं और 3, 79, 070 लाख मकान के निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनमें 4, 75, 976 घरों को सौंप दिया गया है। 

उन्‍होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीकरण मिशन आधिकारिक रूप से 31 मार्च, 2012 को समाप्‍त हो गया लेकिन चल रहे कार्यों और राजीव आवास योजना पायलट चरण को पूरा करने के लिए 2014 तक बढ़ाया गया है। राजीव आवास योजना का यह चरण 2 जून, 2013 को समाप्‍त हो गया है। उन्‍होंने 12वीं योजना में जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनिकरण मिशन को राजीव आवास योजना में विलय करके इसके क्रियान्‍वयन प्रक्रिया को शुरू करने की भी जानकारी दी। आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्री ने 12 वीं योजना काल में 28 लाख लोगों को कौशल प्रशिक्षण देने तथा 2.8 लाख लोगों को स्‍व रोजगार के उद्यम के लिए ऋण और सहायता देने के प्रस्‍ताव की भी बात कही उन्‍होंने यह भी बताया कि शहरी बेघर लोगों के लिए 1600 शरण गृह बनाने का भी प्रस्‍ताव है। (PIB)

मीणा-3080  एचडीएचओ/अजीत/निशांत-2000