Saturday, August 3, 2024

राजकीय महाविद्यालय के छात्र/छात्राओं की निबन्ध तथा भाषण प्रतियोगिता

Saturday 3rd August 2024 at 4:05 PM

हिमाचल कला, संस्कृति भाषा अकादमी की पहल से हुआ आयोजन 


शिमला
: 03 अगस्त 2024: (के के सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क):: 

हिमाचल निर्माता डाॅ. यशवन्त सिंह परमार की राज्य स्तरीय जयंती के अवसर पर हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी द्वारा 3 अगस्त, 2024 को गेयटी थिएटर शिमला में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों की निबन्ध प्रतियोगिता तथा राजकीय महाविद्यालय के छात्र/छात्राओं की भाषण प्रतियोगिता करवाई गई। निबन्ध लेखन में 18 विद्यालयों के 36 विद्यार्थियों ने और भाषण प्रतियोगिता में 13 महाविद्यालयों के 25 छात्र/छात्राओं ने भाग लिया। दोनों प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए प्रदेश के छः जाने-माने विद्वान डाॅ. अशोेक गौतम, डाॅ. सत्यनारायण स्नेही, डाॅ. कुंवर दिनेश सिंह, डाॅ. आत्मा रंजन, डाॅ. दिनेश शर्मा और डाॅ. वीरेन्द्र शर्मा निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे।

भाषण प्रतियोगिता में राजकीय महाविद्यालय तुंगेश की छात्रा कुमारी गुंजन शर्मा ने प्रथम स्थान, राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला की छात्रा कुमारी मीनाक्षी ने द्वितीय और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के छात्र अजय शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया तथा निबन्ध लेखन प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भौंट की छात्रा कुमारी मन्नत ठाकुर ने प्रथम स्थान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मैहली की छात्रा स्नेहा ने द्वितीय और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चियोग की छात्रा आस्था ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 

 सचिव अकादमी एवं निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग, डाॅ. पंकज ललित ने इस अवसर पर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले राजकीय महाविद्यालयों तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों में से प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न भेंट कर पुरस्कृत किया। कार्यक्रम का संचालन हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी की सहायक सचिव डाॅ. श्यामा वर्मा ने किया। 

डाॅ. पंकज ललित ने अपने प्रभावशाली भाषण से विद्यार्थियों को ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए बच्चों का उत्साहवर्द्धन किया। कार्यक्रम में भाषा एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त निदेशक श्री मनजीत शर्मा, विभाग की उपनिदेशक कुसुम संघाईक, गेयटी प्रबंधक श्री सुदर्शन शर्मा, ज़िला भाषा अधिकारी अनिल हारटा और श्री संतोष पटियाल, दीपा शर्मा, अकादमी के अनुसंधान अधिकारी स्वतंत्र कौशल, श्री राकेश कुमार, श्रीमती दिव्या सूद और समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।

डाॅ. ललित ने बताया कि दिनांक 4 अगस्त, 2024 को गेयटी थिएटर शिमला में डाॅ. परमार जयंती के अवसर पर साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा जिसमें वरिष्ठ साहित्यकार श्री पी. सी. लोहमी अपना विषयपत्र प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश के साहित्यकार अपने संस्मरण प्रस्तुत करेंगे और ज़िला सिरमौर के सांस्कृतिक दलों द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे।                                                             

Thursday, July 11, 2024

बागवानों के पास बचे टेलीस्कोपिक कॉर्टन ख़रीदे सरकार:जयराम ठाकुर

Thursday 11th July 2024 at 4:24 PM

बागवानों के हितों की अनदेखी है कांग्रेस सरकार की नीयत

*बागवानों द्वारा अपने उत्पादों की क़ीमत तह करने की कांग्रेस की गारंटी का क्या हुआ

*भ्रष्टाचार के आरोपों पर मुख्यमंत्री की खामोशी चिंताजनक

*प्रदेश में विकास पूर्णतः ठप, नियमित ऋण लेने की प्रक्रिया जारी

शिमला: 11 जुलाई  2024: (कार्तिका कल्याणी सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

सेब के सीजन की शुरुआत हो गई है। भाजपा की सरकार में ही बागवानों के लिए यूनिवर्सल कॉर्टन में सेब बेचे की पहल की गई थी। कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने बिना पूरी तैयारी के यूनिवर्सल कॉर्टन को सरकार ने सेब ख़रीद में अनिवार्य कर दिया। सभी बागवानों के पास हज़ारों की संख्या में टेलीस्कोपिक कॉर्टन पहले से पड़े हुए हैं, जिनकी क़ीमत लाखों में हैं। सरकार टेलीस्कोपिक कॉर्टन को बाग़वानों से उचित मुआवज़ा देकर वापस ले।जिससे बाग़वानों को सेब के सीजन की शुरुआत में ही राहत मिल सके।  उन्होंने कहा कि सरकार ने जल्दबाज़ी में सेब का सीजन शुरू होने के ठीक पहले यूनिवर्सल कॉर्टन को अनिवार्य कर दिया। जबकि अर्ली सीजन से जुड़े बागवानों ने टेलीस्कोपिक कॉर्टन की व्यवस्था पहले से कर ली थी। अब बागवानों को यूनिवर्सल कॉर्टन भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिससे वह पाएँ उत्पाद को मंडियों में ले जा सके। यदि वह टेलीस्कोपिक कॉर्टन में ले जाते हैं तो आढ़ती उसे ख़रीदने से मना कर दे रहे हैं, जिसके कारण एक तरफ़ उनका नहीं बिक पा रहा दूसरी तरह मंडी से वापस लाने का अतिरिक्त खर्च भी हो रहा है।  न नियम स्पष्ट हैं और न ही कोई अन्य व्यवस्था। कॉर्टन न होने के कारण बाग़वान और आढ़ती दोनों परेशान हैं और सरकार ने नियम लाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। सरकार उच्च गुणवत्ता युक्त यूनिवर्सल कॉर्टन उचित क़ीमत पर उपलब्ध करवाए। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि बागवानों के साथ कांग्रेस का रवैया हमेशा से ही दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। पिछले सीजन में भी सरकार ने वजन के हिसाब से ख़रीद करने के नियम बना दिए लेकिन मंडियों में सेब का वजन करने के लिए तौल मशीन तक की व्यवस्था नहीं करवा पाए। जिसके कारण बागवानों और आढ़तियों को समस्याएं हुई और हालात ऐसे पैदा हुए कि आढ़तियों ने सेब लेने से ही मना कर दिया। बागवान किराए की गड़ियां लेकर मंडियों में परेशान होते रहे और सरकार बयानबाज़ी करती रही। सरकार कोई भी निर्णय करने के पहले, उसके निर्बाध क्रियान्वित करने में आने वाली अड़चनों से निपटने की तैयारी नहीं करती। इसका सिर्फ़ एक कारण है कि सरकार बिना सोचे समझे, बिना तैयारी के नियम बनाती है। उन्होंने कहा कि सरकार, कांग्रेस द्वारा चुनाव में बागवानों को दी गई गारंटी पर बात नहीं करती हैं। सरकार कब बागवानों द्वारा अपने उत्पाद का मूल्य ख़ुद तय करने की गारंटी पूरा कर रही है।

भ्रष्टाचार के आरोपों पर मुख्यमंत्री की खामोशी नहीं जवाब चाहती है जनता

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोप और इनकम टैक्स और ईडी की राडार में आये कारोबारियों से मुख्यमंत्री के संबंधों पर प्रदेश के लोग मुख्यमंत्री की ख़ामोश के बजाय उनसे जवाब माँग रहे हैं। इस तरह के भ्रष्टाचार के आरोप लगना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में विकास के कामों पर पूरी तरह विराम लगा चुकी है लेकिन नियमित रूप से क़र्ज़ लेकर ही सरकार चला रही है। इस महीनें फिर से  सरकार ने क़र्ज़ के लिए आवेदन कर दिया है। प्रदेश के मुखिया को यह भी बताना चाहिए कि विकास के एक भी काम न करने के बाद भी सरकार द्वारा क़र्ज़ क्यों लिया जा रहा है।

Friday, May 24, 2024

पूर्व विधायक ने चालक के नाम पर सम्पतियों में लगाया काला धन:सीएम

 Friday: 24th May 2024 at 01:13 PM

जो परिवार और पार्टी का नहीं हुआ वह धर्मशाला का क्या होगा!


धर्मशाला: 24 मई 2024  (कार्तिका कल्याणी सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू आज धर्मशाला में हिमाचल-पंजाब गोरखा एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक और भाजपा के उम्मीदवार ने 15 माह तक अपना मोबाइल और अपने महल के दरवाजे धर्मशाला की जनता के लिए बंद रखे। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक के महल के बाहर इतना बड़ा गेट है कि आम आदमी अंदर जाने से भी डरता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने परिवार और पार्टी का नहीं हुआ, वह धर्मशाला की जनता का क्या होगा? उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक के मन में आम आदमी के लिए कोई पीड़ा नहीं है, वह सिर्फ धन के लोभी हैं। ऐसे व्यक्ति राजनीति के लिए भी खतरनाक हैं।

ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व विधायक ने धर्मशाला व आसपास के क्षेत्रों में अपने चालक नेकराम के नाम पर 10 करोड़ रूपये से अधिक की 82 सम्पतियां खरीदीं जो उनका ही काला धन है। उन्होंने कहा कि भाजपा उम्मीदवार भू-माफिया हैं और धन के लालच में उन्होंने धर्मशाला की जनता का वोट भी बेच दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा उम्मीदवार प्रॉपर्टी डीलर बनकर काम कर रहे थे और जनसेवा से उनका कोई नाता नहीं था। भाजपा के साथ मिलकर उन्होंने एक चुनी हुई सरकार को गिराने का षडयंत्र रचा और डील की दूसरी किश्त प्राप्त करने के लिए हरियाणा पहुंच गए। उन्हांेने कहा कि जो व्यक्ति जन भावनाओं का सौदा करता है उसे सबक सिखाने का वक्त आ गया है। उन्होंने सभी से एक जून को कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने धर्मशाला उपचुनाव में देवेन्द्र जग्गी को मैदान में उतारा है जो ईमानदार छवि के हैं और आम आदमी की पीड़ा को समझते हैं, इसलिए धर्मशाला के मतदाता देवेन्द्र जग्गी को अधिक से अधिक संख्या में वोट डाल कर विजयी बनाएं। उन्होंने कहा कि कांगड़ा लोकसभा सीट से आनंद शर्मा जैसे दिग्गज नेता को कांग्रेस पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है जिनकी आवाज कहीं भी अनसुनी नहीं की जाती। वह कांगड़ा लोकसभा क्षेत्र की आवाज को पूरे दमखम के साथ लोकसभा में उठाएंगे।

ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने मात्र 15 महीने के कार्यकाल में सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पैंशन दी। महिलाओं को 1500 रूपये प्रति माह पैंशन प्रदान करने की योजना लागू की, जिसके तहत उन्हें एक साल में 18000 रूपये प्रदान किए जाएंगे। विधवाओं के 27 वर्ष तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने की योजना बनाई है तथा विधवा महिलाओं को घर बनाने के लिए तीन लाख रूपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हर वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाएं आरम्भ की हैं ताकि कोई भी वर्ग वंचित न रहे।

इससे पहले मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने बौद्ध धर्मगुरू दलाईलामा से उनके आवास जाकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली, धर्मशाला से कांग्रेस प्रत्याशी देवेन्द्र जग्गी और गोरखा एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा सदस्य सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

Thursday, February 15, 2024

ऐसे व्यक्ति को कांग्रेस ने टिकट दिया जो हमेशा किसी न किसी विवादों में रहे

Thursday15th February 2024 at 6:00 PM

वॉटर सेस के खिलाफ़ पेश होने वाले वकील को राज्यसभा भेजने पर क्या बोलेंगे मुख्यमंत्री:जयराम ठाकुर

बीजेपी ने हर्ष महाजन को बनाया राज्य सभा का उम्मीदवार 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के राज्यसभा जाने का सपना तोड़ रही है कांग्रेस

कांग्रेस के नेता अंतरात्मा की आवाज़ सुनकर देंगे बीजेपी का साथ 

कांग्रेस के वॉटर सैस के ख़िलाफ़ लड़ने वाले व्यक्ति को कांग्रेस ने दिया राज्यसभा टिकट


शिमला
:
15 फ़रवरी 2024: (कार्तिका कल्याणी सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर लगातार आवश्यक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते आ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपनी नवीनतम प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की राज्यसभा जाने की इच्छा थी, जिसके लिए उन्होंने जी जान से प्रयास भी किया लेकिन कांग्रेस ने अपने नेताओं को निराश किया और एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दे दिया जिनका हमेशा किसी न किसी विवाद से नाता रहा। 

राज्यसभा के बीजेपी उम्मीदवार हर्ष महाजन के नामांकन के समय उन्होंने यह बातें कहीं और इनके ज़रिए अतीत की बातें भी ताज़ा की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए जिस वॉटर सैस को लेकर आई थी कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार उसी वॉटर सैस के ख़िलाफ़ बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों की तरफ़ से मुक़दमा लड़ रहे हैं। ऐसे में विधायक दल का नेता और सरकार का मुखिया होने के कारण मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि वह क्या चाहते हैं। एक तरफ़ आप कहते हैं कि केंद्र वॉटर सैस नहीं लेने दे रही दूसरी तरफ़ वॉटर सैस के निर्णय के ख़िलाफ़ न्यायालय में खड़े होने वाले व्यक्ति को कांग्रेस राज्यसभा भेजना चाहती है। यह बड़ी हास्यास्पद स्थिति है।

विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के बड़े नेताओं ने राज्यसभा  जाने का सपना पाल रखा था क्योंकि बड़े समय बाद मौक़ा आया थे की कांग्रेस हिमाचल से किसी को राजसभा भेज सके। लेकिन कौन स्थानीय और वरिष्ठ नेताओं की दावेदारी को अनदेखा करते कर दिया। जिससे कांग्रेस के आंतरिक रूप से बहुत असंतोष है। कांग्रेस के लोग आलाकमान ने इस निर्णय से निराश हैं। 

इस मौके पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में जयराम ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ना सबका अधिकार हैं। इसलिए बीजेपी ने भी हर्ष महाजन को राज्यसभा का  उम्मीदवार बनाया गया है। प्रदेश के लोगों के साथ-साथ प्रदेश के विधायक भी कांग्रेस सरकार से त्रस्त हैं। इसलिए हमें भरोसा है कि सभी विधायक अंतरात्मा की आवाज़ सुनेंगे और हर्ष महाजन का सहयोग करेंगे। लेकिन कांग्रेस की सरकार और मुख्यमंत्री इस बात का जवाब देना होगा कि अपने हुई स्टैंड के ख़िलाफ़ खड़े होने वाले लोगों को वह राज्य सभा भेज कर क्या साबित करना चाहती है। क्योंकि अब जवाबदेही का वक़्त आ गया है, इसलिए इधर-उधर की बातें करके यह सरकार बच नहीं सकती है।  

Monday, October 2, 2023

केन्द्रीय सहयोग पर राज्य सरकार द्वारा की जा रही राजनीति ठीक नहीं:जयराम ठाकुर

Monday 2nd Oct 2023 at 6:27 PM

मैंने गांव-गांव जाकर देखा है, आपदा प्रभावितों को राहत नहीं मिली है 

*महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को नेता प्रतिपक्ष ने दी श्रद्धांजलि

*देश में स्वच्छता में जनभागीदारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अहम योगदान

 

शिमला: 2 अक्टूबर 2023: (कार्तिका सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::


देश और दुनिया के अन्य हिस्सों की तरह भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश में भी पूरी तरह से सक्रिय है। एक बात सभी ने नोट की है कि भाजपा को अब जीत या हार से अब क्लोई फर्क नहीं पड़ता। भाजपा ने अपने केंद्र को इतना सक्रिय रहने की विशेष ट्रेनिंग दी है कि हालात कुछ भी  हों भाजपा निरंतर गतिशील रहती है। ज़ाहि बता पंजाब, हरियाणा और हिमाचल में भी देखि जा रही है।


हिमाचल प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि बापू के दिखाए गए रास्ते पर आज पूरी दुनिया चल रही है। मानवता की भलाई के  शांति और अहिंसा से बेहतर कोई रास्ता है ही नहीं। स्व० लाल बहादुर शास्त्री के राष्ट्रबोध से हम भारत को विश्व गुरु बना सकते हैं। उन्होंने दिखाया कि सीमित संसाधनों में भी देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उनका व्यक्तित्व ही ऐसा जादू भरा था कि उनके एक आह्वाहन पर देश के लोगों ने एक वक़्त का भोजन छोड़ दिया था। वह जिए भी देश के लिए और मरे भी देश के लिए। ऐसी महान विभूतियों का देश ऋणी है और हमेशा रहेगा भी। 

 

इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र से मिल रही मदद के मामले में राज्य सरकार द्वारा की जा रही राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश की लगातार  मदद कर रही है। हज़ारों करोड़ रुपए अलग-अलग मदों में राज्य सरकार को मिल चुके हैं। आवास से लेकर सड़क और नेशनल हाई वे के लिए अलग से राशि जारी की जा चुकी है लेकिन राज्य सरकार ने ‘कुछ नहीं दिया, कुछ नहीं दिया’ की रट लगाई हुई है।  उन्होंने कहा कि अभी भी केंद्र की टीमें नुक़सान का जायज़ा लेने के लिए हिमाचल  विभिन्न जगहों का सर्वे कर रही हैं। इसलिए राज्य सरकार द्वारा इस तरह की बातें और भी हास्यास्पद हैं। 

 

आपदा और राहत की बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मैंने आपदा प्रभावित बहुत जगहों का दौरा किया और अभी भी कर रहा हूं। आपदा आने के समय जिस तरह से लोगों को सरकार से कोई मदद नहीं मिल पाई थी। उसी तरह दो महीनें बीतने के बाद भी लोगों को कोई राहत नहीं मिल पाई हैं। धरातल की स्थितियां सरकारी दावों के बिलकुल विपरीत हैं। कई ऐसी जगहें भी हैं जहां आपदा के बाद से कोई अधिकारी पहुंचा ही नहीं है। ऐसी परिस्थिति में लोगों के नुक़सान का सही आंकलन और सही राहत कैसे मिल पाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों की इस शिकायतों पर भी सरकार को ध्यान देना होगा। 

 

प्रधानमंत्री की चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। प्रधानमंत्री के आह्वाहन पर आज पूरा देश स्वच्छता के प्रति सजग है और अपनी जनभागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने स्वच्छता को आम जनमानस के जीवन का मिशन बनाने हेतु लोगों को प्रेरित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया।


निरंतर सामाजिक चेतना और जनहित ब्लॉग मीडिया में योगदान दें। हर दिन, हर हफ्ते, हर महीने या कभी-कभी इस शुभ कार्य के लिए आप जो भी राशि खर्च कर सकते हैं, उसे अवश्य ही खर्च करना चाहिए। आप इसे नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करके आसानी से कर सकते हैं।

Tuesday, August 1, 2023

मुख्यमंत्री ने ‘व्यावसायिक मौन पालन’ पुस्तक का विमोचन किया

इस कारोबार में छिपा है जीवन में मिठास भरी तरक्की का राज़ 


शिमला
//लुधियाना: 31 जुलाई 2023: (कार्तिका सिंह//देवभूमि स्क्रीन 
डेस्क)::

जब कुछ ही बरस पहले पंजाब कृषि विश्व विद्यालय लुधियाना ने महिलायों के लिए सेल्फ हैल्प ग्रुप बनाने का अभियान चलाया तो देहात की बहुत सी महिलाएं आगे आईं। आरम्भ में जो काम चुने गए उनमें शहद बनाने और बेचने का काम सबसे अधिक लोकप्रिय हुआ। उन्होंने यूनिवर्सिटी की ट्रेनिंग के बाद सबंधित विभागों से सब्सिडी भी ली और छोटे छोटे क़र्ज़ भी लिए। क़र्ज़ लेते वक्त इसका खतरा भी उनके ज़हन में था कि पता नहीं क़र्ज़ लौटाया भी जाएगा या नहीं। कइयों ने तो अपने पति और घर परिवार से इस क़र्ज़ का पर्दा भी रखा था।  लेकिन उनकी हिम्मत और संघर्ष ने रंग दिखाया। उन पर शीघ्र ही लक्ष्मी की कृपा होने लगी। उनके पास पास की आवक बढ़ती चल गई। क़र्ज़ भी उत्तर गए और बैंक बैलेंस भी बढ़ गया। सफलता देख कर उनके पति भी आगे आए। फिर सारे का सारा परिवार ही साथ देने लगा। देखते ही देखते उन सभी के ब्रांड इस्टेब्लिश हो आगे। इसी तरह के  प्रयोग अन्य राज्यों में भी हुए। 

पारदर्शी किसान सेवा याेजना, कृषि विभाग,उत्तरप्रदेश के सूत्रों ने बताया कि मानव जाति की सबसे बड़ी मित्र होने के साथ छोटी सी मधुमक्खी से प्रकृति के विकास में बड़ा योगदान दिया है। मधुमक्खी मधुर एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थ अर्थात शहद का उत्पादन करती है। लीची नीबू प्रजातीय फलों, अमरूद, बेर, आड़ू, सेब इत्यादि एवं अन्य दलहनी एवं तिलहनी फसलों में मधुमक्खियों द्वारा परागण अत्यन्त महत्वपूर्ण है। परीक्षणों से यह भी जानकारी मिली है कि पर-परागण के बाद जो फसल पैदा होती है, उन दानों का वजन एवं पौष्टिकता अच्छी होती है। इससे स्पष्ट होता है कि मधुमक्खियाँ केवल शहद ही पैदा नहीं करती वरन फसलों की पैदावार बढ़ाकर खुशहाल बनाकर प्रदेश एवं देश को आर्थिक पौष्टिक खाद्यान्न उपलब्ध कराने में मद्द करती हैं।

प्रत्येक मधुमक्खी परिवार में तीन प्रकार की मक्खी पायी जाती हैं, जिनमें रानी, नर मक्खियाँ एवं कमेरी मक्खियाँ होती हैं। मधु विटामिन के तौर पर भी इस्तेमाल होती है और दवा के तौर पर भी। गौरतलब है कि मधु में जो निम्नलिखित तत्व पाये जाते  हैं उनमें जल सबसे महत्वपूर्ण होता है। 


इसके साथ ही इसमें 17 से 18 प्रतिशत फलों की चीनी
(फ्रक्टोज) 42.2 प्रतिशत अंगूरी चीनी (ग्लूकोज) 34.71 प्रतिशत एल्यूमिनाइड 1.18 प्रतिशत और खनिज पदार्थ (मिनरल्स) 1.06 प्रतिशत। इसके अतिरिक्त मधु में विटामिन सी, विटामिन बी, सी, फॉलिक एसिड, साइट्रिक एसिड इत्यादि महत्वपूर्ण पदार्थ भी पूरी तरह से पाये जाते हैं। मधु भोजन के रूप में, मधु दवा के रूप में, एवं सौन्दर्य प्रसाधन के रूप में प्रयोग किया जाता है।

इस कारोबार के लिए मौन ग्रह की स्थापना भी करनी पड़ती है। आरम्भ में यह काम काफी म्हणत मांगता है लेकिन धीरे धीरे सब कुछ लाईन पर आ जाता है। मैदानी भाग में इस कार्य को शुरू करने का उपयुक्त समय अक्टूबर और फरवरी में होता है। इस समय एक स्थापित मौन वंशों से प्रथम वर्ष में 20 से 25 किलोग्राम दूसरे वर्ष से 35-40 किलोग्राम मधु का उत्पादन हो जाता है। स्थापना का प्रथम वर्ष ही कुछ महंगा पड़ता है। इसके बाद केवल प्रतिवर्ष 8 या 10 किलोग्राम चीनी एवं 0.500 किलोग्राम मोमी छत्ताधर का रिकरिंग खर्च रहता है। प्रति मौन वंश स्थापित करने में लगभग 2450 रूपये व्यय करना पड़ता है। उद्यान विभाग द्वारा तकनीकी सलाह मुफ्त दी जाती है। मधुमक्खी पालकों की मधुमक्खियों का प्रत्येक 10वें दिन निरीक्षण जो अत्यन्त आवश्यक है, विभाग में उपलब्ध मौन पालन में तकनीकी कर्मचारी से कराया जाता है। इस तरह कदम कदम पर सरकार के विभाग पूरा सहयोग और मार्गदर्शन भी देते हैं। इससे मधु का कारोबार और भी मुनाफे वाला हो जाता है। 

इस कारोबार में महत्वपूर पड़ाव होता है मधु के निष्कासन का। इस कार्य को बहुत सावधानी के साथ और निपुणता से करना आवश्यक होता है। इसी से बढ़ता है वास्तविक उत्पादन भी। 

आजकल आधुनिकतम ढंग से मधु निष्कासन का कार्य किया जाता है जिसमें अण्डे बच्चे का चैम्बर अलग होता है। शहद चैम्बर में मधु भर जाता है। मधु भर जाने पर मधु फ्रेम सील कर दिया जाता है। शील्ड भाग को चाकू से परत उतारकर मधु फ्रेम से निष्कासक यंत्र में रखने से तथा उसे चलाने से सेन्ट्रीफ्यूगल बल से शहद निकल आता है तथा मधुमक्खियों का पुनः मधु इकट्ठा करने के लिए दे दिया जाता है। इस प्रकार मधुमक्खी वंश का भी नुकसान नहीं होता है तथा मौसम होने पर लगभग पुनः शहद का उत्पादन भी बहुत अच्छी तरह से हो जाता है। 

मधु के कारोबार का स्वदेशी बाज़ार भी पूरे देश में फैला हुआ है। इसका आर्थिक ढांचा भी अब बहुत बड़ा हो गया  है। इसलिए मौन पालन (मधुमक्खी) का आर्थिक आय-व्यय विवरण भी बहुत तरकीब से रखना पड़ता है। लागत भी निकालनी होती है, म्हणत का मौल भी और मुनाफा भी। मधुमक्खी पालन का महत्व फलों, तरकारियों, दलहनी, तिलहनी फसलों पर परागण के द्वारा उपज की बढ़ोत्तरी तो होती ही है, इसके साथ-साथ इसके द्वारा उत्पादित मधु, मोम का लाभ भी मिलता है। इस तरह इस कारोबार में जुटे लोग जानते हैं कि यह कितनी बड़ी ऊंचाई तक पहुंच चुका है। बहुत से व्हाटसअप ग्रुप इसी कारोबार के लोइए बने हुए हैं जिनमें मधु के साथ साथ मधु मक्खियों की भी खरीदो फरोख्त होती है। ग्रुप में ऑनलाइन ही तस्वीरों और वीडियो से सौदा तय हो जाता है और  पेमेंट भी हो जाती है। 

स्थापना के प्रथम वर्ष में तीन मौन वंश से दो अतिरिक्त मौन वंश एवं 20-25 किलोग्राम मधु का उत्पादन करके लगभग 2000 से 2500 रूपये की आय प्रति वर्ष होती है। दूसरे वर्ष में केवल 300 से 350 रूपये व्यय करके मधु का उत्पादन करके लगभग 3500 रूपये से 4000 रूपये तक की प्रतिवर्ष आय की जा सकती है। इस तरह ज़ेह सिलसिला लगातार हर बरस बढ़ता चला जाता है। 

अब इस सारे कारोबार पर एक विशेष पुस्तक भी आई है। हिमाचल के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज उद्यान विभाग द्वारा प्रकाशित ‘व्यावसायिक मौन पालन’ पुस्तक का विमोचन भी किया है। 

इस अवसर पर बागवानी, राजस्व एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक चंद्रशेखर, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, निदेशक बागवानी संदीप कदम, उद्यान विभाग के डॉ. कर्म सिंह वर्मा, डॉ. रंजन शर्मा तथा इस पुस्तक के लेखन डॉ. शरद गुप्ता व दमेश शर्मा उपस्थित थे। 

इस पुस्तक में मधुमक्खी पालन हेतु नवीनतम जानकारियों को समाहित किया गया है। यह किताब प्रदेश के मौन पालकों को मात्र 100 रुपये में उपलब्ध होगी। इस किताब को निदेशालय उद्यान विभाग, शिमला से प्राप्त किया जा सकता है तथा विभाग के ई-उद्यान पोर्टल पर भी यह उपलब्ध रहेगी। 

Monday, July 3, 2023

मामला केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में हिमाचल की हिस्सेदारी का

 Monday 3rd July 2023 at 4:04 PM

मुख्यमंत्री ने कहा हिस्सेदारी के लिए उठाए जा रहे हैं ठोस कदम 

शिमला//मोहाली: 03 जुलाई 2023: (कार्तिका सिंह//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

Photo by Doller Gill on Unsplash

केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ पर पंजाब और हरियाणा की दावेदारी के साथ साथ अब हिमाचल ने भी अपना दावा  ज़ोरदार ढंग से जता दिया है। इस तरह केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ पर हिमाचल प्रदेश की दावेदारी इस समस्या को और भी नाज़ुक और गंभीर न देगी। गौरतलब है कि चंडीगढ़ के साथ साथ मोहाली और दुसरे इलाकों में भी हिमाचल से आए लोगों की संख्या  तेज़ी से बढ़ती जा रही है। इन सभी की मनोभावनाएं भी अब इस तरफ जुड़ चुकी हैं कि चंडीगढ़ अब हिमाचल का भी है। इसी बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मामला केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में हिमाचल की हिस्सेदारी के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।  इसके साथ ही विद्युत परियोजनाओं में भी हिमाचल सरकार उचित हिस्सेदारी पर बल दे रही है। 

इस सारे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पड़ोसी राज्यों के साथ हिमाचल के अधिकारों से सम्बंधित सभी लम्बित मुद्दों का सर्वमान्य समाधान निकालने के लिए दृढ़ता से कदम उठा रही है। अरसे से यह मुद्दे लम्बित होने के कारण हिमाचल और यहां के लोगों को वांछित लाभ नहीं मिल पाए हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार कार्यभार संभालने के उपरांत से ही राज्य हित से जुड़े मुद्दे विभिन्न मंचों पर केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के साथ उठा रही है। सियासत के मौजूदा दौर में हिमाचल प्रदेश का इस तरह सतर्क होना बहुत महत्वपूर्ण है। इसके दूरगामी परिणाम भी निकलने हैं। 

चंडीगढ़ पर दावेदारी और हिस्सेदारी के साथ साथ ही मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के बोर्ड की परियोजनाओं से जल प्राप्त करने की व्यवस्था हिमाचल के हितों की बेहतरीन पैरवी से ही सम्भव हुई है। अब राज्य सरकार ने केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ पर अपने वैध अधिकारों के लिए प्रयास और तेज कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 स्पष्ट रूप से चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश को 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिकार देता है। प्रदेश को शुरू से ही इस अधिकार से वंचित रखा गया है, जो हिमाचल तथा यहां के लोगों के साथ अन्याय है। अब राज्य सरकार चंडीगढ़ में 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी सहित राज्य के सभी वैध अधिकारों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न मंचों पर अपनी आवाज बुलंद कर रही है। अब हिमाचल से जुड़े सामाजिक संगठन भी इस संबंध में जल्द ही अपना सुर जोरशोर से उठा सकते हैं। 

चंडीगढ़ पर हिस्सेदारी और दावेदारी के चलते राज्य सरकार ने इस मामले से सम्बंधित सभी पहलुओं पर विचार करने के लिए एक मंत्रिमण्डलीय उप समिति का गठन किया है। उप-समिति द्वारा विस्तृत चर्चा के उपरांत मंत्रिमण्डल के समक्ष एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। सरकार मंत्रिमण्डलीय उप-समिति के निष्कर्षों और सिफारिशों पर विचार करने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी। जिस तरह तेज़ी से हिमाचल सरकार सक्रिय हुई है उसे देखते हुए ज़ाहिर है कि मंत्रिमंडल की उपसमिति भी जल्द ही पूरी सरगर्मी दिखाएगी। 

इलाके के साथ साथ बिजली के मामले में भी सारी बातें खुल कर सामने आने लगी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिजली हिस्सेदारी में प्रदेश के बकाया की वसूली के लिए सभी विकल्प तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने नवंबर, 2011 में प्रदेश में बीबीएमबी की सभी परियोजनाओं में 7.19 प्रतिशत बिजली हिस्सेदारी देने का निर्णय दिया था। वर्तमान में, हिमाचल को अपना हिस्सा तो मिल रहा है, लेकिन राज्य को 13,066 मिलियन यूनिट बिजली का बकाया अभी भी जारी नहीं किया गया है। 

इसके अलावा, राज्य ने प्रदेश में स्थापित सभी बीबीएमबी परियोजनाओं में न्यायोचित ढंग से अपनी बिजली हिस्सेदारी बढ़ाने की भी मांग की है, क्योंकि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग से ही इन परियोजनाओं के माध्यम से विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। इस उत्पादन से भी इस पर्वतीय राज्य की मांगें अब खुल कर उठने लगी हैं। निकट भविष्य में पानी और बिजली दोनों ही महत्वपूर्ण मुद्दे रहेंगे। 

इस मामले में उपलब्ध आंकड़ों का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बीबीएमबी की बिजली परियोजनाओं से वर्तमान में पंजाब को 51.8 प्रतिशत, हरियाणा को 37.51 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश को केवल 7.19 प्रतिशत बिजली आवंटित होती है। 

उन्होंने कहा कि भागीदार राज्यों द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए उदारतापूर्वक हिस्सेदारी बढ़ाने पर विचार किया जाए, क्योंकि इन बिजली परियोजनाओं के निर्माण के कारण प्रदेश के हजारों परिवारों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा और प्रदेश की हजारों हेक्टेयर भूमि भी जलमग्न हो गई थी। 

उन्होंने इन परियोजनाओं में भागीदार राज्यों के बीच समान वितरण की आवश्यकता पर बल देते हुए दोहराया कि राज्य सरकार प्रदेश की उचित हिस्सेदारी प्राप्त करने के लिए दृढ़ता से कार्य कर रही है तथा न्याय मिलने तक राज्य के मुद्दों को विभिन्न मंचों पर पूरी शिद्दत से उठाया जाएगा।