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Sunday, August 31, 2025

लगभग 6000 मणिमहेश यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

  बसों व टैक्सियों के माध्यम से पूरा हुआ सुरक्षित निकालने के काम  

शिमला:30 अगस्त 2025: (मीडिया लिंक रविंद्र/ /देवभूमि स्क्रीन)::

जल प्रकोप ने हिमाचल प्रदेश पर बहुत बड़े कहर बरपाए हैं। दुःख की इस कड़वी हकीकत के बावजूद एक बहुत बड़ा तथ्य यह भी है कि सत्ता, समाज और आम लोगों ने इस मुश्किल घड़ी में बहुत हिम्मत से इन सभी कठिनाईयों का सामना किया है। इसी हिम्मत के चलते बहुत से लोगों को बचाने में भी सफलता मिली है। 

लगभग 6000 मणिमहेश यात्रियों को बसों व टैक्सियों के माध्यम से सुरक्षित निकाला गया है। इस सफलता से बहुत से चिंतित घरों में राहत की लहर पहुंची है। इसके साथ ही अन्य कठिन स्थानों पर भी बहुत से प्रयास किए जा रहे हैं। इनका परिणाम भी बहुत अच्छा होगा। देवभूमि के लोगों पर देव अपनी कृपा अवश्य करेंगे। 

मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आज यहां उच्च अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जानकारी दी कि चंबा में फंसे लगभग 6 हजार यात्रियों को निजी और एचआरटीसी बसों तथा टैक्सियों के माध्यम से सुरक्षित निकालकर नूरपुर और पठानकोट भेज दिया गया है। 

उन्होंने कहा कि शुक्रवार को चंबा के कलसंुई क्षेत्र से यात्रियों को निगम की बसों के माध्यम से पठानकोट भेजा गया। शनिवार को 20 बसें चलाई गईं जिनमें 17 पठानकोट और शेष बसें कांगड़ा व देहरा भेजी गईं। चम्बा में 60 अतिरिक्त बसें तैनात की गई हैं, जिन्हें आवश्यकतानुसार उपयोग में लाया जा रहा है। 

मुख्य सचिव ने कहा कि भरमौर में लगभग 5000 जबकि चम्बा चौगान में 500 यात्री बचे हैं जो जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं। इन यात्रियों को भी लंगेरा सड़क के बहाल होने पर शीघ्र ही उनके गंतव्यों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लंगेरा सड़क को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। 

उन्होंने कहा कि चम्बा-भरमौर सड़क को कलसुंई और राजेरा तक बहाल कर दिया गया है। इसके अलावा, जोत सड़क को भी गेट तक यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। 

मुख्य सचिव ने बताया कि लाहौल-स्पीति में पागल नाला को भी वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है जिसके बाद यहां से काजा की ओर भारी वाहन चलना शुरू हो गए हैं। पागल नाला खुलने के बाद अटल टनल से चार तेल टैंकरों को केलंग के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि रोहतांग दर्रे से होकर अलेओ सड़क को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है।

निदेशक एवं विशेष सचिव आपदा प्रबन्धन डी.सी राणा ने जानकारी दी कि कुल्लू-मनाली सड़क को यातायात के लिए बहाल करने का कार्य भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। मनाली के लिए बांये किनारे से सड़क खोल दी गई है। बंजार के लिए सड़क व क्षेत्र में संचार सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। 

उन्होंने कहा कि रविवार से लाहौल से ट्रकों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। 

Friday, May 16, 2025

उप मुख्यमंत्री ने एचपीयू में आयोजित अभ्युदय 2025 में की शिरकत

 क्रमांक 32/05// शिमला> 16 मई, 2025//07:48 PM from DPRO//Shimla//HP University//Event//

युनिवर्सिटी के साथ जुड़े रहे लोगों की चर्चा भी बहुत सम्मान से हुई            

शिमला: 16 मई 2025: (इनपुट कार्तिका कल्याणी सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

आज भी हिमाचल प्रदेश युनिवेर्सिटी में बहुत ही भावुकता भरी चहल पहल रही। आज दो दिवसीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक उत्सव "अभ्युदय 2025" के समापन समारोह में अतीत से जुड़ी यादों के सिलसिला सभी के ज़हन में बहता हुआ महसूस हुआ। 

आयोजन का विशेष आकर्षण रहे उप मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश मुकेश अग्निहोत्री ने आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सभागार में विवि विधिक अध्ययन संस्थान (यूआईएलएस) एवालॉज द्वारा आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक उत्सव "अभ्युदय 2025" के समापन समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यूआईएलएस एक ऐसा संस्थान है जहां से हमारे भविष्य के अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी एवं राजनेता निकलेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा में लगभग 12 से 14 विधायक इसी विश्वविद्यालय से निकले हैं। इस संस्थान से निकले छात्र आज हर क्षेत्र में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं जो सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यहां के अध्यापकों की देश तथा प्रदेश में अपनी अलग पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों से सभी अध्यापकों का सम्मान एवं कड़ी मेहनत कर इस देश तथा प्रदेश को आगे ले जाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय से हमारा गहरा संबंध रहा है। हमारी धर्मपत्नी स्वर्गीय प्रो सिम्मी अग्निहोत्री ने लगभग 28 वर्ष तक इस विश्वविद्यालय में सेवाएं दी है और अब बेटी डॉ आस्था अग्निहोत्री इस संस्थान में सेवाएं दे रही है।

यूआईएलएस कैंपस भवन के जीर्णोद्धार के लिए अधिकारियों के टीम करेगी विजिट

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यूआईएलएस संस्थान का कैंपस मुख्यमंत्री का आवास भी रह चुका है। आज यहां बात सामने आई है कि कैंपस के भवन के हालात ठीक नहीं है जिसकी मरम्मत करने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति ने भवन के लिए लगभग 5 करोड़ रुपए जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही यूआईएलएस संस्थान कैंपस भवन के जीर्णोद्धार के लिए अधिकारियों के टीम विजिट करेगी ताकि संस्थान के भवन की मरम्मत हो सके। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि संस्थान की हालत ठीक हो और इस संस्थान से छात्र आगे जाकर देश तथा प्रदेश का नाम रोशन करे।

प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता गरीब लोगों का विकास एवं कल्याण 

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता गरीब लोगों का विकास एवं कल्याण है और इस दिशा में यह सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में हर क्षेत्र में शिक्षण संस्थान मौजूद हैं। प्रदेश में हर क्षेत्र में बहुत विकास हुआ है जिसके लिए उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हिमाचल निर्माता यशवंत सिंह परमार एवं वीरभद्र सिंह को याद किया।

इस दौरान विश्वविद्यालय के छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। 

न्यूजलेटर विधि वॉल्यूम 2 का किया विमोचन, विभिन्न गतिविधियों में विजेता रहे छात्रों को किया सम्मानित

उप मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों में विजेता रहे छात्रों को सम्मानित भी किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यूआईएलएस संस्थान के न्यूजलेटर विधि वॉल्यूम 2 का विमोचन भी किया।

विवि के प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र वर्मा ने विश्वविद्यालय के बारे में अपनी बात रखी तथा मुख्यातिथि का स्वागत किया।

निदेशक प्रो. शिव कुमार डोगरा ने यूआईएलएस संस्थान की गतिविधियों की जानकारी दी।

डॉ रितिका राणा ने 2 दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा रखी।

यह भी रहे उपस्थित

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के वरिष्ठ नेता महेश्वर सिंह चौहान, विनोद जिंटा, विवि की अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो ममता मोक्टा, कुलसचिव ज्ञान सागर नेगी, परीक्षा नियंत्रक प्रो श्याम लाल कौशल, प्रो. सुनील देष्टा सहित विवि के अधिष्ठाता और संस्थानों के निदेशकों और विभागाध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर यह एक यादगारी आयोजन रहा जिसने बहुत से लोगों के दिलों अतीत के तर झंकृत कर दिए। अतीत की यादों के साथ जब आज की चुनौतियों को रख कर देखा गया तो नै रहें और नई मंज़िलों की रंगीन तस्वीरें भी सामने आईं।  -०-

Friday, September 20, 2024

मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा अजय पराशर द्वारा लिखित दो पुस्तकों का विमोचन

No. 640/2024-PUB19th September 2024

एक पुस्तक में है पीठ का इतिहास और दूसरी में है साहित्य संकलन 


शिमला
: 19 सितंबर 2024: (मीडिया लिंक//कार्तिका कल्याणी सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां सूचना एवं जन सम्पर्क, उत्तर पूर्व परिषद्, के निदेशक अजय पराशर द्वारा लिखित दो पुस्तकों ‘जालंधर पीठ का रहस्य’ और ‘मुश्तरका खाता’ का विमोचन किया।

जालंधर पीठ का रहस्य इस पीठ  रहस्यों को  बहुत अदभुत  जानकारी उपलब्ध होती है। इस पीठ पर इस तरह के साहित्य की आवश्यकता बहुत  महसूस भी की जा रही थी। धार्मिक साहित्य लिखा भी बहुत गया है लेकिन खोज पूर्ण धार्मिक साहित्य की कमी अभी अभी अखरती है। इस तरह यह पुस्तक इस संबंध में काफी योगदान देती है।  

मुख्यमंत्री ने इन पुस्तकों के संकलन में लेखक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ‘जालंधर पीठ का रहस्य’ पाठकों का हिमाचल प्रदेश की विभिन्न पीठों के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्त्व के बारे में ज्ञानवर्धन करेगी। 

अजय प्रेशर साहिब की दूसरी पुस्तक ‘मुश्तरका खाता’  काफी योगदान देती है। वास्तव में यह पुस्तक रोजमर्रा की जिन्दगी के विभिन्न आयामों को दर्शाती 16 लघु कहानियों का संग्रह है, जो स्थानीय संस्कृति एवं इतिहास की समझ बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण साबित होगी। यह कहानियां ज़िंदगी के विभिन्न रंगों और आयामों को दर्शाती हुई कलम के ज़रिए हमें ज़िन्दगी के रूबरू करती हैं। 

खोजी लेखक अजय पराशर ने विमोचन एवं उत्साहवर्धन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।  क्षेत्रों ने भी इन पुस्तकों  का स्वागत। .0.

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Thursday, September 5, 2024

HP: शिक्षक दिवस पर राज्यपाल ने दिए 27 शिक्षकों को राज्य पुरस्कार

एक शिक्षक को राष्ट्रीय पुरस्कार से किया सम्मानित 


शिमला: 5 सितम्बर 2024: (कार्तिका सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

शिक्षक दिवस पर इस बार भी देश भर में विशेष आयोजन हुए। हिमाचल प्रदेश में भी इसी आश्य के कार्यक्रम अलग अलग स्थानों पर हुए। राज्य स्तरीय आयोजन शिमला में हुआ जिसमें शिक्षकों का सम्मान विशेष आकर्षण था। इस मौके पर राष्ट्र निर्माण में अध्यापकों, अभिभावकों व विद्यार्थियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। 

शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज राजभवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में 27 अध्यापकों को राज्य पुरस्कार और एक अध्यापक को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार वर्ष 2023 के लिए शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किए गए। इस अवसर पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला ने सभी पुरस्कृत अध्यापकों को पौधें भी भेंट किए।

भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें श्रद्धांजलि  देते हुए कहा कि डॉ. राधाकृष्णन एक कुशल प्रशासक, कर्मठ राजनेता, महान शिक्षक और सत्यनिष्ठ व्यक्तित्व के धनी थे।

इस अवसर पर शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित अध्यापकों को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अध्यापकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। अध्यापकों को समाज के सभी वर्गों के प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है जिससे शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने कहा कि एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य करने की आवश्यकता है और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से इसे साकार किया जा सकता है।

राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (एनईपी) में भी राष्ट्र निर्माता के रूप में अध्यापकों के महत्त्व के बारे में बताया गया है। इस नीति में शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ाने के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल ने सदैव ही शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में सुझाए गए सुधारों के अनुरूप हिमाचल इस दिशा में बेहतर कार्य करेगा।

श्री शुक्ल ने कहा कि भारत सरकार ने ‘पीएमश्री’ योजना को भी स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के अंतर्गत पहले से स्थापित विद्यालयों को सुदृढ़ीकरण कर ‘पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इण्डिया’ के रूप में स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय एनईपी का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित कर, अन्य स्कूलों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 180 विद्यालय विकसित किए जाएंगे। भारत सरकार ने 6 राज्यों में से हिमाचल को चुनकर स्टार परियोजना के अंतर्गत लाया है। इस योजना के अंतर्गत हिमाचल को 3 राज्यों सहित लाईट हाऊस के रूप में चुना गया है जोकि अन्य राज्यों के लिए मार्गदर्शक बनेंगे।

उन्होंने एक भारत-श्रेष्ठ भारत पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों और अध्यापकों को विभिन्न राज्यों में शैक्षणिक भ्रमण करवाया जाता है और प्रदेश सरकार ने पहली बार प्रदेश के शिक्षकों का ज्ञानवर्धन करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन भी करवाया है।

नशे के प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में बहुत से युवा नशे के चुंगल में फंसे हुए हैं जो देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध एक जन आन्दोलन शुरू करने की आवश्यकता है जिसके माध्यम से स्कूलों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। अध्यापकों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विद्यार्थियों को जागरूक करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए ताकि युवा समाज के समग्र विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जिला स्तर पर जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सशक्त जागरूकता अभियान शुरू करेगा।

इस अवसर पर राज्यपाल ने एक स्मारिका का भी विमोचन भी किया।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने राज्यपाल और लेडी गर्वनर का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने के उद्देश्य से अनेक महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक पुरस्कारों के लिए पारदर्शी नीति को अपनाया गया है जिसमें साक्षात्कार के साथ-साथ मूल्यांकन को भी शामिल किया गया ताकि योग्य शिक्षक को ही पुरस्कृत किया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं की शक्ति को सही दिशा देने की आवश्यकता है और शिक्षक इसमें महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार ने शिक्षा क्षेत्र को विशेष अहमियत दी थी जिसे सभी सरकारों ने अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों का कम दाखिला चिंता का विषय है।

मुख्य संसदीय सचिव आशीष बुटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। बच्चों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित कर रही है।

इससे पहले शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल और मुख्य संसदीय सचिव ने लेडी गवर्नर को सम्मानित किया।

शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने कहा कि शिक्षकों ने शिक्षा के क्षेत्र में अनुुकरणीय कार्य किए हैं।

प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर और राजकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप-महापौर उमा कौशल, राज्यपाल के सचिव सी.पी.वर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक अमरजीत शर्मा, समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर यह एक यादगारी आयोजन रहा। जिसकी संगीतमय सुरेन देर  देती रहेंगी। इस बार के रंगारंग सचमुच यादगारी था। 

Saturday, August 3, 2024

राजकीय महाविद्यालय के छात्र/छात्राओं की निबन्ध तथा भाषण प्रतियोगिता

Saturday 3rd August 2024 at 4:05 PM

हिमाचल कला, संस्कृति भाषा अकादमी की पहल से हुआ आयोजन 


शिमला
: 03 अगस्त 2024: (के के सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क):: 

हिमाचल निर्माता डाॅ. यशवन्त सिंह परमार की राज्य स्तरीय जयंती के अवसर पर हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी द्वारा 3 अगस्त, 2024 को गेयटी थिएटर शिमला में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों की निबन्ध प्रतियोगिता तथा राजकीय महाविद्यालय के छात्र/छात्राओं की भाषण प्रतियोगिता करवाई गई। निबन्ध लेखन में 18 विद्यालयों के 36 विद्यार्थियों ने और भाषण प्रतियोगिता में 13 महाविद्यालयों के 25 छात्र/छात्राओं ने भाग लिया। दोनों प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए प्रदेश के छः जाने-माने विद्वान डाॅ. अशोेक गौतम, डाॅ. सत्यनारायण स्नेही, डाॅ. कुंवर दिनेश सिंह, डाॅ. आत्मा रंजन, डाॅ. दिनेश शर्मा और डाॅ. वीरेन्द्र शर्मा निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे।

भाषण प्रतियोगिता में राजकीय महाविद्यालय तुंगेश की छात्रा कुमारी गुंजन शर्मा ने प्रथम स्थान, राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला की छात्रा कुमारी मीनाक्षी ने द्वितीय और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के छात्र अजय शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया तथा निबन्ध लेखन प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भौंट की छात्रा कुमारी मन्नत ठाकुर ने प्रथम स्थान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मैहली की छात्रा स्नेहा ने द्वितीय और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चियोग की छात्रा आस्था ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 

 सचिव अकादमी एवं निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग, डाॅ. पंकज ललित ने इस अवसर पर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले राजकीय महाविद्यालयों तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों में से प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न भेंट कर पुरस्कृत किया। कार्यक्रम का संचालन हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी की सहायक सचिव डाॅ. श्यामा वर्मा ने किया। 

डाॅ. पंकज ललित ने अपने प्रभावशाली भाषण से विद्यार्थियों को ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए बच्चों का उत्साहवर्द्धन किया। कार्यक्रम में भाषा एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त निदेशक श्री मनजीत शर्मा, विभाग की उपनिदेशक कुसुम संघाईक, गेयटी प्रबंधक श्री सुदर्शन शर्मा, ज़िला भाषा अधिकारी अनिल हारटा और श्री संतोष पटियाल, दीपा शर्मा, अकादमी के अनुसंधान अधिकारी स्वतंत्र कौशल, श्री राकेश कुमार, श्रीमती दिव्या सूद और समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।

डाॅ. ललित ने बताया कि दिनांक 4 अगस्त, 2024 को गेयटी थिएटर शिमला में डाॅ. परमार जयंती के अवसर पर साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा जिसमें वरिष्ठ साहित्यकार श्री पी. सी. लोहमी अपना विषयपत्र प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश के साहित्यकार अपने संस्मरण प्रस्तुत करेंगे और ज़िला सिरमौर के सांस्कृतिक दलों द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे।                                                             

Friday, May 24, 2024

पूर्व विधायक ने चालक के नाम पर सम्पतियों में लगाया काला धन:सीएम

 Friday: 24th May 2024 at 01:13 PM

जो परिवार और पार्टी का नहीं हुआ वह धर्मशाला का क्या होगा!


धर्मशाला: 24 मई 2024  (कार्तिका कल्याणी सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू आज धर्मशाला में हिमाचल-पंजाब गोरखा एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक और भाजपा के उम्मीदवार ने 15 माह तक अपना मोबाइल और अपने महल के दरवाजे धर्मशाला की जनता के लिए बंद रखे। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक के महल के बाहर इतना बड़ा गेट है कि आम आदमी अंदर जाने से भी डरता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने परिवार और पार्टी का नहीं हुआ, वह धर्मशाला की जनता का क्या होगा? उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक के मन में आम आदमी के लिए कोई पीड़ा नहीं है, वह सिर्फ धन के लोभी हैं। ऐसे व्यक्ति राजनीति के लिए भी खतरनाक हैं।

ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व विधायक ने धर्मशाला व आसपास के क्षेत्रों में अपने चालक नेकराम के नाम पर 10 करोड़ रूपये से अधिक की 82 सम्पतियां खरीदीं जो उनका ही काला धन है। उन्होंने कहा कि भाजपा उम्मीदवार भू-माफिया हैं और धन के लालच में उन्होंने धर्मशाला की जनता का वोट भी बेच दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा उम्मीदवार प्रॉपर्टी डीलर बनकर काम कर रहे थे और जनसेवा से उनका कोई नाता नहीं था। भाजपा के साथ मिलकर उन्होंने एक चुनी हुई सरकार को गिराने का षडयंत्र रचा और डील की दूसरी किश्त प्राप्त करने के लिए हरियाणा पहुंच गए। उन्हांेने कहा कि जो व्यक्ति जन भावनाओं का सौदा करता है उसे सबक सिखाने का वक्त आ गया है। उन्होंने सभी से एक जून को कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने धर्मशाला उपचुनाव में देवेन्द्र जग्गी को मैदान में उतारा है जो ईमानदार छवि के हैं और आम आदमी की पीड़ा को समझते हैं, इसलिए धर्मशाला के मतदाता देवेन्द्र जग्गी को अधिक से अधिक संख्या में वोट डाल कर विजयी बनाएं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा लोकसभा सीट से आनंद शर्मा जैसे दिग्गज नेता को कांग्रेस पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है जिनकी आवाज कहीं भी अनसुनी नहीं की जाती। वह कांगड़ा लोकसभा क्षेत्र की आवाज को पूरे दमखम के साथ लोकसभा में उठाएंगे।

ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने मात्र 15 महीने के कार्यकाल में सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पैंशन दी। महिलाओं को 1500 रूपये प्रति माह पैंशन प्रदान करने की योजना लागू की, जिसके तहत उन्हें एक साल में 18000 रूपये प्रदान किए जाएंगे। विधवाओं के 27 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने की योजना बनाई है तथा विधवा महिलाओं को घर बनाने के लिए तीन लाख रूपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हर वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाएं आरम्भ की हैं ताकि कोई भी वर्ग वंचित न रहे।

इससे पहले मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने बौद्ध धर्मगुरू दलाईलामा से उनके आवास जाकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली, धर्मशाला से कांग्रेस प्रत्याशी देवेन्द्र जग्गी और गोरखा एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा सदस्य सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

Monday, October 2, 2023

केन्द्रीय सहयोग पर राज्य सरकार द्वारा की जा रही राजनीति ठीक नहीं:जयराम ठाकुर

Monday 2nd Oct 2023 at 6:27 PM

मैंने गांव-गांव जाकर देखा है, आपदा प्रभावितों को राहत नहीं मिली है 

*महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को नेता प्रतिपक्ष ने दी श्रद्धांजलि

*देश में स्वच्छता में जनभागीदारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अहम योगदान

 

शिमला: 2 अक्टूबर 2023: (कार्तिका सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::


देश और दुनिया के अन्य हिस्सों की तरह भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश में भी पूरी तरह से सक्रिय है। एक बात सभी ने नोट की है कि भाजपा को अब जीत या हार से अब क्लोई फर्क नहीं पड़ता। भाजपा ने अपने केंद्र को इतना सक्रिय रहने की विशेष ट्रेनिंग दी है कि हालात कुछ भी  हों भाजपा निरंतर गतिशील रहती है। ज़ाहि बता पंजाब, हरियाणा और हिमाचल में भी देखि जा रही है।


हिमाचल प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि बापू के दिखाए गए रास्ते पर आज पूरी दुनिया चल रही है। मानवता की भलाई के  शांति और अहिंसा से बेहतर कोई रास्ता है ही नहीं। स्व० लाल बहादुर शास्त्री के राष्ट्रबोध से हम भारत को विश्व गुरु बना सकते हैं। उन्होंने दिखाया कि सीमित संसाधनों में भी देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उनका व्यक्तित्व ही ऐसा जादू भरा था कि उनके एक आह्वाहन पर देश के लोगों ने एक वक़्त का भोजन छोड़ दिया था। वह जिए भी देश के लिए और मरे भी देश के लिए। ऐसी महान विभूतियों का देश ऋणी है और हमेशा रहेगा भी। 

 

इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र से मिल रही मदद के मामले में राज्य सरकार द्वारा की जा रही राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश की लगातार  मदद कर रही है। हज़ारों करोड़ रुपए अलग-अलग मदों में राज्य सरकार को मिल चुके हैं। आवास से लेकर सड़क और नेशनल हाई वे के लिए अलग से राशि जारी की जा चुकी है लेकिन राज्य सरकार ने ‘कुछ नहीं दिया, कुछ नहीं दिया’ की रट लगाई हुई है।  उन्होंने कहा कि अभी भी केंद्र की टीमें नुक़सान का जायज़ा लेने के लिए हिमाचल  विभिन्न जगहों का सर्वे कर रही हैं। इसलिए राज्य सरकार द्वारा इस तरह की बातें और भी हास्यास्पद हैं। 

 

आपदा और राहत की बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मैंने आपदा प्रभावित बहुत जगहों का दौरा किया और अभी भी कर रहा हूं। आपदा आने के समय जिस तरह से लोगों को सरकार से कोई मदद नहीं मिल पाई थी। उसी तरह दो महीनें बीतने के बाद भी लोगों को कोई राहत नहीं मिल पाई हैं। धरातल की स्थितियां सरकारी दावों के बिलकुल विपरीत हैं। कई ऐसी जगहें भी हैं जहां आपदा के बाद से कोई अधिकारी पहुंचा ही नहीं है। ऐसी परिस्थिति में लोगों के नुक़सान का सही आंकलन और सही राहत कैसे मिल पाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों की इस शिकायतों पर भी सरकार को ध्यान देना होगा। 

 

प्रधानमंत्री की चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। प्रधानमंत्री के आह्वाहन पर आज पूरा देश स्वच्छता के प्रति सजग है और अपनी जनभागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने स्वच्छता को आम जनमानस के जीवन का मिशन बनाने हेतु लोगों को प्रेरित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया।


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Thursday, June 15, 2023

हिमाचल प्रदेश सरकार नई पर्यटन नीति बनाएगी: मुख्यमंत्री सुख्खू

 15th June 2023 at 6:35 PM

अनछुए स्थलों को पर्यटन के दृष्टिगत बढ़ावा दिया जाएगा


शिमला
:15 जून 2023: (कार्तिका कल्याणी सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

पहाड़ी क्षेत्रों में जाओ तो कदम कदम पर प्राकृतिक सुंदरता आपका स्वगत करती है। वहां की शुध्द हवा और शुद्ध पानी एक नई ज़िंदगी का अहसास करवाता है। वहां कदम कदम पर ऐसे रहस्य हैं जो प्रकृति से सुर मिलते ही बहुत सहजता से खुलने लगते हैं। वहां बहुत से मंदिर हैं जिनके दिए की लौ निराशा के अंधेरों में डूबे लोगों को बुलाती है, पुकारती है और सचमुच रास्ता भी दिखाती है। बहुत सी ऐसी जगहें अभी भी अज्ञात हैं जी ी खोज पर काम होना अभी बाकी है। 

इस मकसद के लिए सर्कार भी गंभीर है। क्या समाज भी गंभीर हो कर इसका फायदा उठा पाएगा? प्रदेश सरकार राज्य के अनछुए स्थलों को बढ़ावा देकर पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से नई पर्यटन नीति तैयार करने पर गहन विचार कर रही है। यह बात मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। इस समीक्षा बैठक में इसी मुद्दे से सबंधित बहुत सी अन्य बातों पर भी विचार विमर्श हुआ। 

राज्य के लिए जिस नई पर्यटन नीति की चर्चा इस पोस्ट में भी हो रही है उस पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में आगामी पांच वर्षों में पर्यटकों की संख्या को 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ करने के दृष्टिगत कार्य कर रही है। प्रकृति ने प्रदेश को आपार सौंदर्य से नवाजा है तथा इस सम्पदा का दोहन कर अधिक से अधिक पर्यटकों को प्रदेश की ओर आकर्षित करने की आवश्यकता है।

नई पर्यटन नीति का संक्षिप्त सा विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मई, 2023 तक हिमाचल प्रदेश में लगभग 72 लाख पर्यटकों ने भ्रमण किया है। उन्होंने पर्यटकों की संख्या का सटीक आंकड़ा पता लगाने तथा पर्यटन अधोसंरचना में सुधार करने के लिए पर्यटन विभाग को डॉटा संकलन की प्रणाली तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में पर्यटन क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राज्य सरकार ने पर्यटन सम्बंधी परियोजनाओं के विकास के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है।

इस नई योजना के बहुत से अन्य पहलू भी हैं। मुख्यमंत्री ने पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए पर्यटन विभाग में विपणन प्रयासों तथा स्टाफ को व्यवस्थित करने की महत्ता पर भी बल दिया।

सैलानियों और प्रकृति प्रेमियों का ह्रदय समझे जाते ज़िला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने से सम्बंधित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने विभाग को आगामी विचार के लिए अवधारणा पत्र तैयार करने के निर्देश दिए। इन परियोजनाओं में सकोह में रोलर स्केटिंग रिंक, परागपुर में गोल्फ कोर्स, मैंझा में शीर्ष रिजॉर्ट, नरघोटा में पर्यटन गांव तथा कांगड़ा में प्रस्तावित ऐरो सिटी शामिल है। इसके अतिरिक्त जिला कांगड़ा के नगरोटा-बगवां विधानसभा क्षेत्र में नौरा खड्ड में थीम आधारित सेटेलाइट गांव बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

इस नई योजना के आकर्षणों के संबंध में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार अधिक संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए राज्य में हवाई यात्रा सुविधा में सुधार के सतत प्रयास कर रही है। इसके तहत सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार, जिला मण्डी के नागचला में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण तथा प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर नए हेलीपोर्ट निर्माण पर कार्य कर रही है। पहले चरण में 9 हेलीपोर्ट निर्मित किए जा रहे है, जिनमें ज़िला हमीरपुर में जसकोट, जिला कांगड़ा के रक्कड़ व पालमपुर, जिला चम्बा के सुल्तानपुर, जिला कुल्लू के मनाली, जिला लाहौल-स्पिति के जिस्पा, सिसू व रांगरिक तथा जिला किन्नौर के शारबो में हेलीपोर्ट निर्माण शामिल हैं। शेष 7 हेलीपोर्ट का निर्माण दूसरे चरण के तहत किया जाएगा।

बैठक में बहुत कुछ ऐसा हुआ जो नया इतिहास रचने में सहयोगी बनेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, प्रधान सचिव पर्यटन देवेश कुमार, सचिव भाषा, कला एवं संस्कृति राकेश कंवर, निदेशक पर्यटन विभाग अमित कश्यप तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Friday, April 8, 2022

राज्यपाल ने आर्य (श्रेष्ठता) भारत पुस्तक का विमोचन किया

8th April 2022 at 8:46 PM

भारतीय इतिहास के विभिन्न तथ्यों को उजागर करती विशेष पुस्तक 


शिमला: 08 अप्रैल 2022: (देवभूमि स्क्रीन ब्यूरो)::

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज राजभवन में इंद्र सिंह डोगरा द्वारा लिखित पुस्तक आर्य (श्रेष्ठता) भारत का विमोचन किया। पुस्तक के माध्यम से लेखक ने भारतीय इतिहास के विभिन्न तथ्यों को उजागर करने का प्रयास किया है। 

इस अवसर पर राज्यपाल ने लेखक के प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह पुस्तक मुगल और अंग्रेजी सेनाओं के साथ विभिन्न संघर्षों में भारत के लोगों के बलिदान के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालती है। उन्होंने कहा कि लेखक ने ऐतिहासिक तथ्यों को भूगोल के साथ सम्मिश्रित कर विश्वसनीयता सेे इस पुस्तक की रचना की है, जो दोनों के बीच के परस्पर संबंध को दर्शाता है। 
इंदर सिंह डोगरा बिलासपुर जिले के रहने वाले हैं। वर्तमान में, वह भारतीय इतिहास संकलन योजना समिति, हिमाचल प्रदेश के गाइड भी हैं।
अध्यक्ष हिमफेड, गणेश दत्त, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल, राज्यपाल के सचिव विवेक भाटिया और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

Friday, January 7, 2022

हिमाचल सरकार रेशम कीट पालन को देगी बढ़ावा--बिक्रम सिंह

7th January 2022 at 4:36 PM

रेशमकीट पालन से जुड़े किसानों के हितों की रक्षा होगी  


शिमला
:07 जनवरी 2022: (देवभूमि स्क्रीन ब्यूरो):: 

रेशमकीट पालन बहुत ही अच्छी कमाई देने वाला एक ऐसा घरेलू उद्योग है जिसे अपना कर अपनी आर्थिकता बदली जा सकती है। कच्चा रेशम बनाने के लिए रेशम के कीटों का पालन सेरीकल्चर या रेशम कीट पालन कहलाता है। यह निरंतर लोकप्रिय भी होता जा रहा है। 

रेशम उत्पादन का आशय बड़ी मात्रा में रेशम प्राप्त करने के लिए रेशम उत्पादक जीवों का पालन करना होता है। इससे न केवल आप खुद कमा सकते हैं बल्कि बहुत से अन्य लोगों को भी रोज़गार दे सकते हैं। अब तो इसने पूरी तरह से एक स्वतंत्र उद्योग का रूप ले लिया है। यह कृषि पर आधारित एक कुटीर उद्योग है जिससे ग्रामीण क्षेत्र में ही कम लागत में  शीघ्र उत्पादन प्रारम्भ किया जा सकता है। मुनाफा देख कर आप हैरान रह सकते हैं। हिमाचल सरकार इसे तेज़ी से बढ़ावा देने जा रही है। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने इसी आशय का स्पष्ट एलान भी किया है। 

दिलचस्प बात है कि कृषि कार्य एवं अन्य घरेलू कार्यों के साथ-साथ इस उद्योग को अपनाया जा सकता है। श्रम जनित होने के कारण इस उद्योग में विभिन्न स्तरों पर रोजगार सृजन की भरपूर संभावनायें निहित है, विशेषकर महिलाओं के खाली समय के सदुप्रयोग के साथ-साथ उन्हें स्वावलम्बी बनाने में सहायक है।

इस उद्योग को सुखोनमुख क्षेत्रों में भी सफलतापूर्व स्थापित करते हुए नियमत आय प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही विकास की रफ्तार तेज़ करने के साथ साथ यह पर्यावरण मित्र भी बना रहता है। 

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने आज यहां उद्योग विभाग के रेशम अनुभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने रेशमकीट पालन क्षेत्र से जुड़े किसानों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न मण्डलों के अन्तर्गत रेशमकीट बुनाई बुनकरों को लाभान्वित करने के लिए रेशमकीट प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण केन्द्र, रेशमकीट सामुदायिक केन्द्र, कोकून विपणन केन्द्र और सिल्क वाॅर्म सीड उत्पादन केन्द्र आदि स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मण्डी जिला के बालीचैकी में 494 लाख रुपये की लागत से सेरी एंटरप्रिन्योरशिप डवेल्पमेंट एंड इनोवेशन सेंटर (एसईडीआईसी) भवन का निर्माण किया जा रहा है। इस भवन के निर्मित होने से प्रदेश के और अधिक रेशम बुनकरों को प्रशिक्षित करने की सुविधा प्राप्त होगी और रेशम से जुड़े उत्पाद निर्मित किए जाएंगे। मण्डी जिला के थुनाग में 318 लाख रुपये की लागत से रेशम बीज उत्पादन केन्द्र के भवन का निर्माण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के स्टेट कैटेलेटिक डवेल्पमेंट प्रोग्राम के अन्तर्गत वर्ष 2020-21 में लगभग 271 लाख रुपये व्यय कर 12 हजार से अधिक किसानों को लाभान्वित किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 79 रेशमकीट पालन केन्द्र हैं। प्रदेश के 1287.51 बीघा में शहतूत की खेती की जाती है। प्रदेश में वर्ष 2021-22 के दौरान अब तक 2 लाख 23 हजार शहतूत के पौधे वितरित किए गए हैं और 238 मीट्रिक टन कोकून का उत्पादन किया गया।

बिक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश में रेशम कीट पालन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं का आयोजित की जाएंगी, जिससे रेशमकीट पालन किसानों को केन्द्र और राज्य सरकार के रेशम उद्योग विकास के लिए आरम्भ की गई विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध होगी।

बैठक में निदेशक उद्योग राकेश प्रजापति, उप निदेशक रेशम अनुभाग बलदेव चैहान और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


Saturday, November 20, 2021

जेल सुधार गृह कार्यक्रम के तहत होगा आयोजन, दिखाई जाएगी 25 फिल्में

20th November 2021 at 5:44 PM

 इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल की दूसरी फ़िल्म होगी कंडा जेल में 


शिमला
: 20 नवंबर 2021: (देवभूमि स्क्रीन ब्यूरो)::
सातवें इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल की दूसरीं स्क्रीनिंग शिमला के आदर्श कंडा जेल में होगी। यहां कैदियों को चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर की पुरस्कृत फिल्में दिखाई जाएंगी। ये जानकारी देते हुए इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल ऑफ शिमला के फेस्टिवल डायरेक्टर पुष्प राज ठाकुर ने बताया कि कंडा जेल में फ़िल्म स्क्रीनिंग का आयोजन तीसरी बार किया जा रहा है। बता दें कि 26 से 28 नवंबर तीन दिनों तक शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में इस अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। इसी के साथ साथ कंडा जेल में भी फेस्टिवल की स्क्रीनिंग साथ साथ चलती रहेगी। 

पुष्प राज ठाकुर ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था अपराध से नफरत करो अपराधी से नहीं। इसी को आधार मानते हुए उनकी संस्था हिमालयन वेलोसिटी जेल सुधारों पर आधारित एक फ़िल्म का निर्माण कर चुकी है। 

गौरतलब है कि हिमाचल की जेलों में   कैदियों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए कई तरह की गतिविधियों का आयोजन किया जाता रहा है। कंडा जेल को आदर्श जेल का दर्जा प्राप्त है और यहां करवाई जा रही गतिविधियां   में कैदियों को उनकी शिक्षा व योग्यता के अनुरूप काम पर लगाया जाता हैं।

अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ शिमला के फेस्टिवल डायरेक्टर पुष्प राज ठाकुर ने कहा कि कंडा जेल में कैदियों के लिए पहले भी कई तरह के मनोरंजन परक कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते रहे हैं। 
उन्होंने कहा कि जेल में समय बिताने के बाद बाहर निकलकर कैदी एक अच्छा इंसान बने इसके लिए उसे जेल में भी सकारात्मक माहौल मिलना चाहिए। जेल के तनाव से बाहर आने के लिए अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल में दिखाई जाने वाली अवार्ड विनिंग फिल्में एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं।