Tuesday, March 17, 2026

चुनौतियों के बावजूद शिक्षा और स्वास्थ्य बजट में नहीं होगी कोई कटौती-मुख्यमंत्री

HP News on Tuesday 17th March 2026 at 16:25 Regarding Principal's Conference 

उच्च शिक्षा सुधारों पर प्रधानाचार्यों के सम्मेलन की अध्यक्षता 

न्यू एज पाठ्यक्रमों और भाषा कार्यक्रमों पर दिया बल


शिमला
:17 मार्च, 2026: (DIPR//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां उच्च शिक्षा में सुधारों पर आयोजित एक दिवसीय प्रधानाचार्य सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों के बजट में कोई कटौती नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दूरदराज क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का संचार करना अत्यंत आवश्यक है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का पूर्ण आत्मविश्वास और प्रभावी ढंग से सामना कर सकें। इस दिशा में शिक्षा और शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। शिक्षा क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए सरकार ने कई पहल की हैं। उन्होंने विज्ञान, वाणिज्य और ललित कला जैसे विशेष महाविद्यालय खोलने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में 50 बीघा भूमि पर एक विज्ञान कॉलेज स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए सरकार ने 20 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त राज्यभर में वाणिज्य और अन्य विशेष कॉलेज भी स्थापित किए जाएंगे।

इस सुअवसर पर ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में मौजूदा कमियों को दूर करने के लिए और इस दिशा में सार्थक सुधार लाने के दृष्टिगत प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहायक प्राध्यापकों के 400 और जूनियर सहायक प्राध्यापकों के भी 400 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कॉलेजों में न्यू एज के पाठ्यक्रम और अतिरिक्त भाषा कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए ताकि विद्यार्थियों की रोजगार प्राप्त करने की क्षमता बढ़ सके। महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों की तर्ज पर कॉलेज रैंकिंग प्रणाली भी लागू की गई है।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि शिक्षा विभाग का पुनर्गठन करते हुए स्कूल शिक्षा निदेशालय और उच्च शिक्षा निदेशालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षक बहुत सक्षम हैं और ये सुधार उन्हें और बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि सीबीएसई स्कूलों की शुरुआत के बाद इनमें छात्रों के दाखिलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अगले दो महीनों में इन स्कूलों में आवश्यकतानुसार सभी शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र का सुदृढ़ीकरण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार के प्रयासों से मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक एमआरआई मशीनें स्थापित की गई हैं और स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी सुविधा की शुरूआत की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पुरानी पेंशन योजना के बहाली के निर्णय के फलस्वरूप केन्द्र सरकार ने राज्य को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया गया है और 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि ओपीएस कोई राजनीतिक निर्णय नहीं है, बल्कि सरकारी कर्मचारी सम्मानजनक तरीके से वृद्धावस्था में जीवन व्यतीत कर सकें इसलिए सामाजिक सुरक्षा देने के लिए लिया गया निर्णय है।

इस अवसर पर रैंकिंग भी सामने आई। मुख्यमंत्री ने राजकीय महाविद्यालयों की इंटरनल रैंकिंग भी जारी की। समग्र रैंकिंग में राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर पहले स्थान पर रहा, राजकीय महाविद्यालय संजौली दूसरे और राजकीय कन्या महाविद्यालय, शिमला तीसरे स्थान पर रहा। टियर-1 में राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर पहले, संजौली कॉलेज दूसरे और राजकीय कन्या महाविद्यालय, शिमला तीसरे स्थान पर रहा। टियर-2 में राजकीय महाविद्यालय भोरंज पहले, राजकीय महाविद्यालय सरस्वतीनगर (शिमला) दूसरे और राजकीय महाविद्यालय सुन्नी तीसरे स्थान पर रहा। टियर-3 में राजकीय महाविद्यालय कफोटा पहले, राजकीय महाविद्यालय दाड़लाघाट दूसरे और राजकीय महाविद्यालय चैलकोटी तीसरे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री ने सभी शीर्ष रैंकिंग वाले कॉलेजों को सम्मानित किया और प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया।

आयोजन के इस यादगारी अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश संस्कृत अकादमी का विक्रमी संवत कैलेंडर भी जारी किया और बिलासपुर, धर्मशाला तथा चौड़ा मैदान के राजकीय महाविद्यालयों की डिजिटल पहलों का वर्चुअल शुभारम्भ किया।

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमरजीत शर्मा, राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. सर्बजोत सिंह बहल, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह और विभिन्न कॉलेजों के प्रधानाचार्य उपस्थित थे।

Friday, March 6, 2026

धारा 118 के बाद अब हिमाचल के होटलों से हिमाचल ऑन सेल मुहिम

Jairam Thakur on 6th March 2026 at 5:09 PM Regarding Alleged Sale of Himachal

इस अभियान को ही आगे बढ़ा रही सुक्खू सरकार:जयराम ठाकुर

एचपीटीडीसी के होटलों को निजी हाथों में सौंपने के निर्णय पर भड़के जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री सुक्खू पर लगाया राज्य की संपदा को कौड़ियों के भाव लुटाने का गंभीर आरोप

शिमला: 6 मार्च 2026: (मीडिया लिंक रविंद्र//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के आठ प्रमुख होटलों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से निजी ऑपरेटरों को सौंपने के आधिकारिक पत्र के सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश की सियासत में उबाल आ गया है, जिसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे 'हिमाचल ऑन सेल' की नीति करार दिया है। जयराम ठाकुर ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार राज्य के बहुमूल्य संसाधनों की खुली लूट कर रही है और जनसंपदा को अपने खास 'मित्रों' की झोली भरने के लिए निजी हाथों में परोस रही है। देवभूमि हिमाचल प्रदेश की भूमि, पहचान और  संसाधनों की रक्षा के लिए बनाए गए हिमाचल प्रदेश भू सुधार एवं किराएदारी अधिनियम 1972 की धारा 118 में छूट दिलाने के नाम पर सरकार पहले से हिमाचल ऑन सेल की मुहिम चला रही है। उसमें अब प्रदेश के होटल भी शामिल कर लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले ही इस बात की आशंका जता चुका था कि सरकार राज्य के सुचारू रूप से चल रहे और लाभप्रद होटलों को जानबूझकर बर्बाद कर उन्हें प्राइवेट सेक्टर को सौंपने की साजिश रच रही है, लेकिन उस समय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि वह ऐसा कभी नहीं होने देंगे। नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री की कथनी और करनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पर्यटन विभाग के पत्र संख्या OP/O&M/TDC/26 (ओपी/ओ एंड एम/ टीडीसी/ 26) से यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री ने जनता से झूठ बोला और अब आधिकारिक तौर पर प्रदेश की संपदा को बेचा जा रहा है।

उन्होंने दावा किया है कि विभाग द्वारा जारी सूची में बिलासपुर का होटल लेक-व्यू, चिंडी का होटल ममलेश्वर, फागू का होटल एप्पल ब्लॉसम, रोहड़ू का होटल चांशल, कुल्लू का होटल सर्वरी, कसौली का होटल ओल्ड रॉसकॉमन, परवाणू का होटल शिवालिक और खड़ापत्थर का होटल गिरिगंगा शामिल हैं, जिन्हें ऑपरेशन और मेंटेनेंस के आधार पर निजी कंपनियों को आउटसोर्स करने की मंजूरी मुख्यमंत्री द्वारा दे दी गई है।

जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का नारा देने वाली सरकार अब 'हिमाचल को बेचने' की राह पर निकल पड़ी है और इन होटलों के निजीकरण से न केवल राज्य के राजस्व को स्थायी नुकसान होगा, बल्कि सरकारी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों का भविष्य भी अधर में लटक जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार घाटे का बहाना बनाकर राज्य की प्राइम लोकेशन पर स्थित इन संपत्तियों को अपने चहेतों को लाभ पहुँचाने के लिए कौड़ियों के भाव लीज पर दे रही है, जो कि हिमाचल की जनता के साथ बड़ा विश्वासघात है।

विपक्ष ने सरकार को चेतावनी दी है कि वे हिमाचल की अस्मिता और संसाधनों के साथ इस तरह का खिलवाड़ नहीं होने देंगे और सदन से लेकर सड़क तक इस 'लूट की नीति' का पुरजोर विरोध किया जाएगा, क्योंकि यह केवल पर्यटन निगम का निजीकरण नहीं बल्कि हिमाचल की आर्थिक संप्रभुता को गिरवी रखने जैसा कदम है।

Thursday, February 5, 2026

केंद्रीय विवि के संस्कृत विभाग की दस दिवसीय कार्यशाला

शिक्षा मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//Posted on 05th February 2026 at 10:10 AM by PIB Shimla

भारतीय ज्ञान परम्परा का सम्यक बोध कराने के लिए प्रशिक्षण

धर्मशाला: 05 फरवरी 2026: (पीआईबी शिमला//देवभूमि स्क्रीन डेस्क)::


भारतीय ज्ञान परम्परा का सम्यक बोध कराने के लिए धर्मशाला में एक विशेष कार्यशाला का आयोजनकराया गया जो बहुत ही उत्साह पूर्ण रहा।
हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परम्परा का सम्यक बोध कराने के लिए अपने सभी विभागों के दो अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इसके तहत सभी विभाग दो अध्यापकों को संस्कृत बोध हेतु नामित करेंगे और हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय का संस्कृत विभाग इन नामित अध्यापकों में संस्कृत बोध पैदा करने के लिए एक वर्ष का पाठ्यक्रम डिजाइन करेगा। यह बातें हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने दस दिवसीय आवासीय संस्कृत संभाषण कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कहीं।

यह कार्यशाला हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय,नई दिल्ली और संस्कृत भारती, हिमाचल प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। प्रो.बंसल ने कहा कि परिसर में सांस्कृतिक बोध को सशक्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय और केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के मध्य जल्द ही एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया जाएगा।


इस अवसर पर केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने
आवासीय सम्भाषण कार्यशाला में सहभाग कर रहे सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और यह आशा जताई कि कार्यशाला भारतीय ज्ञान परम्परा के सातत्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

आवासीय सम्भाषण कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में अतिथियों का स्वागत संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. योगेन्द्र कुमार ने, विषय-प्रवर्तन कार्यशाला के मुख्य-संयाजक प्रो. बृहस्पति मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रणजीत कुमार ने किया। मंच का संचालन डॉ. नरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. नरेन्द्र सांख्यायन, संस्कृत भारती के हिमाचल प्रांत के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त डॉ. कुलदीप कुमार, डॉ अर्चना कुमारी, डॉ. भजहरि दास, डॉ. मुकेश कुमार सहित आवासीय संस्कृत सम्भाषण कार्यशाला में सहभागिता करने वाले विद्यार्थी-शोधार्थी उपस्थित रहे।

SS/RK/NK//(रिलीज़ आईडी: 2224228)