Thursday, December 5, 2019

पुलिस आरक्षियों के एक हजार रिक्त पद भरे जाएंगेः मुख्यमंत्री


पुलिस कर्मियों को सेवानिवृत्ति से तीन माह पूर्व एक पदोन्नति
शिमला: 2 दिसंबर 2019: (देवभूमि स्क्रीन ब्यूरो//पीआरडी)::
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज रिज मैदान में हिमाचल प्रदेश पुलिस स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रदेश में शांतिपूर्ण तथा सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रदेश पुलिस जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही है तथा प्रदेश को अपनी मूल्यावान सेवाएं प्रदान कर रही है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को लागू किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग को बेहतर प्रदर्शन तथा कुशल बनाने के लिए आधुनिक सूचना साधन उपलब्ध किए है। प्रदेश सरकार ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से गुड़िया हेल्पलाइन 1515 और शक्ति बटन ऐप को आरम्भ किया है। उन्होंने पुलिस विभाग से प्रदेश में नशे से सम्बन्धित गतिविधियों पर निगरानी रखने कहा ताकि युवाओं को नशे से बचाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निरंतर पुलिस विभाग को सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने एक हजार पुलिस कर्मियों के रिक्त पद भरने करने की घोषणा की। उन्होंने पुलिस विभाग की मांग के अनुरूप सेवानिवृत्ति से तीन माह पूर्व पुलिस कर्मियों को एक पदोन्नति देने की भी घोषणा की। उन्होंने हिमाचल पुलिस की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर सभी पुलिस कर्मियों को विशेष मेडल देने की घोषणा की।

इसके उपरान्त, मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिला पुलिस बल की टुकड़ी को मार्चपास्ट में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए पुरस्कृत किया तथा अन्य प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया।

पुलिस महानिदेशक एस.आर. मरड़ी ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री तथा अन्य उपस्थित गणमान्यों का स्वागत किया तथा पुलिस विभाग द्वारा प्रदेश में आयोजित की गई प्रमुख गतिविधियांे व कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर पुलिस जवानों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, महापौर कुसुम सदरेट, हिमफेड के अध्यक्ष गणेश दत्त, मुख्य सचिव डाॅ. श्रीकांत बाल्दी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, हिमाचल प्रदेश पुलिस के पूर्व महानिदेशक आई.बी. नेगी और आर.आर. वर्मा, नागालैंड के पूर्व राज्यपाल एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक अश्वनी कुमार और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

Friday, November 22, 2019

रोहतांग टनल के कार्य में तेजी लाने का आग्रह

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने की रक्षा मंत्री से भेंट 


नई दिल्ली: 22 नवंबर 2019: (देवभूमि स्क्रीन)::

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की तथा उनसे रोहतांग टनल के कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया ताकि जनजातीय जिले लाहौल-स्पिति के लिए बर्फवारी के दौरान भी उचित सम्पर्क सुविधा सुनिश्चित की जा सके। राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया है कि मई, 2020 तक इस टनल का निर्माण कार्य पूरा करके इसे आरम्भ करने के सभी प्रयास किए जाएंगे। 
मुख्यमंत्री ने लाहौल-स्पिति के लोगों के फिलहाल रोहतांग टनल से आवाजाही के लिए सड़क मार्ग के रूप में टनल का उपयोग करने की अनुमति प्रदान करने का भी आग्रह किया, क्योंकि प्रशासन द्वारा लाहौल-स्पिति सड़क मार्ग को अधिकारिक रूप से भारी बर्फवारी के कारण बंद कर दिया जाता है, जिसके कारण घाटी का शेष भाग से सम्पर्क टूट जाता है। 
उन्होंने बीआरओ के अधीन सड़कों की हालत सुधारने का भी आग्रह किया तथा उनसे सीमा क्षेत्र की सड़कों के लिए जरूरत के अनुसार धनराशि उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। केन्द्रीय मंत्री ने राज्य को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। रक्षा मंत्री ने प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की।

Thursday, November 21, 2019

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने की केंद्रीय मंत्री से भेंट

सुश्री निर्मला सीतारमण ने दिया हर सम्भव सहयोग का आश्वासन
नई दिल्ली: 21 नवंबर 2019: (देवभूमि स्क्रीन)::
हिमाचल सरकार प्रदेश के विकास को लेकर निरंतर प्रयासशील है। इस मकसद के लिए जहां यह सरकार अपने बलबूते पर कोशिशें करती है वहीँ केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता और सहयोग को लेकर भी यह सरकार सक्रिय है। आज गुरुवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्य मंत्री जय राम ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की और उन्हें अपनी मुश्किलें भी बतायीं। केंद्रीय मंत्री ने उन्हें पूरे ध्यान से सुना और उचित कदम उठाने का आश्वासन भी दिया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की।
उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से आग्रह किया कि केन्द्र सरकार को सौंपी गई राज्य सरकार की बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए। उन्होंने शिमला, मनाली, धर्मशाला रज्जू मार्गों, ओवर हैड परिवहन प्रणाली पयोजनाओं और वन प्रबन्धन आदि योजनाओं पर केन्द्रीय मंत्री से चर्चा की, जिन्हें केन्द्र सरकार को भेजा गया है।
निर्मला सीतारमण ने आश्वासन दिया कि हिमाचल सरकार की सभी परियोजनाओं का उनका मंत्रालय हर सम्भव सहयोग प्रदान करेगा।
वित्त मामलों के केन्द्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी इस चर्चा में भाग लिया। मुख्य सचिव डाॅ. श्रीकान्त बाल्दी ने विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। अतिरिक्त मुख्य सचिव अनिल खाची भी बैठक में उपस्थित थे।


Monday, November 18, 2019

भारतीय संस्कृति वैज्ञानिक पहुंच पर आधारित--दलाईलामा

राज्यपाल ने धर्मशाला में दलाई लामा से भेंट की

धर्मशाला: 18 नवंबर 2019: (देवभूमि स्क्रीन ब्यूरो)::

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज धर्मशाला में दलाई लामा के तिब्बतियों के आध्यात्मिक धर्मगुरू से मुलाकात की। बैठक में दलाई लामा ने भारत की प्राचीन संस्कृति, परंपरा, गौरवशाली इतिहास, विशेष रूप से हिमाचली लोगों से उनकी सुविधा पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि भारत में अपने लगभग 60 वर्षों के निर्वासन के दौरान, उन्होंने दुनिया के कई देशों का दौरा किया है, परन्तु वह भारत की प्राचीन परंपरा और अहिंसा और करुणा के संदेश से वह बहुत प्रभावित हैं, जिसकी आज दुनिया को सबसे ज्यादा जरूरत है।

दलाई लामा ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, किसी भी धार्मिक विश्वास के बावजूद, अहिंसा और करुणा के संदेश का पालन करके जीवन में खुश रह सकता है। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय ज्ञान मानसिक शांति प्रदान करने में सहायक है। इसलिए, प्राचीन भारतीय संस्कृति को आधुनिक ज्ञान के साथ जोड़ना महत्वपूर्ण है ताकि बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें।

दलाई लामा ने कहा कि वह इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं और उन्होंने राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में छः महीने का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है, जो प्राचीन भारतीय ज्ञान, आध्यात्मिकता और भारतीय दर्शन पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भविष्य में शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण का एक कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा ताकि भविष्य की पीढ़ियों तक इस सोच को बढ़ावा दिया जा सके।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति वैज्ञानिक पहुंच पर आधारित है। उन्होंने भारत को गुरू और तिब्बत को भारत का श्रेष्ठ अनुयायी बताया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में रह रहे निर्वासित तिब्बती समुदाय का हिमाचल के लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण सम्बन्ध है और उन्होंने भी हिमाचल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी यह मजबूत सम्बन्ध बने रहें।

राज्यपाल ने देशभर में रह रहे तिब्बती समुदाय के कल्याण और विकास की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विशेषकर उत्तर व दक्षिण भारत में तिब्बती-बौद्ध पढ़ाई के प्रतिष्ठित संस्थानों की जानकारी ली।

उन्होंने समस्त भारत में रहने वाले तिब्बती समुदाय को शुभकानाएं देते हुए उन्हें बेहतर जीवन, शिक्षा और अन्य सभी सुविधाएं प्रदान करने का आश्वासन दिया।

राज्यपाल ने तिब्बती संसदीय सचिवालय का भी दौरा किया और अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष से भेंट की।

इससे पूर्व, केन्द्रीय तिब्बती प्रशासन (सी.टी.ए.) के कार्यवाहक अध्यक्ष कालोन वेन कर्मा गैलेक यूथोक, ने काशग-तिब्बती मंत्रिमण्डल में राज्यपाल का स्वागत किया।

कार्यवाहक अध्यक्ष कालोन वेन कर्मा गैलेक यूथोक, गृह विभाग के कालोन सोनम टोपगयाल खोरलासांग, वित्त विभाग के कालोन फागपा, रक्षा विभाग के फागपा सेरिग लबरांग, स्वास्थ्य विभाग के कालोन चैयकयोंग वांगचुक, काशग के सचिव सेज्ञाल चुकया द्रानयी,  शिमला में तिब्बती के मुख्य प्रतिनिधि तेनजिन नोरगु और धर्मशाला के बन्दोबस्त अधिकारी ने सी.टी.ए. मुख्यालय में राज्यपाल का स्वागत किया।

इस अवसर पर, धर्म और संस्कृति विभाग के कलोन वेन कर्मा गिलेक युथोक ने राज्यपाल को सम्मानित किया।

कालोन की परिषद ने राज्यपाल को सी.टी.ए. के सुदृढ़ प्रशासन और पूरे भारत, नेपाल और भूटान में एक लाख से अधिक तिब्बती प्रशासन और सरकार के बारे में अवगत कराया और भारत सरकार तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा केंद्रीय तिब्बती प्रशासन और तिब्बत सरकार को दिए जा रहे समर्थन के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी। 

Thursday, October 10, 2019

एक अहसास है जो रूह से महसूस करो.....

हिमाचल के गांव बटलम्भर में मिले एक विशेष प्रेम की सत्य कथा
बटलम्भर:(हमीरपुर): 11 अक्टूबर 2019: (रेक्टर कथूरिया//देवभूमि स्क्रीन):: 
कब मिली थी कहाँ बिछड़ी थी हमें याद नहीं;
ज़िंदगी तुमको तो बस ख्वाब में देखा हमने। 
इस गीत में महसूस होते सत्य का अहसास ज़िंदगी में कई बार होता है। ऐसा लगता है ज़िंदगी अभी अभी मिली और पास से हो कर निकल गई लेकिन हम पहचान नहीं पाए। कुछ ऐसा ही अनुभव हुआ हिमाचल प्रदेश में जा कर। पहाड़ों की ऊंचाई इतनी की यूं लगता था जैसे सबसे ऊंची चोटी पर पहुंच गए हों। बहुत सी चिंताएं भी साथ में थीं लेकिन फिर भी एक अलौकिक सा अनुभव भी था। यूं लगता था जैसे पहाड़ों की चोटियां, वादियां और खाईयां कोई बात कर रही हों।
इसी तरह के माहौल से भरे हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में एक गांव है बटलम्भर। इस गांव में किसी नज़दीकी परिवार के बेटे की शादी थी 8 और 9 अक्टूबर 2019 को। हम सोमवार बरात ले कर गए और मंगलवार सुबह तारों की छांव में लौटे। 
वहां एक काला कुत्ता पूँछ हिलाता हुआ पास आ गया। ज़रा सा सिर पर हाथ फेरा तो आंखों से भी बातें करने लगा। फिर टांगों से लिप्टन लगा। थोड़ा सा डांट कर हटाया तो वहीँ पास ही बैठ गया। इतने में चाय आ गई। साथ में पकौड़े भी थे। थोड़ा सा पकौड़ा उसे डाला झट से खा गया और फिर पूंछ हिलाने लगा। बहुत से और लोगों ने भी बुलाया। कईओं ने तो उसे डांट कर भी हटाया लेकिन वह नहीं हिला। बोल कर कुछ कहता रहा जो मुझे समझ नहीं आया। तो मुझे लगा न जाने किसी पूर्व जन्म का रिश्ता है। कभी यह इंसान रहा होगा या हम जानवर। लेकिन बार बार एक लोकप्रिय वह पंक्ति याद आती:
तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई,
यूं ही नहीं दिल लुभाता कोई।
सुबह तक यह काला कुत्ता आसपास, साथ साथ रहा। सोने का वक़्त आया तो मैंने अपनी चारपाई वहीं बाहर बरामदे में लगवा ली क्यूंकि मैं वहां प्रकृति के साथ रात के अहसास का अनुभव भी चाहता था। रात भर वह कुत्ता चारपाई के नीचे लेटा रहा। सुबह आते वक्त उसकी आँखों में आंसू थे। मैं भी उदास। वह गीत बहुत शिद्दत से याद आया--
जानवर आदमी से ज़्यादा वफादार है।
मैं इंसानी रिश्तों पर सोचने लगा जहां अब गिरगिट भी हार मानने लगा है। सोचता हूँ कभी इसे मिलने दोबारा वहां जा कर आऊं। आखिर इस काले कुत्ते के हावभाव ने मुझे उस वक़्त सांत्वना दी जब इंसानों का बदलता रवैया बेहद पीड़ा दे रहा था। आज भी उदासी होती है तो वही कुत्ता याद आ जाता है। अब एक बार फिर कुत्तों से लगाव होने लगा है। कुछ और यादें भी हैं वे किसी अलग पोस्ट में।--रेक्टर कथूरिया

(8 और 9 अक्टूबर 2019 की मध्य रात्रि को लिखा फिर 9 अक्टूबर दोपहर तक इसे मैच्योर करके रिराईट किया। लगता है अभी भी बहुत कुछ शेष रह गया। मन की जो मन में रही वह फिर कभी सही।-रेक्टर कथूरिया)

Sunday, February 26, 2017

देवभूमि हिमाचल में भी जारी था सेक्स रैकेट

शिमला:कुछ घण्टों के 2 हज़ार और पूरी रात के 15 हज़ार रूपये
शिमला:: 25 फरवरी 2017: (देवभूमि स्क्रीन ब्यूरो):: साहिर साहिब की एक यादगारी रचना
बहुत पहले जंग के वीभत्स चेरे को दिखाते हुए लोगों के शायर जनाब साहिर लुधियानवी साहिब ने एक लम्बी रचना लिखी थी जिसमें एक जगह उन्होंने कहा--
कुछ भी न रहा जब बिकने को जिस्मों की तिजारत होने लगी
ख़लवत में भी जो ममनूअ थी वह जलवत में जसारत होने लगी
और यह सब अब भी दिखता है। विकास के दावों और दिखावों को झुठलाता हुआ बड़े  से ले कर छोटे छोटे कस्बों तक यह सब आम हो गया है शायद। जिसे हम देवभूमि कहते हैं वहां भी इस की चर्चा आम है।शिमला पुलिस ने राजधानी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इसमें मुख्य सरगना और ग्राहक के रूप में पेश की गई दो युवतियों को हिरासत में लिया है। युवतियों को पूछताछ और मेडिकल के बाद छोड़ दिया जबकि महिला सरगना को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने ग्राहक बन कर सारा मामला बेनक़ाब किया। गौरतलब है कि शिमला पुलिस को शनिवार सुबह इस महिला सरगना के दो युवतियों के साथ ओल्ड बस अड्डे के पास ग्राहक तलाशने की गुप्त सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने अपना जाल बिछाया। महिला के मोबाइल नंबर पर डील करने को एक कर्मी को तैयार किया गया और पुलिस का यह जाल पुलिस के काम भी आया। पुलिया की तरफ से भेजे व्यक्ति ने एक ग्राहक बनकर सबंधित महिला से बात की। महिला ने पूरी गंभीरता के जिस्मफरोशी के लिए खूबसूरत जवान युवतियों के उपलब्ध होने की बात बताई और बाकायदा उनका रेट भी बताया। पूरी रात के 15 हजार जबकि दिन में कुछ घंटे के लिए 2000 का रेट बताया। यह सब उस ज़मीन पर हो रहा था जिसे हम सब देवभूमि कहते नहीं थकते। 
सारा जाल बिछाया जा चुका था। अब था उस महिला के फोन का इंतज़ार जो इस मामले में बहुत अनुभवी भी लगती है और शातिर भी। उसे इस मामले के सभी खतरों की जानकारी भी थी उसे सभी सबवधानियाँ भी मालूम थीं लेकिन फिर भी पुलिस का जाल मज़बूत निकल। ग्राहक बने व्यक्ति को महिला ने एक होटल में बुलाया। ऐन मौके पर जाल को और कसते हुए ग्राहक बने पुलिस कर्मी ने पुलिस टीम के साथ सभी को पकड़ लिया। युवतियों में एक हिमाचली है, जबकि दूसरी नेपाली मूल की है। दोनों की आयु 26 से 28 साल के बीच बताई जा रही है। यह दोनी इस धंधे में कबसे हैं इसका तुरन्त पता नहीं चला। 
आखिर पुलिस इन तीनों को थाने लेकर आई। युवतियों से पूछताछ करने और मेडिकल करवाने के बाद छोड़ दिया गया, जबकि सरगना महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर दिया गया है। पुलिस को इस बड़े मामले के पकड़े जाने के बाद कई और ऐसे सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश और पकड़े जाने की उम्मीद जगी है।
दूसरी तरफ शिमला पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी का कहना है कि जिस्मफरोशी का धंधा चलाने वाली एक महिला को होटल से गिरफ्तार किया गया है। महिला सरगना के साथ दो युवतियों को भी पकड़ा गया था लेकिन पूछताछ करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।साहिर साहिब की एक यादगारी रचना

Thursday, September 24, 2015

कुल्लू में आनंदमार्ग धर्म महासम्मेलन की तैयारियां मुक़्क़मल

श्रद्धेय पुरोधा प्रमुख का हुआ हवाई अडडे पर ज़बरदस्त स्वागत 
कुल्लू से विशेष रिपोर्ट: 
प्रेरणा: आचार्य दीदी रत्न ज्योति                                                      तस्वीरें और सहयोग आचार्य वैशाली दीदी
(देवभूमि स्क्रीन के लिए आलेख कार्तिका और दिलजोत)
आनन्द मार्ग भुक्तिं कमेटी लुधियाना के प्रधान श्री अशोक चावला अक्सर सुनाया करते हैं जनाब कृष्ण बिहारी नूर साहिब का कलाम जिसमें नूर साहिब ज़िन्दगी की निराशा को बहुत ही खूबसूरत ढंग से बयान करते हुए कहते हैं-

ज़िन्दगी से बड़ी सज़ा ही नहीं, 
और क्या जुर्म है पता ही नहीं।


इतने हिस्सों में बट गया हूँ मैं, 
मेरे हिस्से में कुछ बचा ही नहीं| 

ज़िन्दगी! मौत तेरी मंज़िल है 
दूसरा कोई रास्ता ही नहीं।

ज़िन्दगी! अब बता कहाँ जाएँ 
ज़हर बाज़ार में मिला ही नहीं।

धन के हाथों बिके हैं सब क़ानून 
अब किसी जुर्म की सज़ा ही नहीं।

कैसे अवतार कैसे पैग़म्बर 
ऐसा लगता है अब ख़ुदा ही नहीं।

श्री चावला इस लोकप्रिय ग़ज़ल को सुनाते हुए जवाब देते हैं कि आज जब इन्सान की ज़िंदगी ऐसी दयनीय और तरसयोग्य हो गयी है तो उसे रास्ता दिखा रहा है केवल आनंद मार्ग।  केवल बाबा ही हैं आज के तारणहार। 
श्री चावला के शब्दों में केवल अंधी श्रद्धा नहीं होती बल्कि वह अनुभव होता है जो उन्होंने अपने साथियों सहित लम्बे समय में देखा है। उनके विशवास की वजह केवल धार्मिकता नहीं बल्कि आनंद मार्ग की वह शिक्षा है जो जीवन की चुनौतियों को भगवान शेयर छोड़ने या फिर उनसे खुद भाग जाने की बजाए उनका सामना करने की शक्ति देती है। एक ऐसी शिक्षा जो जीवन से भरपूर है और मौत को मज़्ज़ाक़ करती महसूस होती है। तांड़व का डांस कुछ यही कहता है। जीवन में आने वाली मुसीबतों को कंकर पत्थरों की तरह रौंदते हुए आगे बढ़ते चलो। बाबा ने जो जो कहा बाबा के शिष्यों ने वह सब करके भी दिखाया।  इससे साबित होता है की यह पथ कितना प्रेक्टिकल है। इस पथ पर चलने वाले मार्गियों का एक सम्मेलन हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में होने जा रहा है।  तारीखें हैं 26 और 27 सितम्बर 2015 अर्थात कुल दो दिन का महासम्मेलन। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। ढालपुर प्रदर्शनी मैदान सज चूका है। वहां दूर दराज से आये साधक-साधिकाएं एकत्र हो रहे हैं। जिनकी साधना का तपोबल इस देवभूमि को और भी पावन और शक्तिशाली बना देगा। साधना की महक और सुंदरता इसे और भी मनोरम बना देगी। कुल मिलकर यह रमणीय स्थल और भी आकर्षक बन जायेगा। अगर आप अभी तक वहां नहीं पहुंचे तो अभी रवाना होने का कार्यक्रम बनाएं।