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Wednesday, April 15, 2026

कांग्रेस की राज्य प्रभारी रजनी पाटिल शिमला पहुंची

HP Web on Wednesday 15th April 2026 at 16:42 Regarding in charge Himachal Congress Rajni Patel

 राजनैतिक सरगर्मियां भी तेज़: शख्सियत में है जादू जैसा असर


शिमला:15 अप्रैल 2026: (मीडिया लिंक 32//देवभूमि स्क्रीन डेस्क):: 

शिक्षा, कृषि और राजनीति में अपनी पूरी पकड़ रखने वाली सुश्री रजनी पाटिल हिमाचल में पहुँच चुकी हैं। शिमला में उनका गर्मजोशी से स्वागत भी किया गया। इसी बीच रजनी पाटिल ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट भी की। 

पूर्व राज्यसभा सांसद और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति की प्रभारी रजनी पाटिल ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से औपचारिक भेंट भी की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी।

गौरतलब है कि हिमाचल कांग्रेस की आम सभा वीरवार को शिमला में होगी। उन्होंने पहले ऊना जिला का दौरा किया और इसके बाद बुधवार को शिमला पहुंचीं। शिमला के रिज मैदान पर आयोजित जिलास्तरीय हिमाचल दिवस कार्यक्रम में भी उन्होंने भाग लिया। इसके बाद उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर फीडबैक लिया। जर्मन भाषा में भी उनको अच्छी मुहारत है। जन सभाओं में उनकी मौजूदगी जादूभरा असर छोड़ती है। 

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक हरीश जनारथा, सुदर्शन बबलू, विनोद सुल्तानपुरी तथा हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

.0.संख्याः 411/2026

Thursday, July 11, 2024

बागवानों के पास बचे टेलीस्कोपिक कॉर्टन ख़रीदे सरकार:जयराम ठाकुर

Thursday 11th July 2024 at 4:24 PM

बागवानों के हितों की अनदेखी है कांग्रेस सरकार की नीयत

*बागवानों द्वारा अपने उत्पादों की क़ीमत तह करने की कांग्रेस की गारंटी का क्या हुआ

*भ्रष्टाचार के आरोपों पर मुख्यमंत्री की खामोशी चिंताजनक

*प्रदेश में विकास पूर्णतः ठप, नियमित ऋण लेने की प्रक्रिया जारी

शिमला: 11 जुलाई  2024: (कार्तिका कल्याणी सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

सेब के सीजन की शुरुआत हो गई है। भाजपा की सरकार में ही बागवानों के लिए यूनिवर्सल कॉर्टन में सेब बेचे की पहल की गई थी। कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने बिना पूरी तैयारी के यूनिवर्सल कॉर्टन को सरकार ने सेब ख़रीद में अनिवार्य कर दिया। सभी बागवानों के पास हज़ारों की संख्या में टेलीस्कोपिक कॉर्टन पहले से पड़े हुए हैं, जिनकी क़ीमत लाखों में हैं। सरकार टेलीस्कोपिक कॉर्टन को बाग़वानों से उचित मुआवज़ा देकर वापस ले।जिससे बाग़वानों को सेब के सीजन की शुरुआत में ही राहत मिल सके।  उन्होंने कहा कि सरकार ने जल्दबाज़ी में सेब का सीजन शुरू होने के ठीक पहले यूनिवर्सल कॉर्टन को अनिवार्य कर दिया। जबकि अर्ली सीजन से जुड़े बागवानों ने टेलीस्कोपिक कॉर्टन की व्यवस्था पहले से कर ली थी। अब बागवानों को यूनिवर्सल कॉर्टन भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिससे वह पाएँ उत्पाद को मंडियों में ले जा सके। यदि वह टेलीस्कोपिक कॉर्टन में ले जाते हैं तो आढ़ती उसे ख़रीदने से मना कर दे रहे हैं, जिसके कारण एक तरफ़ उनका नहीं बिक पा रहा दूसरी तरह मंडी से वापस लाने का अतिरिक्त खर्च भी हो रहा है।  न नियम स्पष्ट हैं और न ही कोई अन्य व्यवस्था। कॉर्टन न होने के कारण बाग़वान और आढ़ती दोनों परेशान हैं और सरकार ने नियम लाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। सरकार उच्च गुणवत्ता युक्त यूनिवर्सल कॉर्टन उचित क़ीमत पर उपलब्ध करवाए। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि बागवानों के साथ कांग्रेस का रवैया हमेशा से ही दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। पिछले सीजन में भी सरकार ने वजन के हिसाब से ख़रीद करने के नियम बना दिए लेकिन मंडियों में सेब का वजन करने के लिए तौल मशीन तक की व्यवस्था नहीं करवा पाए। जिसके कारण बागवानों और आढ़तियों को समस्याएं हुई और हालात ऐसे पैदा हुए कि आढ़तियों ने सेब लेने से ही मना कर दिया। बागवान किराए की गड़ियां लेकर मंडियों में परेशान होते रहे और सरकार बयानबाज़ी करती रही। सरकार कोई भी निर्णय करने के पहले, उसके निर्बाध क्रियान्वित करने में आने वाली अड़चनों से निपटने की तैयारी नहीं करती। इसका सिर्फ़ एक कारण है कि सरकार बिना सोचे समझे, बिना तैयारी के नियम बनाती है। उन्होंने कहा कि सरकार, कांग्रेस द्वारा चुनाव में बागवानों को दी गई गारंटी पर बात नहीं करती हैं। सरकार कब बागवानों द्वारा अपने उत्पाद का मूल्य ख़ुद तय करने की गारंटी पूरा कर रही है।

भ्रष्टाचार के आरोपों पर मुख्यमंत्री की खामोशी नहीं जवाब चाहती है जनता

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोप और इनकम टैक्स और ईडी की राडार में आये कारोबारियों से मुख्यमंत्री के संबंधों पर प्रदेश के लोग मुख्यमंत्री की ख़ामोश के बजाय उनसे जवाब माँग रहे हैं। इस तरह के भ्रष्टाचार के आरोप लगना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में विकास के कामों पर पूरी तरह विराम लगा चुकी है लेकिन नियमित रूप से क़र्ज़ लेकर ही सरकार चला रही है। इस महीनें फिर से  सरकार ने क़र्ज़ के लिए आवेदन कर दिया है। प्रदेश के मुखिया को यह भी बताना चाहिए कि विकास के एक भी काम न करने के बाद भी सरकार द्वारा क़र्ज़ क्यों लिया जा रहा है।

Thursday, February 15, 2024

ऐसे व्यक्ति को कांग्रेस ने टिकट दिया जो हमेशा किसी न किसी विवादों में रहे

Thursday15th February 2024 at 6:00 PM

वॉटर सेस के खिलाफ़ पेश होने वाले वकील को राज्यसभा भेजने पर क्या बोलेंगे मुख्यमंत्री:जयराम ठाकुर

बीजेपी ने हर्ष महाजन को बनाया राज्य सभा का उम्मीदवार 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के राज्यसभा जाने का सपना तोड़ रही है कांग्रेस

कांग्रेस के नेता अंतरात्मा की आवाज़ सुनकर देंगे बीजेपी का साथ 

कांग्रेस के वॉटर सैस के ख़िलाफ़ लड़ने वाले व्यक्ति को कांग्रेस ने दिया राज्यसभा टिकट


शिमला
:
15 फ़रवरी 2024: (कार्तिका कल्याणी सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर लगातार आवश्यक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते आ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपनी नवीनतम प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की राज्यसभा जाने की इच्छा थी, जिसके लिए उन्होंने जी जान से प्रयास भी किया लेकिन कांग्रेस ने अपने नेताओं को निराश किया और एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दे दिया जिनका हमेशा किसी न किसी विवाद से नाता रहा। 

राज्यसभा के बीजेपी उम्मीदवार हर्ष महाजन के नामांकन के समय उन्होंने यह बातें कहीं और इनके ज़रिए अतीत की बातें भी ताज़ा की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए जिस वॉटर सैस को लेकर आई थी कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार उसी वॉटर सैस के ख़िलाफ़ बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों की तरफ़ से मुक़दमा लड़ रहे हैं। ऐसे में विधायक दल का नेता और सरकार का मुखिया होने के कारण मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि वह क्या चाहते हैं। एक तरफ़ आप कहते हैं कि केंद्र वॉटर सैस नहीं लेने दे रही दूसरी तरफ़ वॉटर सैस के निर्णय के ख़िलाफ़ न्यायालय में खड़े होने वाले व्यक्ति को कांग्रेस राज्यसभा भेजना चाहती है। यह बड़ी हास्यास्पद स्थिति है।

विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के बड़े नेताओं ने राज्यसभा  जाने का सपना पाल रखा था क्योंकि बड़े समय बाद मौक़ा आया थे की कांग्रेस हिमाचल से किसी को राजसभा भेज सके। लेकिन कौन स्थानीय और वरिष्ठ नेताओं की दावेदारी को अनदेखा करते कर दिया। जिससे कांग्रेस के आंतरिक रूप से बहुत असंतोष है। कांग्रेस के लोग आलाकमान ने इस निर्णय से निराश हैं। 

इस मौके पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में जयराम ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ना सबका अधिकार हैं। इसलिए बीजेपी ने भी हर्ष महाजन को राज्यसभा का  उम्मीदवार बनाया गया है। प्रदेश के लोगों के साथ-साथ प्रदेश के विधायक भी कांग्रेस सरकार से त्रस्त हैं। इसलिए हमें भरोसा है कि सभी विधायक अंतरात्मा की आवाज़ सुनेंगे और हर्ष महाजन का सहयोग करेंगे। लेकिन कांग्रेस की सरकार और मुख्यमंत्री इस बात का जवाब देना होगा कि अपने हुई स्टैंड के ख़िलाफ़ खड़े होने वाले लोगों को वह राज्य सभा भेज कर क्या साबित करना चाहती है। क्योंकि अब जवाबदेही का वक़्त आ गया है, इसलिए इधर-उधर की बातें करके यह सरकार बच नहीं सकती है।  

Sunday, December 11, 2022

हिमाचल में नई कांग्रेस सरकार ने शपथ ली

Sunday:11th December 2022 at 5:01 PM

सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री और मुकेश अग्निहोत्री उप- मुख्यमंत्री 
शिमला: 11 दिसंबर 2022: (देवभूमि स्क्रीन ब्यूरो)::
राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज शिमला के रिज पर आयोजित एक भव्य समारोह में सुखविंदर सिंह सुक्खू को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। राज्यपाल ने इस अवसर पर मुकेश अग्निहोत्री को प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ भी दिलाई।
राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, वरिष्ठ राष्ट्रीय कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल और आनंद शर्मा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला, जितेंद्र बिट्टू और सचिन पायलट, मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के परिजन, विधायकगण, कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता, वरिष्ठ अधिकारी तथा हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोग भारी संख्या में इस अवसर पर उपस्थित थे। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का जीवन परिचय
स्वर्गीय श्री रसील सिंह के सुपुत्र श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का जन्म 27 मार्च, 1964 को नादौन, जिला हमीरपुर में हुआ। उन्होंने एम.ए., एल.एल.बी. की शिक्षा ग्रहण की है तथा उनका विवाह श्रीमती कमलेश ठाकुर से हुआ। उनकी दो सुपुत्रियां हैं।

वह वर्ष 1981-82 तथा 1982-83 में राजकीय स्नातक महाविद्यालय संजौली शिमला के कक्षा प्रतिनिधि रहे। वर्ष 1983-1984 में वह राजकीय स्नातक महाविद्यालय संजौली, शिमला के महासचिव निर्वाचित हुए तथा वर्ष 1984-85 में राजकीय डिग्री महाविद्यालय संजौली के अध्यक्ष निर्वाचित किए गए।

वर्ष 1985-86 के दौरान वह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विधि विभाग के विभागीय प्रतिनिधि रहे तथा वर्ष 1989-95 तक राज्य युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। वर्ष 1995-1998 तक वह प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव, वर्ष 1998-2008 तक प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। वर्ष 1992-97 और 1997-2002 तक वह दो बार नगर निगम शिमला के पार्षद चुने गए। वर्ष 2008 से 2012 तक वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और 8 जनवरी, 2013 में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने।

वर्ष 2003 और वर्ष 2007 में वह प्रदेश विधान सभा के लिए निर्वाचित हुए। वर्ष 2007-12 तक कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक रहे।

श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिसंबर, 2017 में तीसरी बार विधायक के रूप में चुने गए और सार्वजनिक उपक्रम, विशेषाधिकार और व्यापार सलाहकार समितियों के सदस्य के रूप में नामित हुए।
दिसंबर, 2022 में वह चौथी बार फिर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए हैं और आज मुख्यमंत्री पद का पदभार ग्रहण किया।

उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का जीवन परिचय
श्री मुकेश अग्निहोत्री का जन्म स्वर्गीय श्री ओंकार चन्द शर्मा के घर 9 अक्तूबर, 1962 को हुआ। वह मूल रूप से गाँव व डाकघर गोंदपुर, जिला ऊना से संबंध रखते हैं।

उन्होंने बी.एस.सी., लोक सम्पर्क एवं विज्ञापन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा और एम.एस.सी गणित की शिक्षा ग्रहण की है। उनका विवाह श्रीमती सिम्मी अग्निहोत्री से हुआ और उनकी एक पुत्री है।

उन्होंने लगभग 15 वर्षों तक देश के विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में कार्य किया। वह हिमाचल प्रदेश सरकार की प्रेस प्रत्यायन कमेटी के सदस्य, राज्य प्रेस सलाहकार समिति के सदस्य, हि.प्र. विधानसभा की प्रेस गैलरी समिति के सदस्य और राज्य सरकार की पहाड़ी भाषा समिति के सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा, वह प्रेस क्लब, शिमला, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव और प्रदेश कांग्रेस समिति के मीडिया सैल के महासचिव रह चुके हैं।

मार्च, 2003 में वह पहली बार संतोखगढ़ (अब हरोली) विधानसभा से प्रदेश विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। उसके उपरांत वह वर्ष 2007, 2012, 2017 और 2022 में प्रदेश विधानसभा सदस्य के रूप में पांचवीं बार निवाचित हुए।
 
श्री मुकेश अग्निहोत्री 2003 से 2005 तक मुख्य संसदीय सचिव तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के आवास बोर्ड के अध्यक्ष नियुक्त किए गए। दिसंबर 2012 से 2017 के कार्यकाल के दौरान उन्होंने प्रदेश के उद्योग, श्रम एवं रोज़गार, संसदीय मामले और सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2017 से 2022 तक वह सदन में नेता प्रतिपक्ष रहे।  

दिसंबर, 2022 में वह 14वीं विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए हैं और प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला है।

कांग्रेस सत्ता का नया अध्याय-सुखविंद्र सुक्खू होंगे हिमाचल के 15वें मुख्यमंत्री

Sunday 11th December 2022 at 2:30 AM

आंतरिक कलह भी नियंत्रित-अग्निहोत्री होंगें उपमुख्यमंत्री-आज शपथ  


     हिमाचल में कांग्रेस की सत्ता का नया अध्याय  शुरू  होने को है 


शिमला: 11 दिसंबर 2022: (देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

सत्ता आने पर भी विनम्र रहना  बने रहना और सत्ता जाने पर भी विनम्र रहना यही होता है
वास्तवकि शिष्टाचार-मुख्यमंत्री के तौर पर चयनित श्री सुखविंदर सुक्खू ने विदा ले रहे
भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर से शिष्टाचार भेंट की  
शिमला में सत्ता और सियासत का नया अध्याय शुरू होने को है। जब कांग्रेस मुक्त भारत की बातें ज़ोर पकड़ रहीं थी उस समय कांग्रेस ने पर्वत्तीय प्रांत हिमाचल  प्रदेश में नई पारी शुरू करने की है। चुनावी विजय के तुरंत बाद  आंतरिक कलह पर भी कांग्रेस विजय पाने में सफल रही है। हिमाचल में कांग्रेस सत्ता अब इस पर्वतीय भूमि के  गहरे से जुड़ने वाली है। चुनावों के बाद आए परिणामों के बाद का झमेला भी तकरीबन खत्म हो चूका है और अब सुखविंद्र सुक्खू हिमाचल के 15वें मुख्यमंत्री होंगें। इसी मौके पर यह भी तय हुआ कि मुकेश अग्निहोत्री उपमुख्यमंत्री बनेंगे। आज अर्थात त 11 दिसंबर को ही शपथ की रस्म भी अदा होगी। हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह की पत्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने चुनावी नतीजों के बाद से ही परोक्ष रूप से खुद को मुख्यमंत्री के दावेदार के रूप में पेश कर दिया था लेकिन उनका दबाव भी आज मुख्यमंत्री के नाम का चयन करते वक्त काम नहीं आया। 

हाई कमान की तरफ से सुक्खू के नाम पर मुहर लगने के बाद शनिवार शाम शिमला में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। इसमें सुक्खू को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया। शपथ ग्रहण  समारोह आज पारम्परिक उत्साह के साथ होगा। सभी गणमान्य इसमें शामिल होंगें।  उपलब्धियों का एक नया दौर शुरू होने को है। कांग्रेस की हिमाचल विजय ने अपना प्रभाव 2024  में भी दिखाना है। Chief Minister designate Shri Sukhvinder Singh calls on out going Chief Minister Shri Jai Ram Thakur at Oak Over, Shimla today. It was a courtesy call.

मुख्यमंत्री के नाम का चयन भी आसान नहीं रहा। इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का रास्ता आखिरकार दिल्ली की हरी झंडी से आज शनिवार को ही साफ हो गया था। कांग्रेस की आंतरिक गुटबंदी को भी बहुत ही सफलता से नियंत्रित कर लिया गया। चार बार  विधायक रहने के साथ साथ पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को आखिर हिमाचल प्रदेश का 15वां मुख्यमंत्री घोषित कर दिया गया। इसके अलावा मौजूदा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे मुकेश अग्निहोत्री उप मुख्यमंत्री होंगे। वहीं, प्रतिभा सिंह मुख्यमंत्री पद की दौड़ से बाहर हो गईं। रविवार को शिमला के रिज मैदान पर दोपहर 1:30 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। अब जल्द ही मंत्रियों के नाम भी तय होंगे। इन नामों की घोषणा भी जल्द ही हो जाएगी। इस तरह एक नई सरकार हिमाचल के राजनैतिक दृश्य पर सामने आने वाली है। 

सुक्खू का चुनाव उनके यूथ से जुड़े रहने की खूबी को देखते हुए भी किया गया। कांग्रेस  हाई कमान की तरफ से सुक्खू के नाम पर मुहर लगने के बाद शनिवार शाम शिमला में कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी हुई। इसमें सुक्खू को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के अलावा नवनिर्वाचित पार्टी के विधायक, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहेंगे। इस तरह पंजाब से भी कई लोग इससमारोह में शामिल होने के लिए पहुच सकते हैं। 

युवा शक्ति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे सुक्खू वास्तव में एन एस यू आई के रास्ते ही हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बहुत ही असरद दायिक ढंग से आगे आए थे। सुक्खू करीब छह साल तक पार्टी प्रदेशाध्यक्ष भी रहे हैं। उम्र के लिहाज़ से 58 वर्षीय सुक्खू राज्य में कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष पद पर भी काम कर चुके हैं। इसके साथ ही वह  हमीरपुर जिले की नादौन विधानसभा सीट से भी विधायक चुने गए हैं। जो चुनौतियाँ अब इस ताजपोशी के बाद कांग्रेस के सामने जी चुनौतियां आएंगी उनका सामना भी सुक्खू ही प्रभावी ढंग से कर पाएंगे। आजकल सियासत बेहद शातराना भी हो चली है। उस सियासत के खेल खेलने के लिए उसी तरह की गुणवत्ता और क्षमता के लोग ही अच्छे परिणाम ला पाएंगे। 

हिमाचल में गुटबंदी की यह समस्या तब खड़ी हुई जब हिमाचल प्रदेश में प्रतिभा वीरभद्र सिंह खेमे के समानांतर सुक्खू का नया धड़ा उभरा है। इस वजह से कुछ तनाव काफी समय से चला आ रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस ने इन चुनावों में अपनी विजय दर्ज की। उम्मीद करनी चाहिए कि यह सत्ता भी लोगों की अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी।अब भी फ़िलहाल गुटबंदी का खतरा  दब चुका है।  

लेकिन कल शाम तक स्थिति गंभीर थी। मुख्यमंत्री के नाम का चुनाव  गुटबंदी के कारण आसान नहीं था। इस चुनाव के लिए शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल ने एक सिंगल लाइन प्रस्ताव बनाकर कांग्रेस हाईकमान  को दिल्ली भेजा था। अब हाईकमान ने ही तय करना था कि मुख्यमंत्री कौन होगा। इसके बाद शनिवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर में फिर से कांग्रेस विधायक दल की एक बैठक 5:00 बजे शुरू हुई। इस बैठक पर भी सभी की नज़रें थी। इसलिए यह बैठक भी दिलचस्प थी। 

इस बैठक में सुक्खू खेमे सहित कांग्रेस के ज़्यादातर विधायक शामिल हुए। मुकेश अग्निहोत्री इस बैठक में देरी से पहुंचे।  वह करीब 5:45 बजे बैठक में पहुंचे। वह होटल सिसिल में अपने कुछ समर्थक विधायकों के साथ बैठक भी करते रहे। शिमला में प्रतिभा वीरभद्र सिंह गुट के कुछ नेताओें ने सुक्खू के खिलाफ नारेबाज़ी भी पुरे ज़ोरशोर से की। हालांकि, सुक्खू को मुख्यमंत्री और मुकेश अग्निहोत्री को उपमुख्यमंत्री घोषित करने के बाद माहौल कुछ शांत हो गया। आखिर पार्टी अनुशासन की कदर  भी हैं।   

इस तरह सभी मतभेदों पर सहमति की मोहर लगाते हुए सर्वसम्मति से सुखविंद्र सिंह सुक्खू को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इस तरह अब सुक्खू मुख्यमंत्री होंगे, जबकि मुकेश अग्निहोत्री उपमुख्यमंत्री होेेंगे। आज शपथ ग्रहण समारोह में सभी औपचारिकताएं पूरी कर जाएंगी। हिमाचल में कांग्रेस सत्ता का नया अध्याय शुरू हो। 

Sunday, March 21, 2021

आपातकाल के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने वालों को किया सम्मानित

 Sunday: 21st March 2021

मुख्यमंत्री ने ऐसे लोगों को लोकतंत्र प्रहरियों के तौर पर दिया सम्मान 

आपातकाल में नरेंद्र मोदी और डा. सुब्रमण्यम स्वामी ने सिख वेश में अज्ञातवास रह कर संघर्ष किया उस वक़्त की तस्वीर भी इस कोलाज में शामिल है अन्य  लोकतंत्र प्रहरियों  का दृश्य 

शिमला: 21 मार्च 2021: (देवभूमि स्क्रीन ब्यूरो)::

आपातकाल का दौर एक ऐसा समय था जिसे अभी तक भूलाया नहीं जा सका। कलम पर सीधी पाबंदी थी जो नज़र भी आती थी। हर अख़बार को पूरी तरह जांच और दिखाने के बाद ही प्रकाशित किया जा सकता था। ऐसे में रोष स्वरूप अख़बारों ने सेंसर की गई जगह को खाली छोड़ देने का सिलसिला भी शुरू किया। खाली जगहों पर लिख दिया जाता था सेंसर की भेंट। बाद में सरकार ने अख़बार संचालकों को ऐसा करने से भी मना कर दिया। इस तरह की बहुत सी बंदिशों से देश का जनमानस गुस्से से भरता चला गया। परिणाम स्वरूप श्रीमति इंदिरा गाँधी को चुनावों में पराजय का मुँह देखना पड़ा। आपातकाल के दौर में सबसे बड़ा मोर्चा श्री दरबार साहिब अमृतसर से लगा जहां से हर रोज़ अकाली कार्यकर्ताओं का जत्था अरदास करता। जत्थे के सभी सदस्यों के गले में सम्मान स्वरूप हार डाले जाते और यह जत्था जैकारे लगाते हुए गरिफ्तारी देने निकलता था। गरिफ्तारियों का यह सिलसिला आपातकाल का समापन होने तक चला अर्थात 19 महीनों तक। सिख संगठनों का आरोप भी रहा कि जून-84 में ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार और नवंबर-84 में सिखों का हत्याकांड जैसे कांग्रेस के एक्शन वास्तव में आपातकाल के खिलाफ लगे मोर्चे की खुंदक को ले कर सिख समुदाय से अपना गुस्सा निकालने वाले कदम ही थे। आपातकाल के खिलाफ चले मोर्चों में भाग लेने वालों को सम्मानित करने और आर्थिक मदद देने जैसे कदम पहले भी उठाए जाते रहे हैं लेकिन अब हिमाचल प्रदेश में इसे और वैधता प्रदान की गई है। 

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर ने कहा कि आपातकाल स्वतंत्र भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिन लोगों ने आपातकाल के खिलाफ आवाज उठाई और कड़ा संघर्ष किया उन्हें हमेशा याद रखा जाना चाहिए। यह बात आज मुख्यमंत्री ने आपातकाल के दौरान जेल गए व्यक्तियों द्वारा दिए गए योगदान को सम्मान देने के लिए राज्य सरकार द्वारा आयोजित लोकतंत्र प्रहरी सम्मान समारोह में कही। उन्होंने कहा कि आम तौर पर लोग कठिन समय को भूल जाते हैं लेकिन आपातकाल के समय को कभी नहीं भूलना चाहिए क्योंकि इस दौर से बहुत कुछ सीखने को मिला है। उन्होंने कहा कि आपातकाल हमारे इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और युवाओं और भावी पीढ़ी को इससे परिचित होना चाहिए।

आपातकाल की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर ने कहा कि जिन लोगों को आपातकाल के दौरान जेलों में बन्द किया गया था उन्हें सम्मानित करने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में लोकतंत्र प्रहरी सम्मान योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि 20 मार्च, 2021 को राज्य सरकार ने हिमाचल विधानसभा में हिमाचल प्रदेश लोकतंत्र प्रहरी बिल-2021 पास किया है। उन्होंने कहा कि इससे अब आपातकाल के दौरान राज्य के जो लोग जेल में गए थे उन्हें सम्मान राशि मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि 25 जून, 1975 की आधी रात को आपातकाल लगाया गया था जो 21 मार्च, 1977 तक 21 माह तक रहा। हर व्यक्ति अपना-अपना कार्य कर रहा था और हालात सामान्य थे। कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में थी और आपातकाल लगाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा किसी ने भी इसके बारे में सोचा नहीं था।  

उन्होंने इसका इतिहास भी बताया। मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर ने कहा कि इन्दिरा गांधी ने रायबरेली लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और भारी अन्तर से जीती, जिसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इन्दिरा गांधी को चुनावी भ्रष्टाचार का दोषी पाया और रायबरेली लोकसभा क्षेत्र के चुनावी निर्णय को खारिज कर दिया और छः साल के लिए निर्वाचित पद पर रहने की रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि इन्दिरा गांधी सत्ता छोड़ने के लिए तैयार नहीं थीं इसलिए आपातकाल लगाया गया था। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान सरकार ने आम लोगों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित कर दिया था और कोई भी व्यक्ति सरकार के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकता था। बहुत से निर्दोष लोगों को बिना किसी कारण के जेल में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों और अन्य मीडिया माध्यमों पर सेंसरशिप लगा दी गई थी।

आपातकाल के खिलाफ लड़ने वालों को लोकतंत्र के प्रहरी कह क्र भी नवाजा गया है। मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि इस घटना को 45 वर्ष बीत गए हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 25 जनवरी, 2021 को राज्य ने भी अपने पूर्ण राज्यत्व के 50 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं और पूर्ण राज्यत्व की स्वर्ण जयंती को यादगार बनाने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश में 51 कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को हिमाचल प्रदेश की पिछले 50 वर्षों की विकास यात्रा के बारे में जागरूक करना है। राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में अत्यधिक प्रगति और विकास किया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 81 लोकतंत्र प्रहरियों में से 66 लोकतंत्र प्रहरियों को सम्मानित किया हालांकि देश भर में इनकी संख्या बहुत बड़ी होगी। 

अन्य वक्ताओं ने भी उस वक़्त को याद दिलाया। लोकतंत्र प्रहरी समिति के अध्यक्ष एवं शहरी विकास मंत्री श्री सुरेश भारद्वाज जी ने आपातकाल को याद करते हुए कहा कि आपातकाल का समय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला अध्याय है। उन्होंने आपातकाल की सम्पूर्ण पृष्ठ भूमि को उजागर किया और उस  दौरान संघ व उससे सम्बन्धित विभिन्न संगठनों द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी। लोकतंत्र प्रहरी समिति के सदस्य श्री प्रवीण शर्मा जी ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्यों का स्वागत किया। उन्होंने आपातकाल के दौरान जेल में बिताए गए अपने कठिन दिनों के अनुभव को भी सांझा किया। राष्ट्रीय गौरव समिति के सचिव श्री सुभाष जी ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे और आपातकाल के दौरान के अपने अनुभवों को सांझा किया। इस अवसर पर आपातकाल पर बनाए गए एक वृतचित्र को भी दिखाया गया।

लोकतंत्र प्रहरियों की सूची

जिला बिलासपुर

1.श्री नारायण सिंह स्वामी

गांव लंजता, तहसील घुमारवी, जिला बिलासपुर

2.श्री जय कुमार

रौड़ा सैक्टर, बिलासपुर, जिला बिलासपुर

3. स्व.श्री राजेन्द्र कुमार हांडा

रौड़ा सैक्टर, बिलासपुर, जिला बिलासपुर

4. श्री अच्छर सिंह

गांव पनोल, जिला बिलासपुर

5.श्री नरोतम दत्त शास्त्री

बिलासपुर, जिला बिलासपुर

जिला: चम्बा

1.श्री लखीणू

गांव मुकलैली, जिला चम्बा

2.श्री नोरध

गांव समैला, जिला चम्बा

3.श्री भानू

गांव बडैेटा, जिला चम्बा

4.श्री साहवणू

गांव वनोटू, जिला चम्बा

5.श्री जोतू राम

गांव बडैटा, जिला चम्बा

6.श्री देवदत्त

गांव हरिपुर, जिला चम्बा

7.श्री देश राज

गांव सरोल, जिला चम्बा

8.श्री नरेश चन्द मेहता

चम्बा, जिला चम्बा

9.स्व. श्री जय राम

गांव प्रेच्छा, जिला चम्बा

10.स्व. श्री हरू

गांव रजिण्डू, जिला चम्बा

11.स्व. श्री चन्दू

गांव रजिण्डू, जिला चम्बा

12.स्व. श्री सरवण कुमार

गांव टपर, जिला चम्बा

13.श्री सुदेश राज

चम्बा, जिला चम्बा

14.श्री शिवकर्ण

गांव मडोलू, जिला चम्बा

15.श्री जूमी

गांव खल्ला, जिला चम्बा

16.स्व. श्री टिभलू

गांव खल्ला, जिला चम्बा

17.स्व. श्री धर्म पाल

गांव परेल, जिला चम्बा

जिलाः हमीरपुर

1.स्व. श्री सुदर्शन जैन

नादौन, जिला हमीरपुर

2.श्री मुलक राज धीमान

गांव खोहर, जिला हमीरपुर

जिलाः कांगड़ा

1.श्री शांता कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री

पालमपुर, जिला कांगड़ा

2.श्री सुनील मनोचा

धर्मशाला, जिला कांगड़ा

3.श्री अशोक कुमार

गांव अन्द्राणा, जिला कांगड़ा

4.श्री स्वराज कुमार बाली

पालमपुर, जिला कांगड़ा

5.स्व. श्री गुलशन कुमार

पालमपुर, जिला कांगड़ा

6.स्व. श्री मोहिन्द्र सिंह

गांव जण्डपुर, जिला कांगड़ा

7.श्री बलवीर सिंह राणा

गांव लखवाल, जिला कांगड़ा

8.श्री रोशन लाल धीमान

गांव दाड़ी, जिला कांगड़ा

9.श्री गोपी चन्द अग्रवाल

कांगड़ा, जिला कांगड़ा

10.स्व. कुलदीप सचदेवा

कांगड़ा, जिला कांगड़ा

11.श्री केदार नाथ बस्सी

कांगड़ा, जिला कांगड़ा

12.श्री नरेन्द्र नाथ

नगरोटा-बगवां, जिला कांगड़ा

13.श्री कमल किशोर

शाहपुर, जिला कांगड़ा

14.श्री राजेन्द्र अग्रवाल

धर्मशाला, जिला कांगड़ा

15.श्री राकेश भारती

शाहपुर, जिला कांगड़ा

16.वसन्त कुमार सूद

धर्मशाला, जिला कांगड़ा

जिलाः कुल्लू

1.स्व. चन्द्रसेन ठाकुर

गांव दशाल, जिला कुल्लू

2.श्री सुरेन्द्र खन्ना

गांव शमशी, जिला कुल्लू

3.श्री लाल चन्द

पुरानी मनाली, जिला कुल्लू

4.श्री टाम्बर सिंह

गांव जटेहड़, जिला कुल्लू

5.श्री शेर सिंह

गांव गजां, जिला कुल्लू

6.श्री जगदेव सिंह

गांव कन्याल, जिला कुल्लू

7.श्री होतम राम

गांव दशाल, जिला कुल्लू

8.श्री गोकल चन्द

गांव गोशाल, जिला कुल्लू

9.श्री लुदर चन्द ठाकुर

गांव छियाल, जिला कुल्लू

10.स्व. श्री मनी राम

गांव वडागों, जिला कुल्लू

11.स्व. श्री फूंचोग

गांव पनंगा, जिला कुल्लू

जिलाः मण्डी

1.श्री मुनेन्द्र पाल

गांव संथल, जिला मण्डी

2.श्री पूर्ण प्रकाश

मण्डी, जिला मण्डी

3.श्री हेमन्त राज वैद्य

मण्डी, जिला मण्डी

4.श्री रमेश बन्टा

जोगिन्द्रनगर, जिला मण्डी

5.स्व. श्री रोशन लाल बाली

सुन्दरनगर, जिला मण्डी

6.स्व. श्री देवकीनन्दन

मण्डी, जिला मण्डी

7.स्व. श्री गंगा सिंह ठाकुर

गांव चैक, जिला मण्डी

8.श्री बलबीर कुमार शर्मा

गांव तल्याहड़, जिला मण्डी

9.स्व. श्री पुष्पराज वैद्य

मण्डी, जिला मण्डी

जिलाः शिमला

1.श्री सुरेश भारद्वाज, माननीय शहरी विकास मंत्री हि.प्र.

गांव भमनोली, जिला शिमला

2.श्री राधा रमण शास्त्री

गांव गोटारी, जिला शिमला

3.स्व. श्री मदन गोपाल

शिमला, जिला शिमला

4.श्री भारत भूषण वैद

शिमला, जिला शिमला

5.श्री केशव श्रीधर

शिमला, जिला शिमला

6.आचार्य प्रियतोष उर्फ प्रियतोषानन्द अवधूत

शिमला, जिला शिमला

7.स्व. श्री मेघ राज शर्मा

गांव मल्याणा, जिला शिमला

8.स्व. श्री दौलत राम चैहान

शिमला, जिला शिमला

जिलाः सिरमौर

1.श्री कन्हैया लाल

गुन्नूघाट, जिला सिरमौर

2.स्व. जगत सिंह नेगी

शिलाई, जिला सिरमौर

जिलाः सोलन

1.श्री महेन्द्र नाथ सोफत

गांव आंजी, जिला सोलन

2.श्री आशनारायण सिंह

गांव शिल्ली, जिला सोलन

3.श्री राजेश कपूर

सपरून, जिला सोलन

4.श्री निहाल चन्द

सोलन, जिला सोलन

जिलाः ऊना

1.श्री प्रवीण शर्मा

अम्ब, जिला ऊना

2.श्री विजय सिंह

गांव लोअर वढेडा, जिला ऊना

3.श्री प्रेम चन्द हीर

गांव कलोह, जिला ऊना

4.स्व. श्री रक्षपाल सिंह

गांव लालसिंगी, जिला ऊना

अन्य राज्य

1.श्री कृष्ण चन्द आहूजा

ग्रेटर मोहाली, पंजाब

2.श्री प्रेम कुमार

पश्चिम विहार, नई दिल्ली

3.स्व. श्री बिशम्बर दत्त

होशियारपुर, पंजाब 

इस सूचि में पंजाब के केवल दो नाम शामिल किया गए हैं जबकि आपातकाल के खिलाफ लड़ने के मामले में भी पंजाब के लोग बहुत बड़ी संख्या में थे। देखना है उनके सम्मान की बात कब की जाती है और कौन करता है। 


पोस्ट स्क्रिप्ट: उन दिनों जनाब दुष्यंत कुमार की शायरी बहुत तेज़ी से लोकप्रिय होने लगी थी। उनकी शायरी में एक शेयर जो उन दिनों बहुत गुनगुनाया गया। आम बोलचाल में  पर भी इसका उल्लेख अक्सर होता था। वह शेयर था: 

अब तो इस तालाब का पानी बदल दो 

ये कँवल के फूल कुम्हलाने लगे हैं 

आपको यह पोस्ट कैसी लगी अवश्य बताएं। आपके विचारों की इंतज़ार भी रहेगी। 

medialink32@gmail.com