Sunday, December 11, 2022

कांग्रेस सत्ता का नया अध्याय-सुखविंद्र सुक्खू होंगे हिमाचल के 15वें मुख्यमंत्री

Sunday 11th December 2022 at 2:30 AM

आंतरिक कलह भी नियंत्रित-अग्निहोत्री होंगें उपमुख्यमंत्री-आज शपथ  


     हिमाचल में कांग्रेस की सत्ता का नया अध्याय  शुरू  होने को है 


शिमला: 11 दिसंबर 2022: (देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

सत्ता आने पर भी विनम्र रहना  बने रहना और सत्ता जाने पर भी विनम्र रहना यही होता है
वास्तवकि शिष्टाचार-मुख्यमंत्री के तौर पर चयनित श्री सुखविंदर सुक्खू ने विदा ले रहे
भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर से शिष्टाचार भेंट की  
शिमला में सत्ता और सियासत का नया अध्याय शुरू होने को है। जब कांग्रेस मुक्त भारत की बातें ज़ोर पकड़ रहीं थी उस समय कांग्रेस ने पर्वत्तीय प्रांत हिमाचल  प्रदेश में नई पारी शुरू करने की है। चुनावी विजय के तुरंत बाद  आंतरिक कलह पर भी कांग्रेस विजय पाने में सफल रही है। हिमाचल में कांग्रेस सत्ता अब इस पर्वतीय भूमि के  गहरे से जुड़ने वाली है। चुनावों के बाद आए परिणामों के बाद का झमेला भी तकरीबन खत्म हो चूका है और अब सुखविंद्र सुक्खू हिमाचल के 15वें मुख्यमंत्री होंगें। इसी मौके पर यह भी तय हुआ कि मुकेश अग्निहोत्री उपमुख्यमंत्री बनेंगे। आज अर्थात त 11 दिसंबर को ही शपथ की रस्म भी अदा होगी। हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह की पत्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह ने चुनावी नतीजों के बाद से ही परोक्ष रूप से खुद को मुख्यमंत्री के दावेदार के रूप में पेश कर दिया था लेकिन उनका दबाव भी आज मुख्यमंत्री के नाम का चयन करते वक्त काम नहीं आया। 

हाई कमान की तरफ से सुक्खू के नाम पर मुहर लगने के बाद शनिवार शाम शिमला में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। इसमें सुक्खू को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया। शपथ ग्रहण  समारोह आज पारम्परिक उत्साह के साथ होगा। सभी गणमान्य इसमें शामिल होंगें।  उपलब्धियों का एक नया दौर शुरू होने को है। कांग्रेस की हिमाचल विजय ने अपना प्रभाव 2024  में भी दिखाना है। Chief Minister designate Shri Sukhvinder Singh calls on out going Chief Minister Shri Jai Ram Thakur at Oak Over, Shimla today. It was a courtesy call.

मुख्यमंत्री के नाम का चयन भी आसान नहीं रहा। इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का रास्ता आखिरकार दिल्ली की हरी झंडी से आज शनिवार को ही साफ हो गया था। कांग्रेस की आंतरिक गुटबंदी को भी बहुत ही सफलता से नियंत्रित कर लिया गया। चार बार  विधायक रहने के साथ साथ पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू को आखिर हिमाचल प्रदेश का 15वां मुख्यमंत्री घोषित कर दिया गया। इसके अलावा मौजूदा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे मुकेश अग्निहोत्री उप मुख्यमंत्री होंगे। वहीं, प्रतिभा सिंह मुख्यमंत्री पद की दौड़ से बाहर हो गईं। रविवार को शिमला के रिज मैदान पर दोपहर 1:30 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा। अब जल्द ही मंत्रियों के नाम भी तय होंगे। इन नामों की घोषणा भी जल्द ही हो जाएगी। इस तरह एक नई सरकार हिमाचल के राजनैतिक दृश्य पर सामने आने वाली है। 

सुक्खू का चुनाव उनके यूथ से जुड़े रहने की खूबी को देखते हुए भी किया गया। कांग्रेस  हाई कमान की तरफ से सुक्खू के नाम पर मुहर लगने के बाद शनिवार शाम शिमला में कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी हुई। इसमें सुक्खू को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के अलावा नवनिर्वाचित पार्टी के विधायक, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहेंगे। इस तरह पंजाब से भी कई लोग इससमारोह में शामिल होने के लिए पहुच सकते हैं। 

युवा शक्ति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे सुक्खू वास्तव में एन एस यू आई के रास्ते ही हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बहुत ही असरद दायिक ढंग से आगे आए थे। सुक्खू करीब छह साल तक पार्टी प्रदेशाध्यक्ष भी रहे हैं। उम्र के लिहाज़ से 58 वर्षीय सुक्खू राज्य में कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष पद पर भी काम कर चुके हैं। इसके साथ ही वह  हमीरपुर जिले की नादौन विधानसभा सीट से भी विधायक चुने गए हैं। जो चुनौतियाँ अब इस ताजपोशी के बाद कांग्रेस के सामने जी चुनौतियां आएंगी उनका सामना भी सुक्खू ही प्रभावी ढंग से कर पाएंगे। आजकल सियासत बेहद शातराना भी हो चली है। उस सियासत के खेल खेलने के लिए उसी तरह की गुणवत्ता और क्षमता के लोग ही अच्छे परिणाम ला पाएंगे। 

हिमाचल में गुटबंदी की यह समस्या तब खड़ी हुई जब हिमाचल प्रदेश में प्रतिभा वीरभद्र सिंह खेमे के समानांतर सुक्खू का नया धड़ा उभरा है। इस वजह से कुछ तनाव काफी समय से चला आ रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस ने इन चुनावों में अपनी विजय दर्ज की। उम्मीद करनी चाहिए कि यह सत्ता भी लोगों की अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी।अब भी फ़िलहाल गुटबंदी का खतरा  दब चुका है।  

लेकिन कल शाम तक स्थिति गंभीर थी। मुख्यमंत्री के नाम का चुनाव  गुटबंदी के कारण आसान नहीं था। इस चुनाव के लिए शुक्रवार को कांग्रेस विधायक दल ने एक सिंगल लाइन प्रस्ताव बनाकर कांग्रेस हाईकमान  को दिल्ली भेजा था। अब हाईकमान ने ही तय करना था कि मुख्यमंत्री कौन होगा। इसके बाद शनिवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर में फिर से कांग्रेस विधायक दल की एक बैठक 5:00 बजे शुरू हुई। इस बैठक पर भी सभी की नज़रें थी। इसलिए यह बैठक भी दिलचस्प थी। 

इस बैठक में सुक्खू खेमे सहित कांग्रेस के ज़्यादातर विधायक शामिल हुए। मुकेश अग्निहोत्री इस बैठक में देरी से पहुंचे।  वह करीब 5:45 बजे बैठक में पहुंचे। वह होटल सिसिल में अपने कुछ समर्थक विधायकों के साथ बैठक भी करते रहे। शिमला में प्रतिभा वीरभद्र सिंह गुट के कुछ नेताओें ने सुक्खू के खिलाफ नारेबाज़ी भी पुरे ज़ोरशोर से की। हालांकि, सुक्खू को मुख्यमंत्री और मुकेश अग्निहोत्री को उपमुख्यमंत्री घोषित करने के बाद माहौल कुछ शांत हो गया। आखिर पार्टी अनुशासन की कदर  भी हैं।   

इस तरह सभी मतभेदों पर सहमति की मोहर लगाते हुए सर्वसम्मति से सुखविंद्र सिंह सुक्खू को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इस तरह अब सुक्खू मुख्यमंत्री होंगे, जबकि मुकेश अग्निहोत्री उपमुख्यमंत्री होेेंगे। आज शपथ ग्रहण समारोह में सभी औपचारिकताएं पूरी कर जाएंगी। हिमाचल में कांग्रेस सत्ता का नया अध्याय शुरू हो। 

Monday, October 31, 2022

सरदार पटेल की 146वीं जयंती पर शिमला में विशेष आयोजन

 31st October 2022 at 4:44 PM

संकल्प रंगमंडल ने नुक्कड़ नाटक से गिनाई उपलब्धियां

शिमला: 31 अक्टूबर 2022: (पलटु राम//देवभूमि स्क्रीन ब्यूरो)::

संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार तथा राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली के सौजन्य से हिमाचल प्रदेश की अग्रणी नाट्य संस्था संकल्प रंगमंडल शिमला ने 31 अक्तूबर 2022 को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 146वी जयंती के विशेष अवसर पर शिमला के दो प्रतिष्ठित स्थानों सेंट थॉमस स्कूल, शिमला व ऐतिहासिक गेयटी थिएटर के मुक्ताकाशी रंगशाला में अपने नुक्कड़ नाटक 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' का मंचन करने किया।

उल्लेखनीय है कि 31 अक्टूबर को भारत के पहले उप प्रधान मंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती है। हर साल इस दिन को नेशनल यूनिटी-डे या राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस साल सरदार वल्लभ भाई पटेल की 146वीं जयंती है। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 560 रियासतों को भारत संघ में एकीकृत करने में अहम भूमिका निभाई थी। राष्ट्र को एकजुट करने के लिए सरदार पटेल के किए प्रयासों को स्वीकार करने के लिए राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है।

राष्ट्रीय
एकता की दिशा में
उनके प्रयासों ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को भारत के लौह पुरुष के रूप में संदर्भित किया है। वल्लभ भाई पटेल के योगदान का सम्मान करने के लिए हर साल 31 अक्टूबर को यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जबकि केंद्र सरकार ने 2014 में 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था।

1939 में हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन में जब देशी रियासतों को भारत का अभिन्न अंग मानने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया तभी से सरदार पटेल ने भारत के एकीकरण की दिशा में कार्य करना प्रारंभ कर दिया तथा अनेक देशी रियासतों में प्रजा मण्डल और अखिल भारतीय प्रजा मण्डल की स्थापना करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस तरह लौह पुरुष सरदार पटेल ने अत्यंत बुद्धिमानी और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए वी पी मेनन और लार्ड माउंट बेटन की सलाह व सहयोग से अंग्रेजों की सारी कुटिल चालों पर पानी फेरकर नवंबर 1947 तक 565 देशी रियासतों में से 562 देशी रियासतों का भारत में शांतिपूर्ण विलय करवा लिया।

भारत की आजादी के बाद भी 18 सितंबर 1948 तक हैदराबाद अलग ही था लेकिन लौह पुरुष सरदार पटेल ने हैदराबाद के निजाम को पाठ पढ़ा दिया और भारतीय सेना ने हैदराबाद को भारत के साथ रहने का रास्ता खोल दिया।

भारत के 2/5  भाग क्षेत्रफल में बसी देशी रियासतों जहां तत्कालीन भारत के 42 करोड़ भारतीयों में से 10 करोड़ 80 लाख की आबादी निवास करती थीए उसे भारत का अभिन्न अंग बना देना कोई मामूली बात नहीं थी। इतिहासकार सरदार पटेल की तुलना बिस्मार्क से भी कई आगे करते है क्योंकि बिस्मार्क ने जर्मनी का एकीकरण ताकत के बल पर किया और सरदार पटेल ने ये विलक्षण कारनामा दृढ़ इच्छाशक्ति व साहस के बल पर कर दिखाया। उनके इस अद्वितीय योगदान के कारण 1991 में मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न के सर्वोच्च सम्मान से अलंकृत किया गया।

संकल्प रंगमंडल शिमला के लिए यह गौरव का विषय है कि आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत ऐसी असामान्य विभूति की जयंती के अवसर पर इस कार्यक्रम से उनको नमन करने की प्रयास कर पा रही है स संकल्प रंगमंडल शिमला इस कार्यक्रम के लिए संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादेमी नई दिल्ली का आभार व्यक्त करता है।

पात्र परिचय

रोहित कौशल, अश्वनी, माणिकान्त शर्मा, कमल चार्ली, आदियान काल्टा, आशीष कुमार, श्वेता चंदेल और श्रुति ने अपने अभिनय से मन मोहा। लेखन व निर्देशन सोहन कपूर, परिकल्पना केदार ठाकुर और प्रोडक्शन इंचार्ज नरेश कुमार मीन्चा थे।

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Wednesday, July 13, 2022

90 करोड़ रुपये लागत की 23 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास

 13th July 2022 at 4:59 PM

 मुख्यमंत्री ने हमीरपुर जिला में किए सभी शुभारम्भ 


शिमला
: 13 जुलाई 2022: (देवभूमि स्क्रीन ब्यूरो)::

मुख्यमंत्री ने हमीरपुर जिला के भोरंज विधानसभा क्षेत्र में 90 करोड़ रुपये लागत की 23 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए

भोरंज में राज्य विद्युत बोर्ड का मण्डल, समीरपुर में जल शक्ति विभाग का उप-मण्डल व भोरंज में सब जज कोर्ट खोलने की घोषणा की

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज जिला हमीरपुर की भोरंज विधानसभा क्षेत्र के कंज्याण में लगभग 90 करोड़ रुपये लागत की 23 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास किए।

मुख्यमंत्री ने कंज्याण में जनसभा को सम्बोधित करते हुए भोरंज में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड का मण्डल और समीरपुर में जल शक्ति विभाग का उप-मण्डल खोलने, भोरंज में सब जज कोर्ट खोलने, भोरंज में सैनिक विश्राम गृह खोलने, पंजोट में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भरेड़ी को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्तरोन्नत करने, राजकीय उच्च विद्यालय लदरौर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने, राजकीय माध्यमिक पाठशाला खतरवार्ड, नगरोटा गजियां तथा जोर कोटा को राजकीय उच्च पाठशाला में स्तरोन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अमरोह में विज्ञान और वाणिज्य कक्षाएं तथा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भुकड़ में वाणिज्य कक्षाएं आरम्भ करने की घोषणा की। उन्होंने डेरा परोल में खेल छात्रावास खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने बालवनी और टिक्कर में खाद्यान्न गोदाम खोलने की घोषणा की। उन्होंने बराड़ में आयुर्वेदिक औषधालय तथा कराह में स्वास्थ्य उप-केन्द्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न सम्पर्क मार्गों के निर्माण के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य पशुधन योजना के अन्तर्गत आने वाले बाहन्वीं, टिक्करी मिन्हासा, यान्वी, दयोग, बगवाड़ा, लदरौर और अमन में स्थित पशु औषधालयों को सभी अपेक्षित मापदण्ड पूर्ण होने की स्थिति में नियमित औषधालय में परिवर्तित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ओपन ज़िम स्थापित करने के लिए हर सम्भव सहायता प्रदान की जाएगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरंज विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने 90 करोड़ रुपये लागत की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए हैं। यह दर्शाता है कि वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्यकाल में इस क्षेत्र का चहंुमुखी विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं ने विकास के मामले में इस क्षेत्र की पूरी तरह से अनदेखी की और अब यह नेता क्षेत्र में हो रहे समग्र विकास को पचा नहीं पा रहे हैं।

जय राम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेसी नेता विकास के मामले में प्रदेश की जनता के गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अपार स्नेह से प्रदेश को बहुत लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को 800 करोड़ रुपये की विशेष सहायता प्रदान करने के अलावा प्रधानमंत्री ने केन्द्र की सभी परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण के 90ः10 के औसत को बहाल कर प्रदेश के विशेष श्रेणी के दर्जे को बहाल किया है। इसके अतिरिक्त, वर्तमान राज्य सरकार के चार वर्षों का कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मण्डी मंे आयोजित समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने 10 हजार करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास किए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज वैश्विक नेता के रूप में उभरे हैं, जबकि कांग्रेस पार्टी से सम्बन्ध रखने वाले प्रधानमंत्री वैश्विक मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश में कुछ कांग्रेसी नेता अपना आपा खो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोग इन नेताओं को समय आने पर मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्होंने कांग्रेसी नेताओं पर प्रदेश के हितांे की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे आगामी विधानसभा चुनावों में सत्ता में आने के सपने देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेसी नेताओं के लुभावने वादों के बहकावे में नहीं आएगी।

बेरोजगारी के लिए पिछली कांग्रेस सरकार की खराब नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने युवाओं को रिकॉर्ड रोज़गार के अवसर उपलब्ध करवाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में चिटों पर रोज़गार दिया जाता था, जबकि वर्तमान राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने लीला देवी को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की

हमीरपुर जिले के भोरंज विधानसभा क्षेत्र के कंज्याण में आज एक बार फिर गरीबों, जरूरतमंदों और दलितों के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता तब देखने को मिली जब जनसभा के बीच मुख्यमंत्री लीला देवी की पीड़ा सुनने के लिए मंच से नीचे उतर आए। लीला देवी हमीरपुर जिले के नाहलवीं गांव में पिछले सोलह साल से लकवे से पीड़ित अपने पति को लेकर आई थीं।

मुख्यमंत्री ने तत्काल महिला को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की और आश्वासन दिया कि यह राशि आज ही उसके बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगी। उन्होंने लीला देवी को उनकी बेटी की शिक्षा के लिए भी राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।

इससे पहले, जय राम ठाकुर ने जाहू में 3.70 करोड़ रुपये लागत से निर्मित 33/11केवी उप-केन्द्र, उठाऊ जलापूर्ति योजना जखयोल द्वितीय और उठाऊ जलापूर्ति योजना करोटा के अन्तर्गत आंशिक रूप से शामिल आबादी के लिए 2.81 करोड़ रुपये लागत की उठाऊ जलापूर्ति योजना, तहसील भोरंज में 12.63 करोड़ रुपये लागत से उठाऊ जलापूर्ति योजना मलियां सधरैण के प्रथम चरण से चौथे चरण के सुधार एवं संवर्द्धन कार्य, गांव जिजवीं में 5.16 करोड़ रुपये की लागत से सम्पर्क सड़क के उन्नयन, 2.86 करोड़ रुपये से बस्सी बदयाना लावनी और मनोह सड़क के  उन्नयन, 5.22 करोड़ रुपये की लागत के कांगू गलू से अमरोह वाया कलाहू सड़क के उन्नयन, 3.56 करोड़ रुपये की लागत के भरेड़ी भौर सुलगाण सड़क के उन्नयन, 2.65 करोड़ रुपये से गांव धिरड़ वाया दादू बडोह के सम्पर्क मार्ग, हमीरपुर जाहू सड़क पर सीर खड्ड/जबोटी खड्ड पर 4.52 करोड़ रुपये से निर्मित गर्डर सिंगल लेन पुल, बधानी में 31 लाख रुपये की लागत से निर्मित स्वास्थ्य उप-केन्द्र भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भोरंज में 10 लाख रुपये से निर्मित कोविड केयर केन्द्र और भोरंज में 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्लांट हैल्थ क्लीनिक का लोकार्पण किया। उन्होंने भोरंज में अग्निशमन चौकी का भी उद्घाटन किया। 

मुख्यमंत्री ने भोरंज निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत 7.06 करोड़ रुपये की लागत से किए जाने वाले कुनाह खड्ड के चैनलाइजेशन कार्य, तहसील भोरंज में 3.88 करोड़ रुपये लागत की उठाऊ जलापूर्ति योजना मलियां सधरियाण के दूसरे चरण, भोरंज विधानसभा क्षेत्र में 2.18 करोड़ रुपये लागत के जल एवं स्वच्छता समिति केन्द्र के निर्माण कार्य, भोरंज में 23.62 करोड़ रुपये लागत के 100 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल, 100 बिस्तरों वाले नागरिक अस्पताल भोरंज में 55 लाख रुपये लागत सेे 50 बिस्तरों पर कोविड के लिए ट्यूबिंग सहित मैनिफोल्ड सिस्टम उपलब्ध करवाने और कोविड रोगियों के लिए नवनिर्मित ब्लॉक में ऑक्सीजन गैस पाइपलाइन, 95 लाख रुपये लागत के प्राथमिक स्वास्थ केंद्र चम्बोह, भोरंज में 2.06 करोड़ रुपये लागत के मंडलीय कार्यालय भवन, लोक निर्माण विभाग भोरंज के कर्मचारियों के लिए 2.51 करोड़ रुपये लागत के आवास,  राजकीय डिग्री महाविद्यालय भोरंज स्थित तरक्वाड़ी में 1.01 करोड़ रुपये की लागत के पुस्तकालय भवन और राजकीय डिग्री महाविद्यालय भोरंज में 1.21 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्टेडियम का शिलान्यास किया।

उन्होंने इस अवसर पर भोरंज क्षेत्र के लिए आधुनिक अग्निशमन वाहन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

उप-मुख्य सचेतक एवं स्थानीय विधायक कमलेश कुमारी ने अपने गृह विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि भोरंज क्षेत्र पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और पूर्व शिक्षा मंत्री आई.डी. धीमान की कर्मस्थली रही है और मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के नेतृत्व वाली वर्तमान राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि क्षेत्र में विकास की गति निर्बाध रूप से चलती रहे। उन्होंने क्षेत्र के विकास का श्रेय केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर को भी दिया। उन्होंने भोरंज क्षेत्र की विकासात्मक मांगों के प्रति सदैव संवेदनशील रहने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 16 बिस्तरों वाले भोरंज अस्पताल को 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में स्तरोन्नत किया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को सुविधा प्राप्त हुई है। आज अस्पताल में चार विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा अन्य कई डॉक्टर उपलब्ध हैं। उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष विकासात्मक मांगें भी प्रस्तुत कीं।

भोरंज भाजपा मंडलाध्यक्ष देशराज शर्मा ने क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की विकासात्मक परियोजनाएं समर्पित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब भी भाजपा सत्ता में आई है, भोरंज क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने क्षेत्र के अभूतपूर्व विकास का श्रेय केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकारों को दिया।

इस अवसर पर हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री, कौशल विकास निगम के राज्य संयोजक नवीन शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक बलदेव शर्मा और क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता कमल नयन, उपायुक्त देबश्वेता बनिक तथा पुलिस अधीक्षक आकृति शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

Tuesday, July 12, 2022

राज्यपाल ने जनरल जे.जे. सिंह द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन किया

12th July 2022 at 7:46 PM

 पुस्तक का नाम है मैकमोहन लाईनः ए सेंचरी ऑफ डिस्कॉर्ड 

शिमला:12 जुलाई 2022: (देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता और पहाड़ी लोगों की विनम्रता उसे देवभूमि बनाती हैं। दिव्यता का अहसास कराती है। इस सब के साथ साथ वहां के जनजीवन में साहित्य, ज्ञान और मौजूदा समस्यायों पर कलम की बातें भी जारी रहती हैं। हर क्षेत्र से सबंधित पुस्तकों का प्रकाशन और विमोचन होता रहता है। इस सिलसिले में कभी कोई लम्बा अंतराल या विराम नहीं आता। आज भी राजभवन शिमला में पुस्तक का विमोचन हुआ।राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज यहां जनरल जे.जे. सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा लिखित पुस्तक मैकमोहन लाईनः ए सेंचरी ऑफ डिस्कॉर्ड का विमोचन किया। जनरल जे.जे. सिंह अरुणाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल और पूर्व चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ रहे हैं। यह पुस्तक सेना में कार्यकाल के दौरान भारत चीन सीमा विवाद पर उनके अनुभवों व शोध पर आधारित है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इस किताब से हमें निश्चित रूप से नया ज्ञान व अनुभव प्राप्त होगा। सामरिक दृष्टि से हमारा दृष्टिकोण क्या होना चाहिए और इसके लिए हमें किस तरह की तैयारियां करनी चाहिए, जनरल जे.जे. सिंह ने अपने अनुभवों, शोध एवं व्यवहारिक ज्ञान के आधार पर यह जानकारी पुस्तक के माध्यम से दी है, जो कि बहुत लाभदायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि हमारा देश हर तरह की समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है, परन्तु यह पुस्तक हमें अपने इतिहास को जानने और समझने का अवसर प्रदान करती है। इसके लिए जनरल जे.जे. सिंह की सराहना के पात्र हैं।
राज्यपाल ने कहा कि लोग मैकमोहन रेखा के बारे में बहुत कम जानते हैं। जनरल जे.जे. सिंह ने इस विषय पर अपने ज्ञान को बखूबी प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच बातचीत के माध्यम से ही समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि बातचीत के माध्यम से समाधान ही भारत के इतिहास का अभिन्न अंग रहा है। शांति हमारे समृद्ध इतिहास का अभिन्न अंग है। हम इस तरह की समस्याओं का शांतिप्रिय समाधान चाहते हैं। लेकिन अगर कोई हम पर आक्रमण करता है तो हम उसका जवाब देने में भी सक्षम हैं।  
उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि जनरल जे.जे. सिंह ने इस संवेदनशील विषय पर पुस्तक की रचना की है। इस पुस्तक में मैकमोहन रेखा क्षेत्र से सम्बन्धित राजनीति, इतिहास और भूगोल पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस पुस्तक में उन अनेक तथ्यों को उजागर किया है, जो कूटनीतिक आधार पर चल रही बातचीत के दृष्टिगत महत्वपूर्ण हैं।
राज्यपाल ने कहा कि यह पुस्तक पाठकों के लिए रूचिकर सिद्ध होगी और समस्या के समाधान का रास्ता दिखाएगी। 
जनरल जे.जे. सिंह ने बताया कि यह पुस्तक भारत चीन विवाद पर उनके छह वर्षों के गहन अध्ययन और शोध पर आधारित है। उन्होंने इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। यह उनके द्वारा लिखित द्वितीय पुस्तक है।इस अवसर पर मैकमोहन रेखा पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रस्तुत की गई। 
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप बाली ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

Tuesday, July 5, 2022

युवा नवोन्मेषी कलाकार अपूर्व ने राज्यपाल को पेंटिंग भेंट की

5th July 2022 at 10:32 PM

श्रवण बाधित दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में ला रहे हैं अपूर्व ओम  


शिमला: 05 जुलाई 2022: (देवभूमि स्क्रीन ब्यूरो):: 
अपूर्व ओम कलाकार एक ऐसा युवा जिसने इस बात को साबित किया कि हिम्मत करे इंसान तो क्या काम है मुश्किल। कानों से सुनने की समस्या और आंखों की रौशनी भी काम लेकिन इसके बावजूद अपूर्व ने निरंतर साधना की। यह साधना सफल भी हुई। मंत्रियों और राज्य सरकारों से लेकर राष्ट्रपति तक से सम्मान मिला। अब इस युवक ने हिमाचल में भी पाँव रखे जिससे यहां की प्राकृतिक सुंदरता से भरी भूमि हुई पावन भूमि भी धन्य हुई। यहां के लोगों ने भी अप्प्पूर्व से प्रेरणा ली कि  कैसे कठिनाईयों पर विजय प्राप्त कर के आगे बढ़ा जाता है। 

श्रवण बाधित दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में लाने के लिए कार्यशील युवा कलाकार एवं दिल्ली से कार्यकर्ता अपूर्व ओम ने आज राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल को युवा कलाकार ने स्वयं  बनाया गया उनका चित्र भेंट किया। यह सच मच यादगारी पल थे। इस कलाकार का आना सभी कला प्रेमियों के लिए बहुत ही सुखद अनुभव रहा। 
हिमाचल सर्कार से भी इस कलाकार को अपार स्नेह मिला। राज्यपाल ने उन्हें हिमाचली टोपी और शॉल भेंट कर सम्मानित किया और उनकी प्रतिभा की सराहना की। विभिन्न विषयों पर उनके द्वारा बनाए गए चित्र स्वयं अपनी कहानी बयां करते हैं, जिसके चलते उन्हें संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों के लिए एक युवा अधिवक्ता के रूप में सम्मानित किया गया है तथा भारत के राष्ट्रपति द्वारा दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। दिव्यांगजनों  हिम्मत और प्रेरणा बन कर उभरा है अपूर्व। 
इस सुअवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह सराहनीय है कि वह पहले से उपलब्ध अनेक डिजिटल तकनीकों का उपयोग करने की वकालत करते हैं, जैसे कि वॉयस-टू-टेक्स्ट ऐप, जो कि दिव्यांगजनों को एक-दूसरे के साथ संवाद करने में सहायता प्रदान करते हैं। इससे तकनीक का युग उनके लिए भी सहायक बन रहा है। 
गौतरतलब है कि अपूर्व एक योग प्रशिक्षक, स्केच कलाकार और 2डी/3डी हैंगिंग मॉडल आर्किटेक्ट भी हैं और उन्होंने दुनिया भर की प्रमुख हस्तियों से भेंट कर उन्हें अपनी कलाकृतियां प्रस्तुत की हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा भी उपस्थित थे। बहुत से कलाकारों और कला संगठनों ने अपूर्व की प्रशंसा की है। 

Sunday, June 12, 2022

फीचर//प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना

 12th June 2022 at 7:24 PM

प्राकृतिक खेती अपनाकर खुशहाल हो रहे सिरमौर ज़िला के किसान  

बागवानों के लिए भी है यहां पर कई खुशखबरियां 

संकेतक तस्वीरों का कोलाज इस आलेख के लिए देवभूमि स्क्रीन डेस्क ने बनाया

सिरमौर
:12 जून 2022: (देवभूमि स्क्रीन)::

प्रदेश सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही महत्वाकांक्षी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना प्रदेश के किसानों-बागवानों की आर्थिकी को संबल प्रदान कर रही है। खेती की इस तकनीक को अपनाने से कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ-साथ लागत मूल्य में भी कमी आती है।  

प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना को अपना कर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ जिला सिरमौर के किसान भी खुशहाली के पथ पर अग्रसर हो रहे हैं।

सिरमौर ज़िला में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण, आत्मा द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा पिछले तीन वर्षाे में 411 प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया गया, जिसके अर्न्तगत 16 हजार 133 किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया और 10 हजार 324 किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाया है। जिला में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत एक हजार 29 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक तरीके से खेती की जा रही है।

इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत, जिला एवं राज्य स्तर पर 2 से 6 दिवसीय प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों के लिए कृषक भ्रमण कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है, ताकि किसान विभिन्न क्षेत्रों में जाकर प्राकृतिक खेती के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकें।

प्राकृतिक खेती द्रव्य उत्पादन के लिए प्लास्टिक ड्रम पर 75 प्रतिशत या अधिकतम 750 रुपये प्रति ड्रम की दर से 3 ड्रम खरीदने पर अनुदान दिया जाता है। इसी तरह, गौशाला के फर्श निर्माण के लिए 80 प्रतिशत या अधिकतम 8 हजार रुपये का अनुदान दिया जाता है। देसी गाय की खरीद पर सरकार द्वारा किसानों को 50 प्रतिशत या अधिकतम 25 हजार रुपये अनुदान दिया जाता हैै।

प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के लाभार्थी नाहन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत कमलाहड के गांव खैरी चागण निवासी विशाल ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें उन्होंने जीवामृत, घनजीवामृत तथा प्राकृतिक कीटनाशक बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से किसानों के समय की बचत होती है और उनकी जमीन बंजर होने से भी बचती है।

ग्राम पंचायत कमलाहड़ के गांव काटाफलाह के लाभार्थी चमन पुण्डीर ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं और मुख्य फसल के साथ सह फसल भी उगाते हैं जिससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हो रही है।

प्रदेश में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत अब तक प्रदेश सरकार द्वारा 46 करोड़ 15 लाख रुपये व्यय किए जा चुके हैं तथा इससे 1 लाख 54 हजार से अधिक किसान लाभान्वित हो चुके हैं। इसके तहत अब तक 9 हजार 192 हेक्टेयर क्षेत्र कवर किया जा चुका है।

वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में इस वर्ष के दौरान 50 हजार एकड़ भूमि को प्राकृतिक कृषि के अधीन लाने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में प्राकृतिक कृषि का एक-एक मॉडल भी विकसित किया जाएगा, जिससे आस-पास के किसानों को प्रशिक्षित व प्रोत्साहित करने में सहायता मिलेगी। प्रदेश में कम से कम 100 गांवों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्राकृतिक कृषि गांव के रूप में परिवर्तित करने तथा प्राकृतिक कृषि कर रहे सभी किसानों को पंजीकृत कर उनमें से श्रेष्ठ 50 हजार किसानों को प्राकृतिक कृषक के रूप में प्रमाणित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


Friday, May 6, 2022

पुस्तक " हिमाचल की हिंदी कहानी में लोक जीवन " का विमोचन

6th May 2022 at 6:29 PM
डा. ममता की पुस्तक का विमोचन किया राज्यपाल ने राजभवन में   

शिमला
: 6 मई 2022: (देवभूमि स्क्रीन ब्यूरो):: 

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज राजभवन में डॉ. ममता द्वारा लिखित पुस्तक हिमाचल की हिंदी कहानी में लोक जीवन का विमोचन किया।
राज्यपाल ने लेखिका के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. ममता ने पुस्तक में मानवीय मूल्यों, रिश्तों और संवेदनाओं का सजीव चित्रण किया है। 
इस अवसर पर संस्कृत अकादमी के पूर्व सचिव डॉ. मस्त राम शर्मा, भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के पूर्व सहायक निदेशक त्रिलोक सूर्यवंशी और वरिष्ठ पत्रकार जगमोहन शर्मा भी उपस्थित थे।